मामला बीकापुर तहसील के बछराम पुर गांव का है, जहां निवासिनी पीड़िता इसमामुल निशा का आरोप है कि उसके पिता भाई और भाभी के मृत्यु उपरांत वह और उसकी बहन इमामुल निशा ही वारिस है, परंतु उसकी बहन इमामुल निशा ने तहसील कर्मियों की मिली भगत से अपने मृतक भाई की पुत्री बनकर पूरी जायजाद अपने नाम वरासत कर लिया, वही इस संबंध में मंगलवार को अधिवक्ता योगेश पांडेय ने बताया है।