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पति की हत्/या कर बाथरूम में दफनाने तक! आगरा हत्/याकांड ने सबको चौंकाया.... #Agra #CrimeNews #UPPolice #UttarPradesh #YogiAdityanath #PMModi #virałpost

Purnia East, Purnia | Jul 4, 2026

MORE NEWS

समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:-865,
दिनांक:-04/07/2026,
===================

 पर्यवेक्षण गृह पूर्णिया का जिलाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण:-

 श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला निरीक्षण समिति के द्वारा पर्यवेक्षण गृह, पूर्णिया का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान समिति के सभी सदस्य मौजूद थे।  

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि पर्यवेक्षण गृह में कुल-78 बच्चें आवासित हैं।जिसमें पूर्णिया जिला के 20 एवं कटिहार जिला के 58 बच्चें आवासित हैं। 

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि पर्यवेक्षण गृह के बच्चें कक्षा में पठन-पाठन करते पाए गए।
 सभी वर्ग के बच्चों के लिए उम्र एवं कक्षा के अनुसार अलग-अलग कक्षा की व्यवस्था की गयी है। 

जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा मौके पर बच्चों से रु०ब०रु०
होकर शिक्षण संबंधी पूछ-ताछ एवं जानकारी प्राप्त की गयी। 

जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा द्वारा बच्चों के बीच नोट-पुस्तिका वितरण किया गया।सभी बच्चों केे रूचि अनुरूप पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पुस्तकें, कहानी की किताबे, उपन्यास एवं विभिन्न प्रतियोग परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराने का निदेश अधीक्षक, पर्यवेक्षण गृह को दिया गया। 

मौके पर अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि 08 शिक्षक शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्त है। जिनके द्वारा आवासित बच्चों को पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करायी जाती है।  

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं जैसे आवास, भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा एवं पुनर्वासन से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया गया।उन्होंने बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी प्राप्त की। जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं। 

उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने का भी निर्देश दिया।

पर्यवेक्षण गृह में आवासित किशोरों के चिकित्सा के बारे में पृच्छा करने पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि असैनिक शल्य चिकित्सक -सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच हेतु रोस्टर ड्युटी के अनुसार दैनिक रूप से चिकित्सा पदाधिकारी, ए0एन0एम0, लैब टेक्निशियन एवं फार्मासिस्ट प्रतिनियुक्त हैं। निरीक्षण के क्रम में डाॅक्टर की टीम द्वारा सभी बच्चों का टी0बी0 जांच कराया जा रहा था। बच्चों की त्वचा संबंधी समस्याओं की निदान के लिए मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि त्वचारोग विशेषज्ञ को नियमित रूप से गृह भ्रमण करना सुनिश्चित किया जाय। 

सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि बच्चों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त कम्प्युटर शिक्षा, कला एवं शिल्प, नाट्यकला, नुक्कड़ नाटक, आदि का प्रशिक्षण/कौशल गृह में प्रदान किया जाता है। निरीक्षण के समय बच्चों को कला एवं शिल्प का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधीक्षक द्वारा बताया गया कि बच्चों को कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उपस्थित कम्प्युटर का प्रशिक्षण दे रहे शिक्षकों को निदेश दिया गया कि बच्चों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण के अतिरिक्त अंग्रेजी एवं हिन्दी टाइपिंग में निपुण बनाने हेतु उपयुक्त प्रशिक्षण प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे। साथ हीं किलकारी के माध्यम से बच्चों को विविध प्रशिक्षण दिलाने का निदेश दिया गया।  
 अधीक्षक, पर्यवेक्षण गृह को निदेशित किया गया कि अपने अधीनस्थ कर्मियों के विभागीय निदेशानुसार स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन, आवासन, इत्यादि का दैनिक रूप से पर्यवेक्षण करते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया को उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। 

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को शीघ्र दूर करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि बच्चों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा हो तथा उन्हें एक सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता भवन प्रमण्डल को निदेशित किया गया कि गृह के रसोईघर, डाईनिंग हाॅल का फर्श की मरम्मति एवं जीर्णोद्धार कर आधुनिक नवीकरण कराने तथा एग्जाॅस्ट फैन, रसोईघर के चिमनी संचालन करने तथा आंतरिक विद्युतीकरण कराने का निदेश दिया गया।

जिला निरीक्षण समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अवलोकन गृह की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया।

समाज कल्याण विभाग के निदेशानुसार यह त्रैमासिक निरीक्षण बच्चों के हितों की रक्षा एवं उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिल सकें।

इस अवसर पर श्री राज कुमार गुप्ता, अपर समाहत्र्ता, विधि एवं व्यवस्था, श्री रविन्द्र प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमण्डल, श्री सुमित प्रकाश अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, सदस्य, किशोर न्याय परिषद, एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति:-865, दिनांक:-04/07/2026, =================== पर्यवेक्षण गृह पूर्णिया का जिलाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण:- श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला निरीक्षण समिति के द्वारा पर्यवेक्षण गृह, पूर्णिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समिति के सभी सदस्य मौजूद थे। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि पर्यवेक्षण गृह में कुल-78 बच्चें आवासित हैं।जिसमें पूर्णिया जिला के 20 एवं कटिहार जिला के 58 बच्चें आवासित हैं। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि पर्यवेक्षण गृह के बच्चें कक्षा में पठन-पाठन करते पाए गए। सभी वर्ग के बच्चों के लिए उम्र एवं कक्षा के अनुसार अलग-अलग कक्षा की व्यवस्था की गयी है। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा मौके पर बच्चों से रु०ब०रु० होकर शिक्षण संबंधी पूछ-ताछ एवं जानकारी प्राप्त की गयी। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा द्वारा बच्चों के बीच नोट-पुस्तिका वितरण किया गया।सभी बच्चों केे रूचि अनुरूप पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पुस्तकें, कहानी की किताबे, उपन्यास एवं विभिन्न प्रतियोग परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराने का निदेश अधीक्षक, पर्यवेक्षण गृह को दिया गया। मौके पर अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि 08 शिक्षक शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्त है। जिनके द्वारा आवासित बच्चों को पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करायी जाती है। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं जैसे आवास, भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा एवं पुनर्वासन से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया गया।उन्होंने बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी प्राप्त की। जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने का भी निर्देश दिया। पर्यवेक्षण गृह में आवासित किशोरों के चिकित्सा के बारे में पृच्छा करने पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि असैनिक शल्य चिकित्सक -सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच हेतु रोस्टर ड्युटी के अनुसार दैनिक रूप से चिकित्सा पदाधिकारी, ए0एन0एम0, लैब टेक्निशियन एवं फार्मासिस्ट प्रतिनियुक्त हैं। निरीक्षण के क्रम में डाॅक्टर की टीम द्वारा सभी बच्चों का टी0बी0 जांच कराया जा रहा था। बच्चों की त्वचा संबंधी समस्याओं की निदान के लिए मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि त्वचारोग विशेषज्ञ को नियमित रूप से गृह भ्रमण करना सुनिश्चित किया जाय। सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बताया गया कि बच्चों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त कम्प्युटर शिक्षा, कला एवं शिल्प, नाट्यकला, नुक्कड़ नाटक, आदि का प्रशिक्षण/कौशल गृह में प्रदान किया जाता है। निरीक्षण के समय बच्चों को कला एवं शिल्प का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधीक्षक द्वारा बताया गया कि बच्चों को कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उपस्थित कम्प्युटर का प्रशिक्षण दे रहे शिक्षकों को निदेश दिया गया कि बच्चों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण के अतिरिक्त अंग्रेजी एवं हिन्दी टाइपिंग में निपुण बनाने हेतु उपयुक्त प्रशिक्षण प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे। साथ हीं किलकारी के माध्यम से बच्चों को विविध प्रशिक्षण दिलाने का निदेश दिया गया। अधीक्षक, पर्यवेक्षण गृह को निदेशित किया गया कि अपने अधीनस्थ कर्मियों के विभागीय निदेशानुसार स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन, आवासन, इत्यादि का दैनिक रूप से पर्यवेक्षण करते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया को उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को शीघ्र दूर करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि बच्चों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा हो तथा उन्हें एक सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता भवन प्रमण्डल को निदेशित किया गया कि गृह के रसोईघर, डाईनिंग हाॅल का फर्श की मरम्मति एवं जीर्णोद्धार कर आधुनिक नवीकरण कराने तथा एग्जाॅस्ट फैन, रसोईघर के चिमनी संचालन करने तथा आंतरिक विद्युतीकरण कराने का निदेश दिया गया। जिला निरीक्षण समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अवलोकन गृह की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया। समाज कल्याण विभाग के निदेशानुसार यह त्रैमासिक निरीक्षण बच्चों के हितों की रक्षा एवं उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिल सकें। इस अवसर पर श्री राज कुमार गुप्ता, अपर समाहत्र्ता, विधि एवं व्यवस्था, श्री रविन्द्र प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमण्डल, श्री सुमित प्रकाश अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, सदस्य, किशोर न्याय परिषद, एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jul 4, 2026

समाहरणालय पूर्णिया 
जिला जनसंपर्क कार्यालय 
प्रेस विज्ञप्ति:-866, 
दिनांक :-4 जुलाई 2026 

जिला पदाधिकारी, पूर्णिया श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) द्वारा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग +2 कन्या आवासीय उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया गया । 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जीविका द्वारा संचालित रसोई की व्यवस्था, छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। 

जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, आवासीय व्यवस्था, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी ली गई । 

छात्राओं से ली गई जानकारी एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। 

जिला पदाधिकारी द्वारा छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया गया ।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया जिला जनसंपर्क कार्यालय प्रेस विज्ञप्ति:-866, दिनांक :-4 जुलाई 2026 जिला पदाधिकारी, पूर्णिया श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) द्वारा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग +2 कन्या आवासीय उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने जीविका द्वारा संचालित रसोई की व्यवस्था, छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, आवासीय व्यवस्था, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी ली गई । छात्राओं से ली गई जानकारी एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। जिला पदाधिकारी द्वारा छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया गया । Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jul 4, 2026

समाहरणालय पूर्णिया 
जिला जनसंपर्क कार्यालय 
प्रेस विज्ञप्ति:- 870,
दिनांक:- 4 जुलाई 2026 
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बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के 28वें स्थापना दिवस पर पूर्णिया जिला के एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ0 सौरभ कुमार और सहयोगी संस्था ऐडेन्ट के कार्यक्रम प्रबंधक संजीत कुमार सिंह को किया गया सम्मानित:-

एड्स संक्रमित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित करने के लिए पूर्णतः कार्यरत करता है एआरटी सेंटर पूर्णिया:-

•एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार के लिए सभी चिकित्सकीय सुविधा रहता है एआरटी सेंटर में :-

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना द्वारा एड्स नियंत्रण के 28वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में एड्स ग्रसित मरीजों की पहचान और नियमित उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णिया जिला के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में संचालित एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ0 सौरभ कुमार और सहयोगी संस्था ऐडेन्ट पूर्णिया के कार्यक्रम प्रबंधक संजीत कुमार सिंह को सम्मानित किया गया। 

दोनों स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी को बुधवार को पटना के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान द्वारा शेखपुरा के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 

एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार के लिए सभी चिकित्सकीय सुविधा रहता है एआरटी सेंटर में:-

एआरटी सेंटर चिकित्सक डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि असुरक्षित यौन संबंध या ग्रसित व्यक्ति के मेडिकल किट्स के संपर्क में आने से कोई भी सामान्य व्यक्ति एड्स संक्रमण का शिकार हो सकता है। 

खून जांच से ग्रसित व्यक्ति के ग्रसित होने की जानकारी प्राप्त होती है। इसके बाद ग्रसित व्यक्ति को चिकित्सक से संपर्क करते हुए उपलब्ध कराई जा रही दवा का नियमित सेवन से एड्स बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है और ग्रसित व्यक्ति स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं। 

डॉ0 सौरभ कुमार ने बताया कि एड्स बीमारी से सुरक्षा के लिए सामान्य लोगों को असुरक्षित यौन संबंध से सुरक्षित रहना चाहिए ताकि वे अपना स्वस्थ्य जीवन जी सकें।

एचआईवी से लड़ाई में एक दिन का भी रुकना हो सकता है खतरनाक : डॉ0 सौरभ कुमार:-

डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं ने कई चुनौतियों का सामना किया है जैसे महामारी, संसाधनों की कमी, बढ़ता कार्यभार और दूरदराज क्षेत्रों में सेवाओं का बाधित होना। 

इन परिस्थितियों ने एचआईवी टेस्टिंग, उपचार को प्रभावित किया है 

इसलिए हमारा पहला दायित्व है कि हम किसी भी परिस्थितियों में सेवाओं की निरंतरता बनाए रखें। 

इसमें टेस्टिंग आसान और सुलभ रहे, एआरटी दवाएं निर्बाध मिले, मरीज नियमित फॉलोअप में रहें और उन्हें मानसिक सामाजिक समर्थन मिलता रहे। 

एचआईवी के प्रति हमारी प्रतिक्रिया को आज एक नए युग के अनुसार बदलने की आवश्यकता है। 

परिवर्तन का अर्थ है - एचआईवी सेवाओं को टीबी, मातृत्व, किशोर स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, डिजिटल हेल्थ, टेली-कंसल्टेंशन और समुदाय आधारित सेवाओं का उपयोग बढ़ना, पीईपी और नई उपकरण तकनीकों को अधिक लोगों तक पहुँचाना और सबसे महत्वपूर्ण मरीज केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना। 

जब सेवाएं सामान्य, सहानुभूति और सुविधा के साथ दी जाती है तो मरीज उपचार से जुड़ा रहता है और बेहतर परिणाम मिलते हैं। 

 हमें यह संदेश हर मरीज और हर परिवार तक पहुँचाना चाहिए कि - 
•एचआईवी एक प्रबंधनीय स्थिति है।
•एआरटी लेने वाला हर व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है और नियमित उपचार पर रहने वाला व्यक्ति वायरस नहीं फैलाता है।

समाज से यह बीमारी हटेगा तो लोग आगे आएंगे, एचआईवी टेस्ट करवाएंगे और बिना डर के उपचार करेंगे। 

डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हर मरीज को गरिमा और गोपनीयता मिले, उन्हें सटीक जानकारी और सही दिशा निर्देश मिले और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ग्रसित मरीजों की भावनात्मक जरूरतों को भी समझे। 

एचआईवी से निपटने में सिर्फ दवाएं ही नहीं बल्कि हमारा व्यवहार और संवेदनशीलता को भी महत्वपूर्ण देते हुए उसका पालन करते हुए मरीजों को सुरक्षित रखें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया जिला जनसंपर्क कार्यालय प्रेस विज्ञप्ति:- 870, दिनांक:- 4 जुलाई 2026 ===================== बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के 28वें स्थापना दिवस पर पूर्णिया जिला के एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ0 सौरभ कुमार और सहयोगी संस्था ऐडेन्ट के कार्यक्रम प्रबंधक संजीत कुमार सिंह को किया गया सम्मानित:- एड्स संक्रमित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित करने के लिए पूर्णतः कार्यरत करता है एआरटी सेंटर पूर्णिया:- •एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार के लिए सभी चिकित्सकीय सुविधा रहता है एआरटी सेंटर में :- बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना द्वारा एड्स नियंत्रण के 28वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में एड्स ग्रसित मरीजों की पहचान और नियमित उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णिया जिला के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में संचालित एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ0 सौरभ कुमार और सहयोगी संस्था ऐडेन्ट पूर्णिया के कार्यक्रम प्रबंधक संजीत कुमार सिंह को सम्मानित किया गया। दोनों स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी को बुधवार को पटना के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान द्वारा शेखपुरा के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार के लिए सभी चिकित्सकीय सुविधा रहता है एआरटी सेंटर में:- एआरटी सेंटर चिकित्सक डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि असुरक्षित यौन संबंध या ग्रसित व्यक्ति के मेडिकल किट्स के संपर्क में आने से कोई भी सामान्य व्यक्ति एड्स संक्रमण का शिकार हो सकता है। खून जांच से ग्रसित व्यक्ति के ग्रसित होने की जानकारी प्राप्त होती है। इसके बाद ग्रसित व्यक्ति को चिकित्सक से संपर्क करते हुए उपलब्ध कराई जा रही दवा का नियमित सेवन से एड्स बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है और ग्रसित व्यक्ति स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं। डॉ0 सौरभ कुमार ने बताया कि एड्स बीमारी से सुरक्षा के लिए सामान्य लोगों को असुरक्षित यौन संबंध से सुरक्षित रहना चाहिए ताकि वे अपना स्वस्थ्य जीवन जी सकें। एचआईवी से लड़ाई में एक दिन का भी रुकना हो सकता है खतरनाक : डॉ0 सौरभ कुमार:- डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं ने कई चुनौतियों का सामना किया है जैसे महामारी, संसाधनों की कमी, बढ़ता कार्यभार और दूरदराज क्षेत्रों में सेवाओं का बाधित होना। इन परिस्थितियों ने एचआईवी टेस्टिंग, उपचार को प्रभावित किया है इसलिए हमारा पहला दायित्व है कि हम किसी भी परिस्थितियों में सेवाओं की निरंतरता बनाए रखें। इसमें टेस्टिंग आसान और सुलभ रहे, एआरटी दवाएं निर्बाध मिले, मरीज नियमित फॉलोअप में रहें और उन्हें मानसिक सामाजिक समर्थन मिलता रहे। एचआईवी के प्रति हमारी प्रतिक्रिया को आज एक नए युग के अनुसार बदलने की आवश्यकता है। परिवर्तन का अर्थ है - एचआईवी सेवाओं को टीबी, मातृत्व, किशोर स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, डिजिटल हेल्थ, टेली-कंसल्टेंशन और समुदाय आधारित सेवाओं का उपयोग बढ़ना, पीईपी और नई उपकरण तकनीकों को अधिक लोगों तक पहुँचाना और सबसे महत्वपूर्ण मरीज केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना। जब सेवाएं सामान्य, सहानुभूति और सुविधा के साथ दी जाती है तो मरीज उपचार से जुड़ा रहता है और बेहतर परिणाम मिलते हैं। हमें यह संदेश हर मरीज और हर परिवार तक पहुँचाना चाहिए कि - •एचआईवी एक प्रबंधनीय स्थिति है। •एआरटी लेने वाला हर व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है और नियमित उपचार पर रहने वाला व्यक्ति वायरस नहीं फैलाता है। समाज से यह बीमारी हटेगा तो लोग आगे आएंगे, एचआईवी टेस्ट करवाएंगे और बिना डर के उपचार करेंगे। डॉ0 सौरभ कुमार ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हर मरीज को गरिमा और गोपनीयता मिले, उन्हें सटीक जानकारी और सही दिशा निर्देश मिले और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ग्रसित मरीजों की भावनात्मक जरूरतों को भी समझे। एचआईवी से निपटने में सिर्फ दवाएं ही नहीं बल्कि हमारा व्यवहार और संवेदनशीलता को भी महत्वपूर्ण देते हुए उसका पालन करते हुए मरीजों को सुरक्षित रखें। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jul 4, 2026

आगरा में रिश्तों का खौफनाक अंत!

उत्तर प्रदेश के Agra से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने ही पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया।

पुलिस के मुताबिक, शव को छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर पहले प्लास्टर कराया गया और फिर टाइल्स लगवा दी गईं, ताकि किसी को शक न हो। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला करीब 45 दिनों तक पति के लापता होने का नाटक करती रही।

पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर जुर्म कबूल किया, जिसके बाद पुलिस ने बाथरूम की फर्श तुड़वाकर कंकाल बरामद किया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस खौफनाक साजिश में और कौन-कौन शामिल था।

#Agra #CrimeNews #UPPolice #CrimeNews #BreakingNews

आगरा में रिश्तों का खौफनाक अंत! उत्तर प्रदेश के Agra से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने ही पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। पुलिस के मुताबिक, शव को छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर पहले प्लास्टर कराया गया और फिर टाइल्स लगवा दी गईं, ताकि किसी को शक न हो। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला करीब 45 दिनों तक पति के लापता होने का नाटक करती रही। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर जुर्म कबूल किया, जिसके बाद पुलिस ने बाथरूम की फर्श तुड़वाकर कंकाल बरामद किया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस खौफनाक साजिश में और कौन-कौन शामिल था। #Agra #CrimeNews #UPPolice #CrimeNews #BreakingNews

Purnia East, Purnia | Jul 4, 2026