🚨 बड़ी खबर | छतरपुर, मध्यप्रदेश
पहले दिए प्लॉट, अब मकान बनाने पर रोक! 😳 केन-बेतवा परियोजना के विस्थापितों का सवाल—लेंटर तक बन गया मकान, अब नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
केन-बेतवा लिंक परियोजना के ढौढन बांध से विस्थापित ग्रामीणों की करोदिया नई बस्ती में मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। प्रस्तावित नहर से 100 मीटर की दूरी के नियम का हवाला देते हुए करीब 10 लोगों को निर्माण रोकने के नोटिस दिए गए हैं।
📌 ग्रामीणों का आरोप है कि जब सरकार ने प्लॉट आवंटित किए, तब नहर से निर्धारित दूरी और निर्माण प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई?
🏠 कई मकान लेंटर स्तर तक पहुंच चुके हैं। अब निर्माण पर रोक से परिवारों के सामने आर्थिक नुकसान और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
⚖️ तहसीलदार सटई ने 18 सितंबर 2026 को स्थगन आदेश जारी कर संबंधित निर्माण कार्यों पर रोक लगाई थी। आदेश में जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नहर निर्माण में संभावित बाधा की आशंका जताई गई है।
❓ सबसे बड़ा सवाल—
▪️ प्लॉट आवंटन के समय नियमों की जानकारी क्यों नहीं दी गई?
▪️ नहर का अलाइनमेंट और निर्धारित दूरी पहले स्पष्ट क्यों नहीं की गई?
▪️ लेंटर तक पहुंचे मकानों के नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?
📢 अब ग्रामीण प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। जरूरत है कि प्लॉट आवंटन के दस्तावेजों, नहर के वास्तविक अलाइनमेंट और निर्माण प्रतिबंधों की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्यायसंगत समाधान मिल सके।
💬 आपकी राय क्या है? पहले प्लॉट आवंटन और फिर निर्माण पर रोक—इस मामले में प्रशासन को क्या कदम उठाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
🔴 खबर को शेयर करें, ताकि प्रभावित ग्रामीणों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे।
#KenBetwaProject #केनबेतवा_परियोजना #छतरपुर #विस्थापितों_की_आवाज #करोदिया #मध्यप्रदेश_न्यूज #GroundReport #PublicIssue