Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Bihar
कांग्रेस
बीजेपी
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Odisha
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Cm
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Lucknow
Jdu
Uttarakhand
Sambalpur
kotafast
दशहरा मेले में महाराष्ट्र के डांसिंग फ्लाई झूले का जलवा, गानों की धुन पर पांच अंदाज में रोमांच का अनुभव आखिरी रविवार को उमड़ी जबरदस्त भीड़, समापन से पहले संचालकों ने टिकट दरों में दी छूट; अब 100 रुपए में दो लोग उठा सकेंगे झूले का लुत्फ
Ladpura, Kota
| Nov 2, 2026
MORE NEWS
कोटा में सहकारी भंडार पर दीपावली की खरीदारी, पटाखों पर 60% तक छूट
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
कोटा में फिर चाकूबाजी से सनसनी, प्रशांत ने राहुल की पीठ पर किया जानलेवा हमला
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
कोटा में फिर चाकूबाजी से सनसनी, प्रशांत ने राहुल की पीठ पर किया जानलेवा हमला
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
कोटा में सहकारी भंडार पर दीपावली की खरीदारी, पटाखों पर 60% तक छूट
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
कोटा दशहरा मेला
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
पराली जलाने पर रोक के दावे कागजों में, खेतों में रोज लग रही आग! प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल झालीपुरा से चन्द्रेसल और खेड़लियों पांडे तक धान कटाई के बाद धड़ल्ले से जलाई जा रही पराली, पर्यावरण के साथ खेती और पेड़-पौधों को भी हो रहा नुकसान कोटा। पराली जलाने पर रोक लगाने को लेकर हर साल प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। किसानों को जागरूक करने, अभियान चलाने और नियमों की पालना कराने की बातें भी सामने आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। धान की कटाई के बाद खेतों में लगातार पराली जलाई जा रही है, जबकि इसे रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही। झालीपुरा, चन्द्रेसल, खेड़लियों पांडे और रामखेड़ली क्षेत्र में धान की कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। इससे जहां वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा है, वहीं मिट्टी की उर्वरता और खेतों के आसपास मौजूद पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। गर्मियों में गेहूं की कटाई के बाद भी इसी तरह खेतों में आग लगाने की घटनाएं सामने आती हैं। एक किसान की मेहनत पर आग का खतरा खेड़लियों पांडे में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे 'कोवाना नेचुरल फार्म' की संचालक एवं पूर्व प्रधानाचार्य प्रभा कौशिक ने बताया कि उन्होंने फार्म में 500 से अधिक पेड़ लगाए हैं। पिछले साल गेहूं की कटाई के बाद आसपास के खेतों में पराली जलाने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। आग की चपेट में आने से पूरा ड्रिप सिंचाई सिस्टम और एक झोपड़ी जलकर नष्ट हो गई थी। बाद में उन्हें अपने स्तर पर दोबारा ड्रिप सिस्टम लगवाना पड़ा। प्रभा कौशिक के अनुसार, उस समय आपातकालीन नंबर पर भी सूचना दी गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिल सकी। इस बार उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले ही 1500 नए पौधे लगाए थे। ऐसे में आसपास के खेतों में पराली जलाने से इन पौधों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा। सरकारी मदद का इंतजार छोड़ खुद संभाली जिम्मेदारी प्रभा कौशिक ने बताया कि इस बार सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय अपने संसाधनों से ही आग पर काबू पाने की व्यवस्था करनी पड़ी। पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए दिन-रात कर्मचारियों की निगरानी लगाई गई। हाल ही में जलती पराली की आग को बड़ी मुश्किल से बुझाया गया। रात के समय भी आग लगने पर वहां मौजूद श्रमिकों ने काफी मशक्कत के बाद उसे फैलने से रोका। जिम्मेदार विभागों की निगरानी कहां? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हर साल पराली जलाने का समय पहले से तय होता है, तो कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से पहले से प्रभावी निगरानी क्यों नहीं की जाती? किसानों को जागरूक करने के अभियान केवल कागजों तक सीमित क्यों नजर आते हैं? खेतों में आग लगाने वालों को रोकने और नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए मौके पर जिम्मेदार अधिकारी क्यों नहीं दिखाई देते? पराली जलाने से होने वाला नुकसान केवल प्रदूषण तक सीमित नहीं है। इसकी आग आसपास के खेतों, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था और वर्षों की मेहनत से लगाए गए पेड़-पौधों को भी तबाह कर सकती है। अब जरूरत केवल जागरूकता के दावों की नहीं, बल्कि खेतों तक पहुंचकर निगरानी करने, किसानों को पराली के वैकल्पिक निस्तारण के तरीके बताने और आग की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई करने की है। सवाल यही है कि प्रशासन इस बार भी खेतों में उठते धुएं को देखकर अनदेखा करेगा या धरातल पर कोई ठोस कदम उठाएगा?
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
कोटा में कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल! 🚨 कोटा शहर के आरके पुरम थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ शॉपिंग सेंटर (गुमानपुरा) निवासी और कैफे संचालक राहुल पर एक युवक (प्रशांत) ने पीछे से अचानक जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने राहुल की पीठ पर एक लंबे चाकू से गंभीर वार किया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। 📌 आरके पुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की गहनता से जाँच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है। #KotaNews #KotaPolice #CrimeNews #BreakingNews #Kotalive #RajasthanNews #Gumanpura #RKPuramKota #JournalistMangalSinghHada
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026
गोलू राजा और पूजा सिंह की शानदार प्रस्तुति से भोजपुरी रंग में रंगा कोटा दशहरा मे🎡 #kota #dussehra #mela #2026
Ladpura, Kota | Nov 2, 2026