🚨 डामरीकरण के नाम पर सड़क पर लीपापोती! 40 एमएम डामर बिछाने के बाद भी सड़क पर हिचकोले, आखिर जिम्मेदार कौन?
डग (झालावाड़)।
डग-भवानीमंडी-सुकेत रोड पर चल रहा डामरीकरण का कार्य अब सवालों के घेरे में है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता के दावों की पोल डग से पगारिया तक खुलती नजर आ रही है। ठेकेदार द्वारा 40 एमएम डामर बिछाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर वाहन चालकों को राहत मिलने के बजाय हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि सड़क का निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन डग से पगारिया तक कई जगह सड़क की स्थिति ऐसी है कि वाहन चालकों को सुगम सफर का लाभ नहीं मिल पा रहा। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर जब आरएसआरडीसी के अधिकारी ललित कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने सड़क को सही करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप है कि पिछले एक महीने से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, धरातल पर सुधार नजर नहीं आ रहा।
वहीं क्षेत्रीय विधायक कालूराम मेघवाल ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा है कि यदि सड़क गुणवत्ता के अनुरूप नहीं बनाई गई तो उच्चाधिकारियों से जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ, तो गुणवत्ता की ऐसी स्थिति क्यों? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं? क्या निर्माण कार्य की तकनीकी जांच होगी? और आखिर कब तक क्षेत्र की जनता को गड्ढों और हिचकोलों से भरी सड़क पर सफर करना पड़ेगा?
जनता की मांग है कि सड़क निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच हो, निर्धारित मानकों के अनुसार काम करवाया जाए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
"कैमरे पर सवाल साफ है—सड़क बन रही है या सरकारी धन की गुणवत्ता की परीक्षा हो रही है? अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे, निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कब होगी और डग क्षेत्र की जनता को आखिर कब मिलेगी गड्ढों और हिचकोलों से मुक्ति। फिलहाल जनता की निगाहें प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।"
Ratlam, Ratlam | Nov 7, 2026