पितृपक्ष मेला की तैयारियों पर नगर आयुक्त सख्त, विष्णुपद मंदिर, सीताकुंड से अक्षयवट तक किया निरीक्षण
किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : नगर आयुक्त
गयाजी। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह गंभीर व कृतसंकल्पित है। इसी क्रम बुधवार को निगम कार्यालय में नगर आयुक्त डॉ. गगन ने नगर निगम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मेला से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाला, शौचालय, सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई।
वहीं समीक्षा के बाद नगर आयुक्त डॉ. गगन स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने निकले और कई स्थानों पर कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत नगर आयुक्त ने विष्णुपद मंदिर परिसर से की। यहां उन्होंने देवघाट, सीताकुंड व मंदिर के प्रवेश मार्ग और आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता महसूस हुई, जिस पर उन्होंने संबंधित जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जॉन में बांटकर पूरे मेला क्षेत्र की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पिंडदानी पहुंचते हैं, इसलिए किसी भी स्थान पर गंदगी या अव्यवस्था नहीं दिखनी चाहिए।
नगर आयुक्त ने सीताकुंड के निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर और आसपास लगे टूटे-फूटे टाइल्स, क्षतिग्रस्त फर्श तथा अन्य संरचनात्मक कमियों पर नाराजगी जताई उन्हें ससमय ठीक कराने का सख्त निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंता को दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी क्षतिग्रस्त टाइल्स और अन्य मरम्मत कार्यों की सूची तत्काल तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें बदलने और दुरुस्त करने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आधे-अधूरे कार्य या खानापूर्ति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके बाद नगर आयुक्त अक्षयवट परिसर पहुंचे। यहां भी निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर टूटी हुई टाइल्स और मरम्मत की जरूरत वाले हिस्से मिले। उन्होंने संबंधित अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे परिसर का विस्तृत सर्वे कर सभी आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। साथ ही परिसर की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जलनिकासी और श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त डॉ. गगन ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की पहचान है और इसकी व्यवस्थाओं पर पूरे देश और दुनिया की नजर रहती है। इसलिए मेला की तैयारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन-जिन स्थानों पर मरम्मत, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सफाई अथवा अन्य कार्य शेष हैं, उनकी सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर समय रहते पूरा करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करें और कार्यों की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करें। मेला शुरू होने से पहले प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जहां कहीं भी कमियां दिखाई दें, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार पितृपक्ष मेला की तैयारियों में कोई कोताही स्वीकार नहीं होगी और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने बताया कि आगामी पितृपक्ष मेला को व्यवस्थित, स्वच्छ और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सभी विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
निरीक्षण के क्रम में मौके पर कार्यपालक अभियंता, स्वच्छता पदाधिकारी, विधुत पदाधिकारी, सफाई मुख्य निरीक्षक, कनीय अभियंता सहित अन्य उपस्थित थे।
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