धोरों पर लगाई 25 फुट लंबी पताकाएं।
श्रम दान किया,गाय के महत्व पर बताया
गौ आरती और संकल्प के साथ बुधवार को समापन
बीकानेर। संत भावनाथ आश्रम स्थित गौ शाला में चल रहे गौ सम्मान अनुष्ठान के दौरान
मंगलवार को दिन भर अनेक आयोजन हुए।
अनुष्ठान के संयोजक प्रहलाद ओझा 'भैरूं' ने बताया कि मंगलवार को गौ शाला क्षेत्र में आयोजित आयोजन में बड़ी संख्या में गौ भक्तों एवं सेवादारों ने भाग लिया।
धोरों पर लहराई 25 फुट की पताकाएं:
गौ शाला क्षेत्र के चारों ओर मंगलवार तक 500 से अधिक पताकाएं लगाई जा चुकी है बुधवार पूर्णिमा तक कुल 551 की संख्या पूर्ण की जाएगी। इसके साथ ही विशिष्ट 11 ध्वजाएं 25 फिट की रेत के ऊंचे धोरों पर लगाई जा रही है । महाभारत में वर्णित गायों के विशेष नाम से ये विशिष्ट ध्वजाएं है ।मंगलवार को इन ध्वजाओं के लगाने के साथ में संबंधित गायों के नाम का उच्चारण और जाप किया गया। तथा ध्वजा लगाने के साथ ही कांसी की झालर एवं शंख ध्वनि की गई।
मार्ग की सफाई की,खेलिया भरी:
अनुष्ठान के दौरान गौ शाला क्षेत्र में बनी पानी की कुंडियों के साथ ही दूर दूर तक गायों,हिरणों एवं पक्षियों के बनाई गई खेलिया,पालसलियों की सफाई कर उन्हें पानी से भरा गया। गौ शाला के गौ लोक द्वार से रामदेव मंदिर एवं भोमिया जी की खेजड़ी तक मार्ग की सफाई कर कांटे आदि हटाए गए, बीकानेर की तरफ से गौ शाला तक क्षतिग्रस्त मार्ग के खड्डे भरे गए ।
गाय का महत्व बताया:
आश्रम के अधिष्ठसंत भावनाथ महाराज ने अपने प्रवचन में गौ महिमा पर प्रकाश डाला।उन्होंने बहुला नामक विशिष्ट गाय की कथा सुनाई।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि कितना ही बड़ा पाप हो गया हो अगर व्यक्ति पश्चाताप करे और पाप न करने का संकल्प के साथ अगर गौ सेवा, गौ दान,गौ नाम संकीर्तन और गौ दर्शन आदि इसमें से कोई भी करे तो उसके पाप का संहार हो जाता है।
आज सामूहिक गौ आरती एवं संकल्प:
बुधवार गुरुपूर्णिमा को गुरु पूजन के साथ गौ पूजन और सामूहिक गौ आरती की जाएगी।शंख झालर की ध्वनि की जाएगी। आरती के बाद गौ परिक्रमा का क्रम चलेगा सभी गौ सेवक एवं सेवादार गाय की परिक्रमा करेंगे।उसके बाद संत भावनाथ महाराज उपस्थित सभी को गौ सेवा एवं गौ रक्षा का संकल्प दिलाएंगे। अनुष्ठान के समापन और संकल्प में 500 से अधिक लोग शामिल होंगे।
आज इन्होंने दी सेवाएं:-
मंगलवार को हुए आयोजन में पूर्व सरपंच झवरलाल कच्छावा,टाटा मोटर्स के धन सिंह चौधरी,पुजारी विष्णु भाटी, समाज सेवी सोहन महाराज उपाध्याय,भूराराम कुम्भार,सुमेर सिंह,बजरंग सिंह एवं नीरज पूनम भाटी ने सेवाएं दी ।