#संगरिया_की_आवाज़ | डॉक्टर का पक्ष भी जानना जरूरी 1️⃣
सोशल मीडिया पर किसी भी घटना का एक पक्ष तेजी से वायरल हो जाता है, लेकिन निष्पक्ष पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है कि हर पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।
पिछले दिनों संगरिया के सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉ. प्रिंस भाटिया से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद डॉ. भाटिया ने अपना पक्ष रखते हुए एक वीडियो भेजा है, जिसे संगरिया की आवाज़ जनता तक पहुंचा रही है, ताकि लोग पूरे मामले को दोनों पक्षों से समझ सकें।
डॉ. भाटिया का कहना है कि कुछ लोग अपनी मनमर्जी के अनुसार दवाइयां, जांचें या अन्य सुविधाएं दिलाने का दबाव बनाते हैं। जब नियमों के अनुसार ऐसा संभव नहीं होता, तो सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जाता है। उनका यह भी कहना है कि इससे पहले भी उन पर दबाव बनाने और बदनाम करने की कोशिशें की गईं, लेकिन उन्होंने हमेशा नियमों और चिकित्सा मानकों के अनुसार ही कार्य किया।
यह भी एक गंभीर सवाल है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या डॉक्टर पर बार-बार इस प्रकार का अनावश्यक दबाव बनाया जाएगा, तो भविष्य में योग्य डॉक्टर छोटे शहरों और कस्बों में सेवाएं देने से हिचकिचा सकते हैं। इसका सीधा असर आम जनता की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है।
संगरिया की आवाज़ का उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि सत्य और निष्पक्ष जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इसलिए हम सभी से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या आरोप के आधार पर तुरंत निष्कर्ष न निकालें। पहले सभी पक्षों को सुनें, तथ्यों को समझें और फिर अपनी राय बनाएं।
सच्चाई तथ्यों से तय होती है, केवल वायरल वीडियो से नहीं।
संगरिया की आवाज़।