भाजपा ने इनके अंशुओं पर अब तक ध्यान नहीं दिया जबकि आज तक लगातार एक ही बात दोहराती बताती चल रही हैं कि मैं बीजेपी की बफादार हूं मैं अपने पिता की राजनीति में बिल्कुल सामिल नहीं हूं, लेकिन यह विशाल पार्टी है इसे कहां किसी पीढा दिखती है,
अब ना जाने कब तक इन्हें ऐसे ही इसी तरह बीजेपी की पगडंडी पर चलना पडेगा, अजीब अग्निपरीक्षा चल रही इनकी, डबल इंजन में कहीं तो कोई सीट कोई औहदा मिल जाए
Budaun, Budaun | Oct 15, 2026