पेपर लीक करने वालों पर अब कानून का शिकंजा और सख्त होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने Public Examinations Amendment Bill 2026 को Lok Sabha में पेश कर दिया है। प्रस्तावित कानून में Paper Leak या परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े सामान्य आरोपियों के लिए 5 से 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। Organized Paper Leak Network में शामिल लोगों को 7 से 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
परीक्षा कराने वाली किसी Service Provider Company की भूमिका सामने आने पर उस पर ₹5 करोड़ जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे आठ वर्षों तक Public Examinations के काम से प्रतिबंधित किया जा सकता है। कंपनी के Director या Senior Management की मिलीभगत साबित होने पर उन्हें भी 5 से 10 साल जेल और ₹5 करोड़ जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
Bill में जांच को 60 दिनों के भीतर पूरा करने और Special Fast-Track Courts में लगातार सुनवाई कर तीन महीनों में Trial पूरा करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय High-Power Task Force परीक्षा प्रणाली में Technology, Security और Transparency बढ़ाने के उपाय सुझाएगी। अब सवाल यही है—क्या नया कानून और Task Force देश के Paper Leak Mafia को पूरी तरह समाप्त कर पाएंगे?
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