#पीएम-सेतु से कौशल और रोजगार के बीच की खाई होगी कम: राजनाथ सिंह
#लखनऊ में पीएम-सेतु उद्योग सम्मेलन, #रक्षामंत्री ने उद्योगों से कौशल विकास में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
#लखनऊ। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से रविवार को लखनऊ में पीएम-सेतु उद्योग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सरकार, उद्योग, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों, सेक्टर स्किल काउंसिल और कौशल विकास क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित करना रहा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए #रक्षामंत्री #राजनाथ #सिंह ने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी शक्ति बनाने के लिए उच्च कौशल वाले मानव संसाधन की जरूरत है। रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रोबोटिक्स, सटीक इंजीनियरिंग और स्वचालन जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करना जरूरी है।
#उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी नेतृत्व की आकांक्षा को पूरा करने के लिए मजबूत रक्षा औद्योगिक आधार के साथ सशक्त कौशल विकास व्यवस्था भी जरूरी है। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकोसिस्टम और रक्षा गलियारे के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य विनिर्माण और रक्षा उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
#राजनाथ #सिंह ने उद्योगों से पीएम-सेतु को केवल सरकारी योजना के रूप में नहीं, बल्कि साझेदारी के मिशन के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य रक्षा संस्थानों से आईटीआई के आधुनिकीकरण तथा शिक्षुता के अवसर बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
#उन्होंने कहा कि पीएम-सेतु की सफलता का आकलन केवल स्थापित की गई मशीनों या सुविधाओं की संख्या से नहीं, बल्कि इससे पैदा होने वाले रोजगार और युवाओं के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से किया जाना चाहिए।
#उद्योगों को आईटीआई की जिम्मेदारी लेने का आह्वान
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु सरकार, उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच नए साझेदारी मॉडल के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य आईटीआई क्लस्टरों के विकास, संचालन और प्रबंधन में उद्योगों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है।
#उन्होंने कहा कि उद्योगों को केवल सीएसआर गतिविधियों तक सीमित न रहकर आईटीआई के विकास की जिम्मेदारी में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। पीएम-सेतु के माध्यम से उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षुता और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
#उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री #ब्रजेश पाठक ने कौशल विकास इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और सम्मेलन में शामिल उद्योगों को सहयोग का भरोसा दिया।
#प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) #कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आठ पीएम-सेतु क्लस्टरों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आईटीआई नेटवर्क को उद्योगों की जरूरत और नई तकनीकों के अनुरूप विकसित करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।
#एक क्लस्टर में 241 करोड़ रुपये तक निवेश की संभावना
#पीएम-सेतु योजना के तहत एक हब आईटीआई और चार स्पोक आईटीआई वाले क्लस्टर प्रोजेक्ट में 241 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इसमें केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार 17 प्रतिशत तक योगदान करेंगे।
#प्रस्तावित विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) व्यवस्था में एंकर उद्योग भागीदारों को 51 प्रतिशत स्वामित्व दिया जाएगा, जबकि केंद्र और राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत होगी।
#उत्तरप्रदेश में अब तक 8 क्लस्टरों के तहत 32 आईटीआई की पहचान की जा चुकी है। इनमें से सात क्लस्टर अभी उद्योग भागीदारी के लिए खुले हैं।
#सम्मेलन में बताया गया कि पीएम-सेतु के तहत पांच राज्यों के सात समूहों में स्वीकृत उद्योग भागीदारी प्रस्तावों के तहत 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के उद्योग-नेतृत्व वाले निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है।
#शौर्य अकादमी के लिए समझौता
#कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और लखनऊ छावनी बोर्ड के बीच शौर्य अकादमी की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में करियर के लिए तैयार करना है।
#सम्मेलन में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस सहित रक्षा एवं विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
स्रोत:-PIB, रिलीज़ आईडी 2304751