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Mukesh Gautam

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🚨 बड़ी खबर | छतरपुर

रिहायशी इलाके में पटाखों का जखीरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल!

छतरपुर के बाईपास रोड स्थित संदीप ट्रांसपोर्ट के गोदाम में पुलिस ने बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए हैं। ग्वालियर से ट्रक के जरिए पटाखों की खेप लाए जाने की जानकारी सामने आई है।

थाना प्रभारी सतीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। गोदाम को सील करने की कार्रवाई भी जारी है।

अब बड़ा सवाल—रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे किसकी अनुमति से रखे गए थे? क्या भंडारण और परिवहन के लिए वैध अनुमति ली गई थी? और अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। पटाखों की वास्तविक मात्रा और वैधता को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

वही ट्रांसपोर्ट व्यापारी ने पूरी जानकारी दी कि यह विस्फोटक सामग्री कहां से आई और किन लोगों की है उनके नाम भी उजागर किए हैं

📍 छतरपुर से बड़ी खबर। जांच के नतीजों पर सबकी नजर।
*छतरपुर में अवैध पटाखा भंडारण पर पुलिस की कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही सर्चिंग*
*हमारे पत्रकार साथी रहीश खान भाई को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई*
अब खाकी भी बैठी धरने पर!

छतरपुर में कोटवारों का आर-पार का ऐलान!
जो कोटवार गांवों में शासन की योजनाओं और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं, आज वही अपने हक और सम्मान के लिए वर्दी पहनकर सड़क पर उतर आए हैं।

मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ ने छतरपुर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन करीब 7 दिन चलेगा, इसके बाद भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।

कोटवारों की मांग है—38 हजार कोटवारों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिले, सेवा भूमि का अधिकार वापस मिले और मानदेय में घोषित वृद्धि का लाभ दिया जाए।

सवाल सीधा है—गांव-गांव में सरकार का काम करने वाले कोटवारों को उनका हक देने में सरकार को परेशानी क्यों है?

जो सालों से शासन की व्यवस्था संभाल रहे हैं, आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है।

अब देखना होगा—सरकार कोटवारों की आवाज सुनेगी या खाकी का यह आंदोलन भोपाल में और तेज होगा!
CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh PRO Jansampark Chattarpur Collector Office Chattarpur BJP Madhya Pradesh Peptech Time - मध्यप्रदेश समाचार Amit Bhatnagar
राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज एक असहज स्थिति उनके सामने उत्पन्न हो गईं। पत्रकार का तीखा सवाल रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले को पद्म पुरस्कार क्यों दिया?' मामला था राहुल गांधी के खिलाफ आयोजित हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस। राजनाथ सिंह ने कहा सपा सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चली थी। तभी पत्रकार ने कहा मुलायम सिंह यादव को दूसरा  सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण आपकी सरकार ने दिया। 

रक्षा मंत्री बोले 'चलिए देखते हैं, उसके कई कारण थे'; इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त।
सुनो ABP News और ABP Live!

मैं कोई कॉल गर्ल या प्रॉस्टिट्यूट नहीं हूँ! किसी महिला के चरित्र पर बिना ठोस सबूत के कीचड़ उछालना कैसी पत्रकारिता है?

बेटियों का सम्मान तुम्हारे लिए मज़ाक नहीं है! अगर खबर झूठी और निराधार है, तो सिर्फ माफ़ी नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, यहाँ तक कि नियमों के तहत प्रसारण बंद करने की कार्रवाई भी होनी चाहिए।

पत्रकारिता करो, चरित्रहनन नहीं! बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ बंद करो!

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छतरपुर यातायात की कमान सोनम पाराशर के हाथों में, बृहस्पति साकेत के साथ संभालेंगी व्यवस्था!

एक शहर, दो अधिकारी… अब ट्रैफिक व्यवस्था की चुनौती कितनी होगी आसान?

छतरपुर। ग्वालियर से स्थानांतरण होकर छतरपुर आईं सोनम पाराशर ने यातायात की जिम्मेदारी संभाल ली है। अब यातायात व्यवस्था में उनकी भूमिका के साथ बृहस्पति साकेत की जिम्मेदारी को लेकर भी लोगों की नजरें रहेंगी।

❓ सबसे बड़ा सवाल—
क्या दोनों अधिकारी मिलकर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था संभालेंगे या अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी तय होगी?

🚦 शहरवासियों को जाम से राहत, व्यवस्थित पार्किंग, यातायात नियमों का पालन और सुचारु आवागमन जैसी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी के साथ छतरपुर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में कितना बदलाव देखने को मिलता है।

आपकी नजर में छतरपुर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या क्या है? कमेंट में बताइए।

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पन्ना अमानगंज घाटी पर भीषण सड़क हादसा मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल।
छतरपुर: राज्य मंत्री के संरक्षण में वन भूमि से अवैध रेत उत्खनन का आरोप, कार्रवाई के लिए कलेक्टर को लिखा पत्र

चंदला विधानसभा क्षेत्र में रेत माफिया बेखौफ! धवारी, जुझारनगर और ठकुर्रा बीट में अवैध उत्खनन व परिवहन का दावा

छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग की प्रतिबंधित शासकीय भूमि से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का गंभीर मामला सामने आया है। RTI एक्टिविस्ट एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुरागी लखन लाल ने आरोप लगाया है कि बीट धवारी, जुझारनगर और ठकुर्रा क्षेत्र में कथित तौर पर रेत का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।

आरोप है कि गौरिहार और जुझारनगर थाना क्षेत्रों की सीमाओं में अवैध रेत से लदे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरपट दौड़ रही हैं, जबकि पुलिस, खनिज और वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

अनुरागी लखन लाल ने चंदला विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के सह-राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के संरक्षण में अवैध उत्खनन होने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर छतरपुर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

अब सवाल यह है कि यदि प्रतिबंधित वन भूमि से अवैध उत्खनन हो रहा है, तो संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? क्या प्रशासन इन आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या रेत का यह कथित अवैध कारोबार यूं ही चलता रहेगा?

फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
Lakhan Anuragi Jansampark Madhya Pradesh PRO Jansampark Chattarpur Collector Office Chattarpur CM Madhya Pradesh BJP Madhya Pradesh SP Chhatarpur Khabar Samayper Home Department of Madhya Pradesh Peptech Time - मध्यप्रदेश समाचार
छतरपुर में न्यायालय के आदेशों की अनदेखी? आखिर जिम्मेदार कौन?

छतरपुर जिले की तहसील गौरिहार में जमीन विवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आवेदिका का आरोप है कि न्यायालय और राजस्व अधिकारियों के आदेशों के बावजूद उसे जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया।

आवेदन में प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई और न्याय की मांग की गई है।

सवाल सीधा है—जब न्यायालय के आदेश हैं, तो फिर पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है?

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करता है या आवेदन भी फाइलों में दबकर रह जाएगा!
CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh PRO Jansampark Chattarpur Collector Office Chattarpur BJP Madhya Pradesh Lalita Yadav Amit Bhatnagar Home Department of Madhya Pradesh SP Chhatarpur
<nis:link nis:type=tag nis:id=दमोह nis:value=दमोह nis:enabled=true nis:link/> शराब के नशे में बस चलाते मिला चालक, बस जब्त; बिना परमिट दो बसों पर ₹20 हजार जुर्माना

दमोह। जिले में यात्री बसों की जांच के दौरान यातायात पुलिस ने शराब के नशे में बस चलाने वाले चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बस जब्त की है। वहीं, बिना वैध परमिट संचालित हो रहीं दो बसों से कुल 20 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया।

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के निर्देशन और यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने बसों की सघन जांच की। इस दौरान बीमा, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (पीयूसी) और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की गई। साथ ही ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच भी की गई।

नशे में मिला चालक, बस जब्त

जांच के दौरान बस क्रमांक MP 49 P 0289 का चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया। पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस जब्त कर ली। मामले को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

दो बसों से वसूले 20 हजार रुपए

जांच में बस क्रमांक MP 20 PA 1432 और MP 20 XG 6702 के पास वैध परमिट नहीं मिला। इस पर दोनों बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10-10 हजार रुपए, कुल 20 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान जारी रखने की बात कही।
🚨 बड़ी खबर | छतरपुर, मध्यप्रदेश

पहले दिए प्लॉट, अब मकान बनाने पर रोक! 😳 केन-बेतवा परियोजना के विस्थापितों का सवाल—लेंटर तक बन गया मकान, अब नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के ढौढन बांध से विस्थापित ग्रामीणों की करोदिया नई बस्ती में मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। प्रस्तावित नहर से 100 मीटर की दूरी के नियम का हवाला देते हुए करीब 10 लोगों को निर्माण रोकने के नोटिस दिए गए हैं।

📌 ग्रामीणों का आरोप है कि जब सरकार ने प्लॉट आवंटित किए, तब नहर से निर्धारित दूरी और निर्माण प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई?

🏠 कई मकान लेंटर स्तर तक पहुंच चुके हैं। अब निर्माण पर रोक से परिवारों के सामने आर्थिक नुकसान और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

⚖️ तहसीलदार सटई ने 18 सितंबर 2026 को स्थगन आदेश जारी कर संबंधित निर्माण कार्यों पर रोक लगाई थी। आदेश में जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नहर निर्माण में संभावित बाधा की आशंका जताई गई है।

❓ सबसे बड़ा सवाल—
▪️ प्लॉट आवंटन के समय नियमों की जानकारी क्यों नहीं दी गई?
▪️ नहर का अलाइनमेंट और निर्धारित दूरी पहले स्पष्ट क्यों नहीं की गई?
▪️ लेंटर तक पहुंचे मकानों के नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?

📢 अब ग्रामीण प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। जरूरत है कि प्लॉट आवंटन के दस्तावेजों, नहर के वास्तविक अलाइनमेंट और निर्माण प्रतिबंधों की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्यायसंगत समाधान मिल सके।

💬 आपकी राय क्या है? पहले प्लॉट आवंटन और फिर निर्माण पर रोक—इस मामले में प्रशासन को क्या कदम उठाना चाहिए? कमेंट में बताएं।

🔴 खबर को शेयर करें, ताकि प्रभावित ग्रामीणों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे।

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🚨 अजयपार धाम के पुजारी करण कुशवाहा सर्पदंश के शिकार

अजयपार धाम के पुजारी करण कुशवाहा को सांप के काटने की खबर सामने आई है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका सघन उपचार जारी है।
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मुंबई के जुहू में फुटबॉल खेलकर लौट रहे टाइगर श्रॉफ की कार पर अचानक गोलियां चलने लगीं। भीड़ के बीच से बाइक सवारों ने फायरिंग की और कार रुक गई।

टाइगर श्रॉफ की बीएमडब्ल्यू पर तीन बाइक सवारों ने कई राउंड फायरिंग की। टाइगर सुरक्षित रहे, लेकिन ड्राइवर और एक ऑटो चालक को गोली लगी। 

सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित और हरमन संधू ने जिम्मेदारी ली और कहा कि पहले चेतावनी दी थी। सलमान खान के साथ काम करने वालों को भी धमकी दी गई।
पन्ना अमानगंज घाटी पर भीषण सड़क हादसा मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल।
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बेटियों का सम्मान तुम्हारे लिए मज़ाक नहीं है! अगर खबर झूठी और निराधार है, तो सिर्फ माफ़ी नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, यहाँ तक कि नियमों के तहत प्रसारण बंद करने की कार्रवाई भी होनी चाहिए।

पत्रकारिता करो, चरित्रहनन नहीं! बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ बंद करो!

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छतरपुर यातायात की कमान सोनम पाराशर के हाथों में, बृहस्पति साकेत के साथ संभालेंगी व्यवस्था!

एक शहर, दो अधिकारी… अब ट्रैफिक व्यवस्था की चुनौती कितनी होगी आसान?

छतरपुर। ग्वालियर से स्थानांतरण होकर छतरपुर आईं सोनम पाराशर ने यातायात की जिम्मेदारी संभाल ली है। अब यातायात व्यवस्था में उनकी भूमिका के साथ बृहस्पति साकेत की जिम्मेदारी को लेकर भी लोगों की नजरें रहेंगी।

❓ सबसे बड़ा सवाल—
क्या दोनों अधिकारी मिलकर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था संभालेंगे या अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी तय होगी?

🚦 शहरवासियों को जाम से राहत, व्यवस्थित पार्किंग, यातायात नियमों का पालन और सुचारु आवागमन जैसी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी के साथ छतरपुर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में कितना बदलाव देखने को मिलता है।

आपकी नजर में छतरपुर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या क्या है? कमेंट में बताइए।

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रक्षा मंत्री बोले 'चलिए देखते हैं, उसके कई कारण थे'; इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=दमोह nis:value=दमोह nis:enabled=true nis:link/> शराब के नशे में बस चलाते मिला चालक, बस जब्त; बिना परमिट दो बसों पर ₹20 हजार जुर्माना

दमोह। जिले में यात्री बसों की जांच के दौरान यातायात पुलिस ने शराब के नशे में बस चलाने वाले चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बस जब्त की है। वहीं, बिना वैध परमिट संचालित हो रहीं दो बसों से कुल 20 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया।

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के निर्देशन और यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने बसों की सघन जांच की। इस दौरान बीमा, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (पीयूसी) और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की गई। साथ ही ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच भी की गई।

नशे में मिला चालक, बस जब्त

जांच के दौरान बस क्रमांक MP 49 P 0289 का चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया। पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस जब्त कर ली। मामले को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

दो बसों से वसूले 20 हजार रुपए

जांच में बस क्रमांक MP 20 PA 1432 और MP 20 XG 6702 के पास वैध परमिट नहीं मिला। इस पर दोनों बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10-10 हजार रुपए, कुल 20 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान जारी रखने की बात कही।
🚨 बड़ी खबर | छतरपुर, मध्यप्रदेश

पहले दिए प्लॉट, अब मकान बनाने पर रोक! 😳 केन-बेतवा परियोजना के विस्थापितों का सवाल—लेंटर तक बन गया मकान, अब नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के ढौढन बांध से विस्थापित ग्रामीणों की करोदिया नई बस्ती में मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। प्रस्तावित नहर से 100 मीटर की दूरी के नियम का हवाला देते हुए करीब 10 लोगों को निर्माण रोकने के नोटिस दिए गए हैं।

📌 ग्रामीणों का आरोप है कि जब सरकार ने प्लॉट आवंटित किए, तब नहर से निर्धारित दूरी और निर्माण प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई?

🏠 कई मकान लेंटर स्तर तक पहुंच चुके हैं। अब निर्माण पर रोक से परिवारों के सामने आर्थिक नुकसान और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

⚖️ तहसीलदार सटई ने 18 सितंबर 2026 को स्थगन आदेश जारी कर संबंधित निर्माण कार्यों पर रोक लगाई थी। आदेश में जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नहर निर्माण में संभावित बाधा की आशंका जताई गई है।

❓ सबसे बड़ा सवाल—
▪️ प्लॉट आवंटन के समय नियमों की जानकारी क्यों नहीं दी गई?
▪️ नहर का अलाइनमेंट और निर्धारित दूरी पहले स्पष्ट क्यों नहीं की गई?
▪️ लेंटर तक पहुंचे मकानों के नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?

📢 अब ग्रामीण प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। जरूरत है कि प्लॉट आवंटन के दस्तावेजों, नहर के वास्तविक अलाइनमेंट और निर्माण प्रतिबंधों की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्यायसंगत समाधान मिल सके।

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