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जनता दरबार में डीएम का सख्त निर्देश: 50 से ज्यादा फरियाद सुनीं, बोले- मौके पर करें समाधान गया। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शुक्रवार को दोपहर 1 बजे समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में 50 से अधिक आमजनों की फरियाद सुनी। जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे डीएम के सामने रखीं। इस दौरान भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएं, पेंशन, मुआवजा, घरेलू हिंसा और शिक्षा विभाग से जुड़े कई मामले सामने आए। डीएम ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता दरबार में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उनका ऑन द स्पॉट निपटारा सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। जिन मामलों में जांच या विभागीय कार्रवाई जरूरी है, उनमें भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जनता दरबार में लोगों ने आवास योजना का लाभ दिलाने, पेंशन की समस्या दूर करने, स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतों और मुआवजा सहित अन्य मामलों को लेकर आवेदन सौंपे। घरेलू हिंसा और शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों पर भी डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। #गयाजी #गया_हो #GayaPolice #bihar #gaya #गया #deoghar #LatestNews

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बिहार के गयाजी में बड़ा हादसा, कुएं में फंसे युवक को बचाने उतरे 3 लोग.. दम घुटने से 4 की मौत

गया: बिहार के गया जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में एक कुआं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब ग्रामीण कुआं में उतर कर मोटर को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने चारों शव कुआं से निकाला.

गया में जहरीली गैस ने ली 4 की जान ली: मृतकों की पहचान चमारी मांझी, दिलचंद मांझी, विकास चौधरी और विजय चौधरी के रूप में हुई है. इसमें चमारी मांझी और दिलचंद मांझी पिता- पुत्र है. बताया जाता है कि सबसे पहले चमारी मांझी ही कुएं में उतरा था. इसके बाद उसका पुत्र दिलचंद मांझी और फिर विकास चौधरी और विजय चौधरी उतरे. 

घटना के संबंध मे डोभी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को कुआं में उतरे चार युवकों की मौत हो गई है. एक युवक पहले कुआं में उतरा था. उसके बाद दूसरा फिर तीसरा और फिर चौथा युवक उतरा. किंतु कोई भी वापस नहीं लौटा. सभी की मौत कुआं से निकल रही जहरीली गैस से दम घुटने के कारण हो गई है.

स्थानीय लोगों ने भी बताया कि कुआं में बोरिंग था. खेती कार्य को लेकर बोरिंग का सेक्शन जोड़ने के लिए एक युवक कुआं में उतरा. किंतु, वह काफी देर तक नहीं लौटा. उसके नहीं लौटने के बाद एक और युवक कुआं के अंदर गया, तो वह भी नहीं लौटा. इसके बाद तीसरा और फिर चौथा युवक भी गया. इसी तरह चारो कुआं में उतर गए.

कुआं में जहरीली गैस का प्रभाव: कुआं में उतरे चारों युवकों की मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है. बताया जा रहा है, कि कुआं में जहरीली गैस का प्रभाव रहा होगा, जिसकी चपेट में सभी आ गए और एक के बाद एक कर सभी की मौत हो गई. फिलहाल घटना के बाद गांव के लोग सन्न रह गए हैं. गांव में मातम पसर गया है.

घटना की जानकारी के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. दमकल विभाग के कर्मियों के द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा था. इसी क्रम में जहरीली गैस का प्रभाव इतना ज्यादा था, कि फायरमैन अजीत कुमार भी इसकी चपेट में आ गया और वह भी बेहोश हो गए. हालांकि थोड़ी देर बाद ही उनकी हालत सामान्य हो गई.
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बिहार के गयाजी में बड़ा हादसा, कुएं में फंसे युवक को बचाने उतरे 3 लोग.. दम घुटने से 4 की मौत गया: बिहार के गया जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में एक कुआं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब ग्रामीण कुआं में उतर कर मोटर को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने चारों शव कुआं से निकाला. गया में जहरीली गैस ने ली 4 की जान ली: मृतकों की पहचान चमारी मांझी, दिलचंद मांझी, विकास चौधरी और विजय चौधरी के रूप में हुई है. इसमें चमारी मांझी और दिलचंद मांझी पिता- पुत्र है. बताया जाता है कि सबसे पहले चमारी मांझी ही कुएं में उतरा था. इसके बाद उसका पुत्र दिलचंद मांझी और फिर विकास चौधरी और विजय चौधरी उतरे. घटना के संबंध मे डोभी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को कुआं में उतरे चार युवकों की मौत हो गई है. एक युवक पहले कुआं में उतरा था. उसके बाद दूसरा फिर तीसरा और फिर चौथा युवक उतरा. किंतु कोई भी वापस नहीं लौटा. सभी की मौत कुआं से निकल रही जहरीली गैस से दम घुटने के कारण हो गई है. स्थानीय लोगों ने भी बताया कि कुआं में बोरिंग था. खेती कार्य को लेकर बोरिंग का सेक्शन जोड़ने के लिए एक युवक कुआं में उतरा. किंतु, वह काफी देर तक नहीं लौटा. उसके नहीं लौटने के बाद एक और युवक कुआं के अंदर गया, तो वह भी नहीं लौटा. इसके बाद तीसरा और फिर चौथा युवक भी गया. इसी तरह चारो कुआं में उतर गए. कुआं में जहरीली गैस का प्रभाव: कुआं में उतरे चारों युवकों की मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है. बताया जा रहा है, कि कुआं में जहरीली गैस का प्रभाव रहा होगा, जिसकी चपेट में सभी आ गए और एक के बाद एक कर सभी की मौत हो गई. फिलहाल घटना के बाद गांव के लोग सन्न रह गए हैं. गांव में मातम पसर गया है. घटना की जानकारी के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. दमकल विभाग के कर्मियों के द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा था. इसी क्रम में जहरीली गैस का प्रभाव इतना ज्यादा था, कि फायरमैन अजीत कुमार भी इसकी चपेट में आ गया और वह भी बेहोश हो गए. हालांकि थोड़ी देर बाद ही उनकी हालत सामान्य हो गई. #गयाजी #गया_हो #gaya #bihar #गया #GayaPolice #LatestNews #BiharNews

Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 14, 2026

गया पहुंचे आनंद मोहन ने बांकीपुर हार पर कसा तंज: बोले- ‘किसी और से हारेगी ना, तुझको तेरा गुरूर मारेगा’, शराबबंदी पर भी सरकार को घेरा

गया। पूर्व सांसद आनंद मोहन तीन दिवसीय बिहार दौरे के क्रम में गुरुवार को गया पहुंचे। गया एयरपोर्ट पर पहुंचते ही फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर में समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्वागत के बाद आनंद मोहन सड़क मार्ग से आमस प्रखंड पहुंचे, जहां पिंटू सिंह के आवास पर स्वागत समारोह सह कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नेता मौजूद रहे। आनंद मोहन ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उन्हें संगठन को मजबूत करने के साथ जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।

बांकीपुर की हार पर बोले- सत्ता को उसका अहंकार मारेगा

बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना शायराना अंदाज में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “किसी शायर ने बहुत अच्छी बात कही है- किसी और से हारेगी ना, तुझको तेरा गुरूर मारेगा।” उन्होंने कहा कि सत्ता अपने अहंकार के कारण हारती रही है और इतिहास इसका गवाह है। बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पर गंभीरता से विचार-मंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में हार की एक वजह नहीं होती, बल्कि उसके पीछे कई कारण होते हैं।
आनंद मोहन ने कहा कि उनका संदेश सिर्फ हारने वालों के लिए नहीं, बल्कि जीतने वालों के लिए भी है। जो हारे हैं, उन्हें बैठकर यह मंथन करना चाहिए कि आखिर कहां कमी रह गई और अगली बार जीत कैसे हासिल की जाए। वहीं, जो जीते हैं, उन्हें भी अपनी जीत पर अहंकार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पराजय से पहले अहंकार नहीं होना चाहिए और विजय के बाद भी अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने जातीय समीकरणों के आधार पर राजनीति करने पर भी सवाल उठाया। आनंद मोहन ने कहा कि राष्ट्र और प्रदेश का नव निर्माण केवल जातीय आंकड़े गिनकर सत्ता हासिल करने से नहीं होगा।

‘राजनीति का मतलब सेवा है, सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं’

आनंद मोहन ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है। सत्ता पक्ष को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। जब सत्ता पक्ष अपने दायित्व से विमुख होता है तो जनता चुनाव के माध्यम से उसका जवाब देती है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। कहा कि प्रतिपक्ष का काम सरकार की नीतियों की आलोचना करना और जनता की समस्याओं को उठाना है। इसी कारण उसे प्रतिपक्ष या विरोधी दल कहा जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है और दोनों को उसका ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।

युवाओं के असंतोष पर सरकार को चेताया

देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के सवाल पर आनंद मोहन ने कहा कि युवाओं में कई कारणों से असंतोष पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को समय रहते इस असंतोष को समझना होगा और ठंडे दिमाग से विचार करना होगा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीएससी और बीपीएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर युवाओं के बीच अगर असंतोष पैदा हो रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों पैदा हो रही हैं और युवाओं को बार-बार आंदोलन की राह क्यों पकड़नी पड़ रही है।

आनंद मोहन ने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को सिर्फ आंदोलन या विरोध के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसके मूल कारणों तक पहुंचना चाहिए। रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

शराबबंदी पर बोले- अच्छी सोच थी, लेकिन सफल नहीं हुई

बिहार में शराबबंदी की समीक्षा को लेकर आनंद मोहन ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए में शराबबंदी की समीक्षा की बात हो रही है तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की सोच अच्छी थी और महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर नीतीश कुमार ने बिहार में इसे लागू किया, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बिहार के एक तरफ उत्तर प्रदेश और दूसरी तरफ झारखंड जैसे राज्यों में शराब की बिक्री जारी है, जबकि नेपाल भी बिहार की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में केवल बिहार में शराबबंदी लागू करके इसे पूरी तरह सफल बनाना चुनौतीपूर्ण है।
आनंद मोहन ने कहा कि यदि शराबबंदी को सफल बनाना है तो इसके लिए व्यापक स्तर पर एक समान नीति की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जब आसपास के राज्यों में शराब उपलब्ध है तो बिहार में इसकी तस्करी और अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकना मुश्किल हो जाता है।

‘गरीब-किसान पर बोझ बढ़ रहा है तो शराबबंदी पर पुनर्विचार हो’

आनंद मोहन ने शराबबंदी के आर्थिक प्रभाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य के राजस्व पर असर पड़ा है और सरकार को अन्य माध्यमों से राजस्व जुटाना पड़ता है। इसका बोझ अंततः आम जनता, गरीब और किसान पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी की वजह से गरीब और किसान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है तो सरकार को इस नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि किसी बड़े सामाजिक या आर्थिक असंतोष के पैदा होने से पहले ही इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कल कोई बगावत पर उतरे, उससे पहले शराबबंदी को खत्म कर देना चाहिए।” आनंद मोहन के इस बयान ने बिहार की शराबबंदी नीति को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

गया पहुंचने पर आनंद मोहन के स्वागत से लेकर आमस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन तक समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। सम्मेलन में आनंद मोहन ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की।
तीन दिवसीय बिहार दौरे के दौरान आनंद मोहन के बयानों ने जहां बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम, सत्ता के अहंकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक संदेश दिया, वहीं शराबबंदी और युवाओं के असंतोष जैसे मुद्दों पर सरकार को सीधे घेरा।
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गया पहुंचे आनंद मोहन ने बांकीपुर हार पर कसा तंज: बोले- ‘किसी और से हारेगी ना, तुझको तेरा गुरूर मारेगा’, शराबबंदी पर भी सरकार को घेरा गया। पूर्व सांसद आनंद मोहन तीन दिवसीय बिहार दौरे के क्रम में गुरुवार को गया पहुंचे। गया एयरपोर्ट पर पहुंचते ही फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर में समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्वागत के बाद आनंद मोहन सड़क मार्ग से आमस प्रखंड पहुंचे, जहां पिंटू सिंह के आवास पर स्वागत समारोह सह कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नेता मौजूद रहे। आनंद मोहन ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उन्हें संगठन को मजबूत करने के साथ जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए। बांकीपुर की हार पर बोले- सत्ता को उसका अहंकार मारेगा बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना शायराना अंदाज में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “किसी शायर ने बहुत अच्छी बात कही है- किसी और से हारेगी ना, तुझको तेरा गुरूर मारेगा।” उन्होंने कहा कि सत्ता अपने अहंकार के कारण हारती रही है और इतिहास इसका गवाह है। बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पर गंभीरता से विचार-मंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में हार की एक वजह नहीं होती, बल्कि उसके पीछे कई कारण होते हैं। आनंद मोहन ने कहा कि उनका संदेश सिर्फ हारने वालों के लिए नहीं, बल्कि जीतने वालों के लिए भी है। जो हारे हैं, उन्हें बैठकर यह मंथन करना चाहिए कि आखिर कहां कमी रह गई और अगली बार जीत कैसे हासिल की जाए। वहीं, जो जीते हैं, उन्हें भी अपनी जीत पर अहंकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पराजय से पहले अहंकार नहीं होना चाहिए और विजय के बाद भी अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने जातीय समीकरणों के आधार पर राजनीति करने पर भी सवाल उठाया। आनंद मोहन ने कहा कि राष्ट्र और प्रदेश का नव निर्माण केवल जातीय आंकड़े गिनकर सत्ता हासिल करने से नहीं होगा। ‘राजनीति का मतलब सेवा है, सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं’ आनंद मोहन ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है। सत्ता पक्ष को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। जब सत्ता पक्ष अपने दायित्व से विमुख होता है तो जनता चुनाव के माध्यम से उसका जवाब देती है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। कहा कि प्रतिपक्ष का काम सरकार की नीतियों की आलोचना करना और जनता की समस्याओं को उठाना है। इसी कारण उसे प्रतिपक्ष या विरोधी दल कहा जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है और दोनों को उसका ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। युवाओं के असंतोष पर सरकार को चेताया देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के सवाल पर आनंद मोहन ने कहा कि युवाओं में कई कारणों से असंतोष पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को समय रहते इस असंतोष को समझना होगा और ठंडे दिमाग से विचार करना होगा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीएससी और बीपीएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर युवाओं के बीच अगर असंतोष पैदा हो रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों पैदा हो रही हैं और युवाओं को बार-बार आंदोलन की राह क्यों पकड़नी पड़ रही है। आनंद मोहन ने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को सिर्फ आंदोलन या विरोध के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसके मूल कारणों तक पहुंचना चाहिए। रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। शराबबंदी पर बोले- अच्छी सोच थी, लेकिन सफल नहीं हुई बिहार में शराबबंदी की समीक्षा को लेकर आनंद मोहन ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए में शराबबंदी की समीक्षा की बात हो रही है तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की सोच अच्छी थी और महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर नीतीश कुमार ने बिहार में इसे लागू किया, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बिहार के एक तरफ उत्तर प्रदेश और दूसरी तरफ झारखंड जैसे राज्यों में शराब की बिक्री जारी है, जबकि नेपाल भी बिहार की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में केवल बिहार में शराबबंदी लागू करके इसे पूरी तरह सफल बनाना चुनौतीपूर्ण है। आनंद मोहन ने कहा कि यदि शराबबंदी को सफल बनाना है तो इसके लिए व्यापक स्तर पर एक समान नीति की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जब आसपास के राज्यों में शराब उपलब्ध है तो बिहार में इसकी तस्करी और अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकना मुश्किल हो जाता है। ‘गरीब-किसान पर बोझ बढ़ रहा है तो शराबबंदी पर पुनर्विचार हो’ आनंद मोहन ने शराबबंदी के आर्थिक प्रभाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य के राजस्व पर असर पड़ा है और सरकार को अन्य माध्यमों से राजस्व जुटाना पड़ता है। इसका बोझ अंततः आम जनता, गरीब और किसान पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी की वजह से गरीब और किसान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है तो सरकार को इस नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि किसी बड़े सामाजिक या आर्थिक असंतोष के पैदा होने से पहले ही इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कल कोई बगावत पर उतरे, उससे पहले शराबबंदी को खत्म कर देना चाहिए।” आनंद मोहन के इस बयान ने बिहार की शराबबंदी नीति को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह गया पहुंचने पर आनंद मोहन के स्वागत से लेकर आमस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन तक समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। सम्मेलन में आनंद मोहन ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की। तीन दिवसीय बिहार दौरे के दौरान आनंद मोहन के बयानों ने जहां बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम, सत्ता के अहंकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक संदेश दिया, वहीं शराबबंदी और युवाओं के असंतोष जैसे मुद्दों पर सरकार को सीधे घेरा। #गयाजी #गया_हो #LatestNews #gaya #गया #bihar #anandmohankanayavideo #आनंदमोहन #GayaPolice #BiharNews

Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 14, 2026

गया जंक्शन पर RPF का ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’: CPR देकर बचाई यात्री की जान, घायल महिला को भी पहुंचाया अस्पताल

गया। गया जंक्शन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से दो यात्रियों को समय पर मेडिकल सहायता मिल सकी। एक ओर चलती ट्रेन से उतरने के दौरान घायल हुई महिला को तत्काल उपचार दिलाकर मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कराया गया, वहीं दूसरी ओर हार्ट अटैक से बेहोश हुए 45 वर्षीय यात्री को RPF जवान ने गोल्डन ऑवर में CPR देकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों घटनाओं ने स्टेशन पर तैनात RPF जवानों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता को सामने ला दिया।

चलती ट्रेन से उतरने में घायल हुई महिला

गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर RPF प्लेटफॉर्म ड्यूटी स्टाफ प्रधान आरक्षी जीएन राय को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 13435 मालदा टाउन-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस से चलती हालत में उतरने के दौरान एक महिला के पैर में चोट लग गई है। सूचना मिलते ही RPF पोस्ट गया के उप निरीक्षक अजय तिग्गा, सहायक उप निरीक्षक अक्षयवर सिंह और अन्य जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। RPF ने बिना देर किए ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना देकर महिला के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था कराई। रेलवे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर महिला का प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। RPF के अनुसार महिला की उम्र करीब 25-26 वर्ष है। उसके पास कोई यात्रा टिकट, पहचान पत्र अथवा सामान नहीं मिला। पूछताछ करने पर महिला अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी नहीं बता पा रही थी। RPF के जवानों ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ और भिक्षावृत्ति की स्थिति में प्रतीत हो रही थी। उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

अचानक गिरा यात्री, हार्ट अटैक से हो गया था बेहोश

इसी दिन गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 01C पर दूसरी गंभीर घटना हुई। RPF के उप निरीक्षक इन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामसेवक और प्रधान आरक्षी अनय कुमार ट्रेन संख्या 22304 को सुरक्षित पास कराने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक यात्री ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। RPF जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्री की स्थिति जांची। यात्री को हार्ट अटैक आने की आशंका के बाद स्थिति बेहद गंभीर देखकर प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने बिना समय गंवाए गोल्डन ऑवर में CPR देना शुरू किया। कुछ ही देर की कोशिश के बाद यात्री को होश आया। RPF की इस त्वरित कार्रवाई को यात्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके बाद ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे रेलवे अस्पताल गया की डॉक्टर निरूपमा मौके पर पहुंचीं। यात्री को रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया।

आधार कार्ड से हुई यात्री की पहचान

मेडिकल जांच और कागजात की प्रक्रिया के दौरान यात्री के पास से आधार कार्ड मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान सौरभ राय, उम्र करीब 45 वर्ष, पिता शंकर राय, पश्चिम बंगाल निवासी के रूप में हुई। उसके पास गया से हावड़ा तक का यात्रा टिकट भी मिला। RPF के अनुसार यात्री को मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित बेड पर भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी रहा। इलाज के बाद यात्री की स्थिति स्थिर बताई गई और वह बातचीत भी कर रहा था। सूचना मिलने पर उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद यात्री को परिजनों की देखरेख में सौंप दिया गया।

‘गोल्डन ऑवर’ में CPR बना जीवनरक्षक 

RPF की ओर से बताया गया कि हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तत्काल CPR मिलने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है। प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने समय रहते CPR देकर यात्री को प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दी। RPF का कहना है कि यदि समय पर यात्री को CPR नहीं दिया जाता तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
गया जंक्शन पर एक ही दिन हुई इन दोनों घटनाओं में RPF की तत्परता ने यह साबित किया कि रेलवे सुरक्षा बल सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सहायता और जीवन रक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहा है। एक घायल महिला को अस्पताल पहुंचाना और दूसरे यात्री को CPR देकर होश में लाना—RPF की सक्रियता ने शुक्रवार को गया जंक्शन पर दो बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।
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गया जंक्शन पर RPF का ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’: CPR देकर बचाई यात्री की जान, घायल महिला को भी पहुंचाया अस्पताल गया। गया जंक्शन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से दो यात्रियों को समय पर मेडिकल सहायता मिल सकी। एक ओर चलती ट्रेन से उतरने के दौरान घायल हुई महिला को तत्काल उपचार दिलाकर मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कराया गया, वहीं दूसरी ओर हार्ट अटैक से बेहोश हुए 45 वर्षीय यात्री को RPF जवान ने गोल्डन ऑवर में CPR देकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों घटनाओं ने स्टेशन पर तैनात RPF जवानों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता को सामने ला दिया। चलती ट्रेन से उतरने में घायल हुई महिला गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर RPF प्लेटफॉर्म ड्यूटी स्टाफ प्रधान आरक्षी जीएन राय को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 13435 मालदा टाउन-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस से चलती हालत में उतरने के दौरान एक महिला के पैर में चोट लग गई है। सूचना मिलते ही RPF पोस्ट गया के उप निरीक्षक अजय तिग्गा, सहायक उप निरीक्षक अक्षयवर सिंह और अन्य जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। RPF ने बिना देर किए ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना देकर महिला के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था कराई। रेलवे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर महिला का प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। RPF के अनुसार महिला की उम्र करीब 25-26 वर्ष है। उसके पास कोई यात्रा टिकट, पहचान पत्र अथवा सामान नहीं मिला। पूछताछ करने पर महिला अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी नहीं बता पा रही थी। RPF के जवानों ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ और भिक्षावृत्ति की स्थिति में प्रतीत हो रही थी। उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अचानक गिरा यात्री, हार्ट अटैक से हो गया था बेहोश इसी दिन गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 01C पर दूसरी गंभीर घटना हुई। RPF के उप निरीक्षक इन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामसेवक और प्रधान आरक्षी अनय कुमार ट्रेन संख्या 22304 को सुरक्षित पास कराने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक यात्री ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। RPF जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्री की स्थिति जांची। यात्री को हार्ट अटैक आने की आशंका के बाद स्थिति बेहद गंभीर देखकर प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने बिना समय गंवाए गोल्डन ऑवर में CPR देना शुरू किया। कुछ ही देर की कोशिश के बाद यात्री को होश आया। RPF की इस त्वरित कार्रवाई को यात्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे रेलवे अस्पताल गया की डॉक्टर निरूपमा मौके पर पहुंचीं। यात्री को रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। आधार कार्ड से हुई यात्री की पहचान मेडिकल जांच और कागजात की प्रक्रिया के दौरान यात्री के पास से आधार कार्ड मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान सौरभ राय, उम्र करीब 45 वर्ष, पिता शंकर राय, पश्चिम बंगाल निवासी के रूप में हुई। उसके पास गया से हावड़ा तक का यात्रा टिकट भी मिला। RPF के अनुसार यात्री को मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित बेड पर भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी रहा। इलाज के बाद यात्री की स्थिति स्थिर बताई गई और वह बातचीत भी कर रहा था। सूचना मिलने पर उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद यात्री को परिजनों की देखरेख में सौंप दिया गया। ‘गोल्डन ऑवर’ में CPR बना जीवनरक्षक RPF की ओर से बताया गया कि हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तत्काल CPR मिलने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है। प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने समय रहते CPR देकर यात्री को प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दी। RPF का कहना है कि यदि समय पर यात्री को CPR नहीं दिया जाता तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। गया जंक्शन पर एक ही दिन हुई इन दोनों घटनाओं में RPF की तत्परता ने यह साबित किया कि रेलवे सुरक्षा बल सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सहायता और जीवन रक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहा है। एक घायल महिला को अस्पताल पहुंचाना और दूसरे यात्री को CPR देकर होश में लाना—RPF की सक्रियता ने शुक्रवार को गया जंक्शन पर दो बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। #गयाजी #गया_हो #GayaPolice #LatestNews #gaya #bihar #gayastation

Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 14, 2026

Coffee with DM | युवाओं के विचार, विकास की नई दिशा
“Coffee with DM” के दूसरे सत्र में चंदौती प्रखंड निवासी एवं सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा जिग्यासा भारती ने गया के युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक सुझाव साझा किए।
Youth Exposure & Innovation Hubs स्थापित करने का सुझाव
 करियर मार्गदर्शन एवं छात्रवृत्ति की जानकारी
 प्रतियोगिताओं और कौशल विकास के अवसर
 Youth Innovation एवं Skill Clubs की स्थापना
 मेंटरशिप एवं सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा
 आधुनिक डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच
 स्थानीय समस्याओं के समाधान में युवाओं की भागीदारी
जिग्यासा ने कहा कि गया में ही बेहतर शिक्षा, कौशल एवं करियर के पर्याप्त अवसर विकसित किए जाएं, ताकि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों के रचनात्मक सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सोच और सक्रिय भागीदारी जिले के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण है। प्राप्त सुझावों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी और युवाओं को विकास की प्रक्रिया से निरंतर जोड़ा जाएगा।
Apply Now: https://Tinyurl.com/DMgaya
 ‘Coffee with DM’ 

सेशन प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को आयोजित होगा। इच्छुक युवा गया जिले की NIC वेबसाइट अथवा उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव एवं विचार जिला प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा में भी सहभागिता की।
To watch the conversation on are youtube channel:
districtadmingaya@gmail.com

युवाओं के विचार | प्रशासन का संवाद | गया का विकास 
PMO India  CMO Bihar Samrat Choudhary Art, Culture and Youth Department, Government of Bihar  Ministry of Youth Affairs and Sports, Government of India  Bihar Education Department News18 Bihar  Press Information Bureau - PIB,  Government of India  DDNewsLive 

#CoffeeWithDM #Gaya #GayaDistrict #YouthForDevelopment #YouthInnovation #SkillDevelopment #CareerGuidance #YouthEmpowerment #DistrictAdministration #TirangaYatra #GayaYouth #Bihar

Coffee with DM | युवाओं के विचार, विकास की नई दिशा “Coffee with DM” के दूसरे सत्र में चंदौती प्रखंड निवासी एवं सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा जिग्यासा भारती ने गया के युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक सुझाव साझा किए। Youth Exposure & Innovation Hubs स्थापित करने का सुझाव करियर मार्गदर्शन एवं छात्रवृत्ति की जानकारी प्रतियोगिताओं और कौशल विकास के अवसर Youth Innovation एवं Skill Clubs की स्थापना मेंटरशिप एवं सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा आधुनिक डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच स्थानीय समस्याओं के समाधान में युवाओं की भागीदारी जिग्यासा ने कहा कि गया में ही बेहतर शिक्षा, कौशल एवं करियर के पर्याप्त अवसर विकसित किए जाएं, ताकि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों के रचनात्मक सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सोच और सक्रिय भागीदारी जिले के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण है। प्राप्त सुझावों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी और युवाओं को विकास की प्रक्रिया से निरंतर जोड़ा जाएगा। Apply Now: https://Tinyurl.com/DMgaya ‘Coffee with DM’ सेशन प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को आयोजित होगा। इच्छुक युवा गया जिले की NIC वेबसाइट अथवा उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव एवं विचार जिला प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा में भी सहभागिता की। To watch the conversation on are youtube channel: districtadmingaya@gmail.com युवाओं के विचार | प्रशासन का संवाद | गया का विकास PMO India CMO Bihar Samrat Choudhary Art, Culture and Youth Department, Government of Bihar Ministry of Youth Affairs and Sports, Government of India Bihar Education Department News18 Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India DDNewsLive #CoffeeWithDM #Gaya #GayaDistrict #YouthForDevelopment #YouthInnovation #SkillDevelopment #CareerGuidance #YouthEmpowerment #DistrictAdministration #TirangaYatra #GayaYouth #Bihar

Gaya, Bihar | Aug 14, 2026