मेरा आर्यन... मेरा बाबू... मेरे दिल का टुकड़ा...
आज मेरे पास शब्द नहीं हैं। दिल में इतना दर्द है कि उसे बयां करना मुश्किल हो रहा है। मेरा प्यारा भगिना आर्यन राज बादल हमें छोड़कर हमेशा के लिए चला गया। अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरा बाबू अब हमारे बीच नहीं है।
आर्यन सिर्फ मेरा भगिना नहीं था, वह मेरे दिल का टुकड़ा था। जन्म से ही वह हमारे पास रहा। उसकी हर छोटी-बड़ी खुशी में हम शामिल रहे और उसकी खुशियां ही हमारी खुशियां थीं। वह मेरे घर का सबसे बड़ा था और हमारे घर में भी सबका दुलारा था। नानी, मामा, मम्मी, नाना, मौसी और पूरे परिवार का प्यारा बाबू था।
आज उसकी एक-एक बात याद आ रही है। वह अक्सर मुझसे कहता था—“मामा, बहुत गर्मी लग रहा है।” उसकी वह मासूम आवाज अब कानों में गूंज रही है।
मोबाइल में नेट खत्म होने पर भी मेरा बाबू बार-बार कहता था—“मामा, मोबाइल में नेट डाल दीजिए।” उस समय शायद कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उसकी यही छोटी-छोटी बातें मुझे इतना रुलाएंगी। आज मोबाइल हाथ में है, लेकिन नेट डालने के लिए कहने वाला मेरा बाबू नहीं है। अब कौन बोलेगा—“मामा, नेट डाल दीजिए...”?
जब वह रांची से स्कूल की छुट्टी में गांव आया था, तो कितनी उत्सुकता से अपनी छोटी-छोटी बातें बताया करता था। कहता था कि “मामा बहुत गर्मी लग रहा है। उसक कहने पर हमने इनवर्टर-बैटरी लगाया है घर में।” उसकी छोटी-छोटी खुशियों में भी एक अलग उत्साह होता था। उसकी हर बात आज याद बनकर मेरे सामने खड़ी है।
मेरे बाबू को हर खुशी पूरे मन से जीना आता था। जब मेरी शादी हो रहा था बारात के लिए तो उसके मन में था कि वह दूल्हे जैसा सुंदर और शानदार दिखे। उसकी पसंद के कपड़े लेने में भी हमें उतनी ही खुशी हुई, जितनी उसे पहनकर हुई थी। रिसेप्शन पार्टी में वह कितना खुश था। उसके चेहरे की वह खुशी आज भी आंखों के सामने घूम रही है।
आर्यन बचपन से ही हमारे लिए बहुत खास था। उसके जन्म के एक साल बाद हमने घर में उसका भव्य जन्मदिन समारोह रखा था। बड़ा कार्यक्रम कराया था। उस दिन घर में कितनी रौनक थी। कितनी खुशी थी। कौन जानता था कि उसी बच्चे के लिए एक दिन हमें इस तरह आंसू बहाने पड़ेंगे।
जब मेरी बेटी हुई थी, तब आर्यन की खुशी देखने लायक थी। उसके जन्म के पहले महीने में जब हमने केक काटा था, तब वह मेरी बेटी को गोद में लेकर बहुत खुश हुआ था। तीनों भाई-बहनों की वह तस्वीर आज मेरे लिए जिंदगी की सबसे अनमोल तस्वीर बन गई है। उस समय हम खुशी मना रहे थे और आज वही तस्वीर आंखों में आंसू ला रही है।
मेरा बाबू पढ़ाई में भी आगे बढ़ने के सपने देखता था। वह कहता था कि बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनेगा। रांची के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ता था। अभी तो वह कक्षा चार की परीक्षा दे रहा था। उसकी आंखों में बड़े-बड़े सपने थे। हमने भी उसके उन सपनों को पूरा होते देखने का सपना देखा था।
सोचा था, मेरा बाबू बड़ा होगा, पढ़-लिखकर अधिकारी बनेगा, वर्दी पहनेगा और एक दिन गर्व से हमारे सामने खड़ा होगा। लेकिन आज सब सपना अधूरा रह गया।
मेरा बाबू बहुत शान-स्वभाव का था। उसकी अपनी एक अलग पहचान थी। उसकी बातें, उसका अंदाज, उसका मुस्कुराना—सब कुछ आंखों के सामने घूम रहा है। घर में उसकी आवाज नहीं है, लेकिन उसकी यादें हर जगह हैं। पूरे मोहल्ला का दुलारा अब नहीं है। भगवान भी कभी क्या परीक्षा लेते है।
आर्यन, तुम बहुत जल्दी चले गए बाबू। अभी तुम्हें बहुत कुछ देखना था। अभी तुम्हें पढ़ना था, आगे बढ़ना था, अपने सपने पूरे करने थे। अभी तुम्हें अपनी नानी, मामा, मम्मी, नाना, मौसी और पूरे परिवार के साथ बहुत सारी खुशियां बांटनी थीं।
आज सबसे ज्यादा यही बात दिल को चुभ रही है कि जिस बच्चे से मोबाइल में नेट डालने के लिए बार-बार आवाज आती थी, आज उसी बच्चे की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।
कौन अब कहेगा—
“मामा, नेट डाल दीजिए...”
कौन अब कहेगा—
“मामा, बहुत गर्मी लग रहा है...”
इन छोटी-छोटी बातों में ही तो मेरा पूरा संसार बसा था बाबू।
मेरी बेटी जब बड़ी होगी और तुम्हारी वह तस्वीर देखेगी, जिसमें तुम उसे गोद में लिए हुए हो, तो मैं उसे बताऊंगा—“यह तुम्हारे आर्यन बड़ा हैं। यह तुम्हारे जन्म की खुशी में बहुत खुश था और तुम्हें अपनी गोद में लेकर प्यार किया करता था। झूला में बैठा कर खेलना और उसको घर के गली में हाथ में लेकर घूमना वो याद आ रहा है। झूला वाला चार पहिया गाड़ी में हाथ से ठेलकर घूमता था बेटी खूब खुश होती थी।
तुम्हारी वह तस्वीर अब हमारे लिए सिर्फ तस्वीर नहीं है, बल्कि तुम्हारी एक अमूल्य निशानी है।
मेरा बाबू, तुम्हारा जाना हमारे लिए जिंदगी भर का दर्द है। तुम्हारे सपने अधूरे रह गए, लेकिन तुम्हारी यादें कभी अधूरी नहीं होंगी। तुम्हारी आवाज, तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी बातें और तुम्हारी छोटी-छोटी फरमाइशें हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेंगी।
काश, एक बार फिर तुम सामने आकर कह दो—
“मामा, नेट डाल दीजिए...”
काश, एक बार फिर तुम्हारी आवाज सुनाई दे...
काश, एक बार फिर तुम्हें गले लगा पाऊं...
लेकिन अब यह सब सिर्फ यादों में रह गया है।
मेरा बाबू आर्यन, तुम हमारे बीच नहीं हो, लेकिन हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहोगे। तुम हमेशा मेरे दिल का टुकड़ा रहोगे।
ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरे बाबू आर्यन राज बादल की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और पूरे परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि मेरे प्यारे बाबू।
तुम्हें भूल पाना कभी संभव नहीं होगा।
ॐ शांति। 🙏 Miss You Badal