कसरावद: नर्मदा परिक्रमावासी व धर्म जागरण में योगदान देने वाले तीन श्रद्धालुओं का सम्मान, अनुभव सुनकर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु :
जीवन में एक बार मां नर्मदा की परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए। जब कोई श्रद्धालु पूरी श्रद्धा, लगन और सेवा भाव के साथ परिक्रमा करता है तो उसे हर पल मां नर्मदा के सानिध्य का अनुभव होता है। चाहे यात्रा पैदल की जाए या दोपहिया एवं चारपहिया वाहन से, मां नर्मदा के प्रति समर्पित श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था निराली होती है। यह बात नर्मदा परिक्रमा कर चुके श्रद्धालुओं ने अप