समान नागरिक संहिता पर जनपरामर्श बैठक
विभिन्न वर्गों से प्राप्त हुए सुझाव यूसीसी पर मिले सुझाव, सभी वर्गों की सहभागिता से तैयार होगा प्रारूप
डिंडौरी मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा जनसुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में जनपरामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च स्तरीय समिति के सदस्य श्री बुधपाल सिंह सामाजिक कार्यकर्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई, तथा विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से सुझाव एवं विचार प्राप्त किए गए। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, संयुक्त आयुक्त जबलपुर आईएएस श्रीमती कविता बांटला, पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, जनप्रतिनिधि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, जनपद अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, श्रीमती रूपाली जैन, श्री अवध राज बिलैया, श्री रजनीश राय एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री बुधपाल सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अनुच्छेद 44 में किया गया है। उन्होंने बताया कि मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्वों की प्रकृति भिन्न होने के बावजूद दोनों का उद्देश्य नागरिकों के कल्याण, समानता एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के दौरान इस विषय पर व्यापक चर्चा हुई थी तथा संविधान निमार्ता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी समान नागरिक संहिता लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया था। समय के साथ समाज में परिवर्तन होते हैं और आवश्यकतानुसार कानूनों में भी संशोधन किए जाते हैं। परिवर्तन जीवन का स्वाभाविक अंग है।
श्री बुधपाल सिंह ने कहा कि वर्तमान में विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं दत्तक ग्रहण जैसे विषय विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत आते हैं। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे महिला एवं पुरुष दोनों को समान अधिकार एवं अवसर प्राप्त हो सकें। श्री सिंह ने कहा कि राज्य शासन जनसंवाद एवं जनपरामर्श के माध्यम से नागरिकों के सुझाव प्राप्त कर रहा है, जो नागरिक बैठक में उपस्थित नहीं हो सके हैं, वे वेबसाइट के माध्यम से भी अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी वर्गों से रचनात्मक सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता में अनुसूचित जनजातियों को शामिल नहीं किए जाने का प्रावधान विचाराधीन है। प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे विधि विभाग की सहमति के उपरांत विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों की राष्ट्र के प्रति निष्ठा समान है और समाज के विभिन्न वर्गों के विचारों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता के संबंध में आमजन के सुझाव प्राप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर जनपरामर्श की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। शासन की मंशा है कि विभिन्न वर्गों, समुदायों एवं क्षेत्रों के नागरिकों की राय प्राप्त कर उसे नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए, जिससे अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी निर्णय लिए जा सकें। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित जनपरामर्श प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता करें।
#anjupavanbhadoriya #Dindori #JansamparkMP
24 views | Dindori, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026