पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर
मेयर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बैठक हुई संपन्न, 15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था
गयाजी। विश्वविख्यात पितृपक्ष मेला-2026 को इस बार पहले से अधिक भव्य, हाईटेक और विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में गया नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर निगम सभागार में मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया।
बैठक में आगामी 26 सितंबर से प्रारंभ होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई और तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मेयर गणेश पासवान ने स्पष्ट किया कि इस बार मेले की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल गयाजी की पहचान नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को पेयजल, सफाई, प्रकाश या अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था
बैठक में निर्णय लिया गया कि मेला क्षेत्र के 15 प्रमुख स्थानों पर वाटर स्टैंड पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा मेला क्षेत्र में सोलर वाटर एटीएम, आधुनिक मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पितृपक्ष मेला की व्यवस्था वर्ल्ड क्लास और हाईटेक होनी चाहिए : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने कहा कि नगर निगम की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता पितृपक्ष मेला है। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस विश्वप्रसिद्ध मेले में लाखों श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। इसलिए इस बार नगर निगम का लक्ष्य मेला व्यवस्था को वर्ल्ड क्लास बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में आधुनिक मशीनों एवं आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से 24 घंटे सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरा संग्रहण, शौचालयों की सफाई और स्वच्छता की लगातार निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
एलईडी, लेजर लाइट शो और डिजिटल प्रस्तुति से मिलेगा धार्मिक विरासत का परिचय : मोहन श्रीवास्तव
बैठक में समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार मेला क्षेत्र को अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा। प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और पिंडदान स्थलों पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
साथ ही फल्गु नदी स्थित लेजर लाइट शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी, विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, बोधगया तथा यहां की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ गयाजी की सांस्कृतिक पहचान से भी रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
सफाई नाव से होगी फल्गु नदी की सफाई
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पितृपक्ष मेले से पहले फल्गु नदी की सफाई नावों के माध्यम से कराई जाएगी। नदी में जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा, ताकि पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र जल उपलब्ध हो सके तथा धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
होडिंग, बैनर और सेल्फी प्वाइंट से सजेगा पूरा मेला क्षेत्र
सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार पूरा मेला क्षेत्र आकर्षक होडिंग, बैनर और स्वागत द्वारों से सजाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रह्मसत्य सरोवर में वर्षों से बंद पड़े लाइट एंड साउंड सिस्टम को पुनः चालू कराया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी और बोधगया के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट, एलईडी डिस्प्ले और आकर्षक सजावट की जाएगी, जिससे मेले का स्वरूप आधुनिक और पर्यटन अनुकूल दिखाई देगा।
नालों की सफाई और जलजमाव रोकने पर विशेष जोर
बैठक में मॉनसून को देखते हुए शहर के नालों और नालियों की सफाई की भी समीक्षा की गई। स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार ने बताया कि शहर में कुल 338 नाले और नालियां हैं, जिनमें से 305 की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष नालों की सफाई भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।
इस पर समिति सदस्य सारिका कुमारी ने नदारागंज नाले की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां अब तक संतोषजनक कार्य नहीं हुआ है। यदि शीघ्र सफाई नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
बैठक में पितृपक्ष मेला की तैयारियों के अलावा शहर के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से—
शहर के आठ तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना पर विस्तार से चर्चा।
नगर निगम के 1 से 46 वार्डों में नए पुस्तकालय (लाइब्रेरी) भवनों के निर्माण एवं कई योजनाओं के कार्य प्रारंभ करने पर सहमति।
पितृपक्ष मेला-2026 को हाईटेक और आधुनिक स्वरूप देने के प्रस्ताव को स्वीकृति।
शहर के सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने का निर्णय। टूटे हुए नालों और सड़कों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य कराने पर जोर। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, सारिका कुमारी, चुन्नु खान, तबस्सुम परवीन सहित नगर निगम के अधिकारी, अभियंता (जेई, एई) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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