प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
07 अक्टूबर 2026
शीर्षक: चोरमरा में जनजातीय विकास कार्यशाला में शामिल हुए जिला पदाधिकारी, ग्रामीणों से संवाद के बाद इको-टूरिज्म की संभावनाओं को धरातल पर उतारने की पहल, 20 एकड़ चिह्नित भूमि एवं भट्ठा बाबा गर्म जलस्रोत का किया स्थलीय निरीक्षण।
जमुई : कभी दुर्गम और विकास की मुख्यधारा से दूर माने जाने वाले चोरमरा क्षेत्र में अब विकास, जनजातीय सशक्तिकरण और पर्यटन की संभावनाएं एक साथ आकार ले रही हैं। राज्य सरकार की जनजातीय कल्याणकारी पहलों को जमीन पर प्रभावी बनाने के साथ-साथ चोरमरा को इको-टूरिज्म की संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी, जमुई ने आज चोरमरा में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया, उनकी समस्याओं एवं अपेक्षाओं को सुना तथा क्षेत्र में विकास और पर्यटन की संभावनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
“Support to Tribal Research Institute Scheme” के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। आज आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय से जुड़े प्रमुख मुद्दों की पहचान करने, जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझना रहा। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को सुना तथा राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों और संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने बिजली, सड़क, स्वास्थ्य उपकेंद्र सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया। जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन चोरमरा के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जल्द ही क्षेत्र में बिजली की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार एवं प्रशासन के प्रयासों और आश्वासन पर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।
इसके बाद जिला पदाधिकारी ने स्थानीय लोगों की आस्था के प्रतीक भट्ठा बाबा के समीप स्थित गर्म जलस्रोत स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्राकृतिक एवं लोक आस्था के दृष्टिकोण से महत्व वाले इस स्थल को पर्यटकीय दृष्टिकोण से विकसित किए जाने की संभावनाओं का जायजा लिया तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक विशेषताओं और स्थानीय आस्था को संरक्षित रखते हुए सतत पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
चोरमरा में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को इको-टूरिज्म से जोड़ने की सरकार और जिला प्रशासन के पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। इससे क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी, मुंगेर, उप विकास आयुक्त, जमुई, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Jamui, Bihar | Oct 7, 2026