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🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की तीन दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन 🔥 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के विरोध में बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा चलाया गया तीन दिवसीय जनआंदोलन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में आयोजित भूख हड़ताल तीसरे दिन ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त हुई। आंदोलन के दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे कृषि, जल स्रोतों, वन्य जीवन और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बुंदेलखंड की प्राकृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। समाजसेवी शाहान अली ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियों की रक्षा केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि मानव अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर जागरूक रहने और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की। आंदोलन को समाजसेवी प्रमोद आज़ाद तथा पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस प्रद्युम्न दुबे का भी समर्थन प्राप्त हुआ। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे खनन, जंगलों की कटाई और जल स्रोतों के दोहन से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन गंभीर संकट में है। यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और प्राकृतिक विनाश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने तथा उनके पुनर्जीवन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। दिनांक 03 जून 2026 को आंदोलन के तीसरे दिन बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर मजिस्ट्रेट बांदा श्री संदीप केला को मांगपत्र/ज्ञापन सौंपा। नगर मजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके उपरांत नगर मजिस्ट्रेट श्री संदीप केला ने लगातार तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ए. एस. नोमानी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। इस अवसर पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, अवैध खनन पर रोक तथा जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी के संरक्षण के संकल्प को दोहराया। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल का चरण समाप्त हुआ है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जनजागरण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #पर्यावरण_संरक्षण

Banda, Banda | Jun 3, 2026

MORE NEWS

नवाब शादाब अली बहादुर का समस्त बांदा वासियों के नाम भावपूर्ण संदेश
प्रिय बांदा वासियों, नमस्कार, आदाब।
बांदा की गौरवशाली धरती वीरों, स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक विरासत की साक्षी रही है। आज मैं आप सभी से एक महत्वपूर्ण विषय पर संवाद करना चाहता हूँ।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी नवाब अली बहादुर द्वितीय ने देश और बुंदेलखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। किंतु यह अत्यंत दुःख का विषय है कि आज भी बांदा जनपद में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कोई प्रमुख महाविद्यालय, अस्पताल, उद्यान, वाचनालय अथवा अन्य सार्वजनिक संस्थान स्थापित नहीं किया गया है।
यह केवल एक व्यक्ति के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, हमारी विरासत और उन बलिदानों के सम्मान का प्रश्न है जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव मजबूत की।
मैं बांदा के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा बुद्धिजीवी वर्ग से अपील करता हूँ कि इस जनभावना को सशक्त बनाएं और शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज़ पहुँचाएं, ताकि नवाब अली बहादुर द्वितीय की स्मृति में एक भव्य एवं स्थायी स्मारक अथवा सार्वजनिक संस्थान की स्थापना हो सके।
आइए, हम सब मिलकर अपने इतिहास के इस महान नायक को वह सम्मान दिलाने का प्रयास करें जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।
आपका सहयोग और समर्थन ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
सादर,
नवाब शादाब अली बहादुर
भोपाल, मध्य प्रदेश
#नवाबअलीबहादुरद्वितीय
#बांदाकागौरव
#बुंदेलखंडइतिहास
#स्वतंत्रतासेनानीसम्मान
#BandaForHeritage

नवाब शादाब अली बहादुर का समस्त बांदा वासियों के नाम भावपूर्ण संदेश प्रिय बांदा वासियों, नमस्कार, आदाब। बांदा की गौरवशाली धरती वीरों, स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक विरासत की साक्षी रही है। आज मैं आप सभी से एक महत्वपूर्ण विषय पर संवाद करना चाहता हूँ। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी नवाब अली बहादुर द्वितीय ने देश और बुंदेलखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। किंतु यह अत्यंत दुःख का विषय है कि आज भी बांदा जनपद में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कोई प्रमुख महाविद्यालय, अस्पताल, उद्यान, वाचनालय अथवा अन्य सार्वजनिक संस्थान स्थापित नहीं किया गया है। यह केवल एक व्यक्ति के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, हमारी विरासत और उन बलिदानों के सम्मान का प्रश्न है जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। मैं बांदा के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा बुद्धिजीवी वर्ग से अपील करता हूँ कि इस जनभावना को सशक्त बनाएं और शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज़ पहुँचाएं, ताकि नवाब अली बहादुर द्वितीय की स्मृति में एक भव्य एवं स्थायी स्मारक अथवा सार्वजनिक संस्थान की स्थापना हो सके। आइए, हम सब मिलकर अपने इतिहास के इस महान नायक को वह सम्मान दिलाने का प्रयास करें जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। आपका सहयोग और समर्थन ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। सादर, नवाब शादाब अली बहादुर भोपाल, मध्य प्रदेश #नवाबअलीबहादुरद्वितीय #बांदाकागौरव #बुंदेलखंडइतिहास #स्वतंत्रतासेनानीसम्मान #BandaForHeritage

Banda, Banda | Aug 2, 2026

सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त रामदास प्रजापति का बांदा रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत
बांदा। तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंघोली निवासी एवं भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए आदरणीय श्री रामदास प्रजापति के बांदा आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। देश सेवा के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय समर्पित करने वाले रामदास प्रजापति के सम्मान में बांदा रेलवे स्टेशन पर अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम तथा पूर्व सैनिकों की टीम ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि सेना में लंबे समय तक राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिक समाज और देश के गौरव होते हैं। उनके सम्मान से युवाओं को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है।
स्वागत कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम की प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा पिंकी प्रजापति, प्रदेश महामंत्री आलोक दक्ष प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरीशंकर प्रजापति, समाजसेवी एवं संरक्षक रामलाल प्रजापति, सभासद एवं अध्यक्ष कृष्णचंद्र प्रजापति (टिंकू) सहित कुंजबिहारी प्रजापति, पुनीत कुमार प्रजापति, लोकदत्त प्रजापति, प्रदीप कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, रतनलाल प्रजापति (पूर्व सैनिक), मिश्रीलाल यादव (पूर्व सैनिक), श्रीकृष्ण प्रजापति (पूर्व सैनिक), ब्रजराज प्रजापति (पूर्व सैनिक), रमेश कुमार प्रजापति (पूर्व सैनिक), रामसेवक प्रजापति (पूर्व सैनिक), कालीचरण प्रजापति (पूर्व सैनिक) एवं केपी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्री रामदास प्रजापति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके द्वारा राष्ट्र की सेवा में दिए गए योगदान को नमन किया।
#RamdasPrajapati
#IndianArmy
#BandaNews
#PrajapatiSamaj
#JaiHindJaiBharat

सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त रामदास प्रजापति का बांदा रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत बांदा। तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंघोली निवासी एवं भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए आदरणीय श्री रामदास प्रजापति के बांदा आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। देश सेवा के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय समर्पित करने वाले रामदास प्रजापति के सम्मान में बांदा रेलवे स्टेशन पर अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम तथा पूर्व सैनिकों की टीम ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि सेना में लंबे समय तक राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिक समाज और देश के गौरव होते हैं। उनके सम्मान से युवाओं को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है। स्वागत कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम की प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा पिंकी प्रजापति, प्रदेश महामंत्री आलोक दक्ष प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरीशंकर प्रजापति, समाजसेवी एवं संरक्षक रामलाल प्रजापति, सभासद एवं अध्यक्ष कृष्णचंद्र प्रजापति (टिंकू) सहित कुंजबिहारी प्रजापति, पुनीत कुमार प्रजापति, लोकदत्त प्रजापति, प्रदीप कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, रतनलाल प्रजापति (पूर्व सैनिक), मिश्रीलाल यादव (पूर्व सैनिक), श्रीकृष्ण प्रजापति (पूर्व सैनिक), ब्रजराज प्रजापति (पूर्व सैनिक), रमेश कुमार प्रजापति (पूर्व सैनिक), रामसेवक प्रजापति (पूर्व सैनिक), कालीचरण प्रजापति (पूर्व सैनिक) एवं केपी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्री रामदास प्रजापति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके द्वारा राष्ट्र की सेवा में दिए गए योगदान को नमन किया। #RamdasPrajapati #IndianArmy #BandaNews #PrajapatiSamaj #JaiHindJaiBharat

Banda, Banda | Aug 2, 2026

सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त रामदास प्रजापति का बांदा रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत
बांदा। तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंघोली निवासी एवं भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए आदरणीय श्री रामदास प्रजापति के बांदा आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। देश सेवा के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय समर्पित करने वाले रामदास प्रजापति के सम्मान में बांदा रेलवे स्टेशन पर अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम तथा पूर्व सैनिकों की टीम ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि सेना में लंबे समय तक राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिक समाज और देश के गौरव होते हैं। उनके सम्मान से युवाओं को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है।
स्वागत कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम की प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा पिंकी प्रजापति, प्रदेश महामंत्री आलोक दक्ष प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरीशंकर प्रजापति, समाजसेवी एवं संरक्षक रामलाल प्रजापति, सभासद एवं अध्यक्ष कृष्णचंद्र प्रजापति (टिंकू) सहित कुंजबिहारी प्रजापति, पुनीत कुमार प्रजापति, लोकदत्त प्रजापति, प्रदीप कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, रतनलाल प्रजापति (पूर्व सैनिक), मिश्रीलाल यादव (पूर्व सैनिक), श्रीकृष्ण प्रजापति (पूर्व सैनिक), ब्रजराज प्रजापति (पूर्व सैनिक), रमेश कुमार प्रजापति (पूर्व सैनिक), रामसेवक प्रजापति (पूर्व सैनिक), कालीचरण प्रजापति (पूर्व सैनिक) एवं केपी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्री रामदास प्रजापति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके द्वारा राष्ट्र की सेवा में दिए गए योगदान को नमन किया।
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सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त रामदास प्रजापति का बांदा रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत बांदा। तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंघोली निवासी एवं भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए आदरणीय श्री रामदास प्रजापति के बांदा आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। देश सेवा के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय समर्पित करने वाले रामदास प्रजापति के सम्मान में बांदा रेलवे स्टेशन पर अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम तथा पूर्व सैनिकों की टीम ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि सेना में लंबे समय तक राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिक समाज और देश के गौरव होते हैं। उनके सम्मान से युवाओं को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है। स्वागत कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम की प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा पिंकी प्रजापति, प्रदेश महामंत्री आलोक दक्ष प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरीशंकर प्रजापति, समाजसेवी एवं संरक्षक रामलाल प्रजापति, सभासद एवं अध्यक्ष कृष्णचंद्र प्रजापति (टिंकू) सहित कुंजबिहारी प्रजापति, पुनीत कुमार प्रजापति, लोकदत्त प्रजापति, प्रदीप कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, रतनलाल प्रजापति (पूर्व सैनिक), मिश्रीलाल यादव (पूर्व सैनिक), श्रीकृष्ण प्रजापति (पूर्व सैनिक), ब्रजराज प्रजापति (पूर्व सैनिक), रमेश कुमार प्रजापति (पूर्व सैनिक), रामसेवक प्रजापति (पूर्व सैनिक), कालीचरण प्रजापति (पूर्व सैनिक) एवं केपी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्री रामदास प्रजापति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके द्वारा राष्ट्र की सेवा में दिए गए योगदान को नमन किया। #RamdasPrajapati #IndianArmy #BandaNews #PrajapatiSamaj #JaiHindJaiBharat

Banda, Banda | Aug 2, 2026

जुलाई का पूरा महीना बीत गया, लेकिन बुंदेलखंड में बारिश नाम मात्र ही हुई है। खेत सूखे पड़े हैं, तालाबों और जलस्रोतों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे हालात में सबसे बड़ी चिंता उन किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के लिए कोई साधन नहीं है।
जिन किसानों की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है, उनके सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बीज, खाद और मेहनत लगाने के बाद अगर बारिश नहीं हुई तो उनकी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
बुंदेलखंड का किसान आज भी आसमान की ओर देख रहा है और यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो खेती कैसे बचेगी और परिवार का गुजारा कैसे होगा?
यह सिर्फ एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की चिंता है। पानी की स्थायी व्यवस्था और किसानों के लिए ठोस कदम उठाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
आपके गांव और क्षेत्र में बारिश की क्या स्थिति है? अपनी राय जरूर बताएं।
UP 90 Creator 
#Bundelkhand #Banda #Kisan #WaterCrisis #Drought #FarmersIssue #Monsoon #BundelkhandNews #UttarPradesh

जुलाई का पूरा महीना बीत गया, लेकिन बुंदेलखंड में बारिश नाम मात्र ही हुई है। खेत सूखे पड़े हैं, तालाबों और जलस्रोतों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे हालात में सबसे बड़ी चिंता उन किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के लिए कोई साधन नहीं है। जिन किसानों की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है, उनके सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बीज, खाद और मेहनत लगाने के बाद अगर बारिश नहीं हुई तो उनकी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। बुंदेलखंड का किसान आज भी आसमान की ओर देख रहा है और यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो खेती कैसे बचेगी और परिवार का गुजारा कैसे होगा? यह सिर्फ एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की चिंता है। पानी की स्थायी व्यवस्था और किसानों के लिए ठोस कदम उठाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आपके गांव और क्षेत्र में बारिश की क्या स्थिति है? अपनी राय जरूर बताएं। UP 90 Creator #Bundelkhand #Banda #Kisan #WaterCrisis #Drought #FarmersIssue #Monsoon #BundelkhandNews #UttarPradesh

Banda, Banda | Aug 1, 2026

जुलाई का पूरा महीना बीत गया, लेकिन बुंदेलखंड में बारिश नाम मात्र ही हुई है। खेत सूखे पड़े हैं, तालाबों और जलस्रोतों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे हालात में सबसे बड़ी चिंता उन किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के लिए कोई साधन नहीं है।
जिन किसानों की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है, उनके सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बीज, खाद और मेहनत लगाने के बाद अगर बारिश नहीं हुई तो उनकी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
बुंदेलखंड का किसान आज भी आसमान की ओर देख रहा है और यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो खेती कैसे बचेगी और परिवार का गुजारा कैसे होगा?
यह सिर्फ एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की चिंता है। पानी की स्थायी व्यवस्था और किसानों के लिए ठोस कदम उठाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
आपके गांव और क्षेत्र में बारिश की क्या स्थिति है? अपनी राय जरूर बताएं।
#Bundelkhand #Banda #Kisan #WaterCrisis #Drought #FarmersIssue #Monsoon #BundelkhandNews #UttarPradesh

जुलाई का पूरा महीना बीत गया, लेकिन बुंदेलखंड में बारिश नाम मात्र ही हुई है। खेत सूखे पड़े हैं, तालाबों और जलस्रोतों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे हालात में सबसे बड़ी चिंता उन किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के लिए कोई साधन नहीं है। जिन किसानों की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है, उनके सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बीज, खाद और मेहनत लगाने के बाद अगर बारिश नहीं हुई तो उनकी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। बुंदेलखंड का किसान आज भी आसमान की ओर देख रहा है और यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो खेती कैसे बचेगी और परिवार का गुजारा कैसे होगा? यह सिर्फ एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की चिंता है। पानी की स्थायी व्यवस्था और किसानों के लिए ठोस कदम उठाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आपके गांव और क्षेत्र में बारिश की क्या स्थिति है? अपनी राय जरूर बताएं। #Bundelkhand #Banda #Kisan #WaterCrisis #Drought #FarmersIssue #Monsoon #BundelkhandNews #UttarPradesh

Banda, Banda | Aug 1, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की तीन दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन 🔥 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के विरोध में बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा चलाया गया तीन दिवसीय जनआंदोलन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में आयोजित भूख हड़ताल तीसरे दिन ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त हुई। आंदोलन के दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे कृषि, जल स्रोतों, वन्य जीवन और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बुंदेलखंड की प्राकृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। समाजसेवी शाहान अली ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियों की रक्षा केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि मानव अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर जागरूक रहने और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की। आंदोलन को समाजसेवी प्रमोद आज़ाद तथा पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस प्रद्युम्न दुबे का भी समर्थन प्राप्त हुआ। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे खनन, जंगलों की कटाई और जल स्रोतों के दोहन से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन गंभीर संकट में है। यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और प्राकृतिक विनाश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने तथा उनके पुनर्जीवन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। दिनांक 03 जून 2026 को आंदोलन के तीसरे दिन बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर मजिस्ट्रेट बांदा श्री संदीप केला को मांगपत्र/ज्ञापन सौंपा। नगर मजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके उपरांत नगर मजिस्ट्रेट श्री संदीप केला ने लगातार तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ए. एस. नोमानी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। इस अवसर पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, अवैध खनन पर रोक तथा जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी के संरक्षण के संकल्प को दोहराया। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल का चरण समाप्त हुआ है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जनजागरण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #पर्यावरण_संरक्षण - Banda News