*इंजिनियर से अब महंत बने रामगिरी जी महाराज*
भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल भीलवाड़ा के श्री पंचमुखी दरबार के सामने स्थित प्राचीन शिवालय पर विराजमान संत रामगिरी जी महाराज जिन्होंने इंजिनियर शिक्षा अध्ययन के बाद संन्यास लिया, और आज प्राचीन शिवालय मंदिर आपके ही सानिध्य में विशाल प्रांगण में बदल गया! आपको धोलपुर जिला स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर, मुड़ीक के महंत श्री दिगम्बर धर्मगिरी जी महाराज ने अपना उत्तराधिकारी बनाया तो हजारों ग्रामवासियों और पूज्य संतों ने आपको मंहताई की चादर ओढ़ाकर महंत बनायाइस पावन शुभ अवसर पर श्री ओंकारेश्वर श्री क्षेत्र के महंत भगीरथ गिरी जी, मोनी बाबा आश्रम, जयपुर से पूज्य संत नारायण गिरी जी महाराज, सालासर बालाजी के पूज्य संत किशन गिरी जी महाराज, वजीरपुर से महंत नारदगिरी बाबा, गुरु भाई पुरण गिरी जी महाराज, बालक गिरी जी महाराज, वीरेंद्र गिरी जी महाराज, बालक गिरी गोस्वामी जी महाराज, किशन गिरी जी महाराज, देवगिरी जी महाराज, धौलपुर के महंत राजुगिरी जी महाराज, झुंझुनूं के कृपागिरी जी महाराज, भीलवाड़ा के महंत लाल बाबा जी महाराज, महंत श्यामसुंदरदास जी महाराज, श्यामगिरी जी महाराज हमीरगढ़, नर्मदा तट वासी शौभाग्य गिरी सहित कई धार्मिक स्थान पूज्य संत के उपस्थित थे ,इस अवसर पर भीलवाड़ा से भक्त केदार बाल्दी, महेंद्र खोईवाल, पंडित दीपक पांडिया, विष्णु सोनी और धौलपुर, भरतपुर और करौली जिलों के कई गांवो के पंच, सरपंचऔर प्रधान भी इस अवसर पर उपस्थित थे!
महंत रामगिरी जी महाराज भीलवाड़ा आगमन से पूर्व आप धौलपुर भी संत सेवा में रहे उससे पूर्व आपका जन्म बृज की पावन भूमि राधारानी के ग्राम गजु (जमना नगर) में हुआ! बचपन से ही यदुवंशी होने के कारण धर्म और आध्यात्म में गहरी आस्था थी! विद्याध्ययन में इंजिनियर बनने के बाद दिल्ली सरकार में राजकीय सेवा में रहते आपने दिल्ली गाजियाबाद का पहला सड़क पुल आपकी ही देखरेख में बहुत ही उत्कर्ष स्तर निर्माण कार्य हुआ! भीलवाड़ा आगमन के पश्चात आपने प्राचीन शिवालय मंदिर, श्री मंशापूर्ण महादेव (जति जी की कुड़ी) का जीर्णोद्धार करवाया, मंदिर की भूमि पर विधर्मियों के अवैध अतिक्रमण को भी हटाया, मंदिर प्रांगण में बहुत ही सुंदर गौशाला को तैयार किया जहां सैकड़ों गौमाताओं की नियमित सेवा होती हैं, आप प्रकृति प्रेमी संत हैं!
धौलपुर से महंत की पदवी धारण कर भीलवाड़ा लौटने पर विश्व हिंदू परिषद के बद्रीलाल सोमानी, माहेश्वरी समाज के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर ईनाणी, शिवलाल डिडवानिया, सत्यनारायण सोनी, प्रहलाद काल्या, शिवराम पटेल, ओमप्रकाश अग्रवाल, मेवा लाल खटीक, प्रहलाद अजमेरा ने भगवा दुप्पटा पहना कर स्वागत करके आशीर्वाद लिया! पूज्य महाराज जी की महंताई आपके गुरु पूज्य महंत श्री दिगम्बर धर्मगिरी जी ने अपने करकमलों से अपने शिष्य को भी उत्तराधिकारी बनाकर महंत भी बना दिया