*बस्ती परिक्षेत्र के 744 पुलिसकर्मियों को दिया गया व्यवहार कौशल और संवाद कौशल का अर्द्धदिवसीय प्रशिक्षण*
जनपद बस्ती ,उत्तर प्रदेश 20 अगस्त 2026
*बस्ती:* पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन में और पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन और पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र के नेतृत्व में आज दिनांक 20 अगस्त 2026 को बस्ती परिक्षेत्र के पुलिसबल के लिए व्यवहार कौशल और संवाद कौशल का अर्द्धदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय की टीम द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में *बस्ती जनपद के 303 पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन्स बस्ती के सभागार में भौतिक रूप से उपस्थित होकर और जनपद संत कबीर नगर के 247 व जनपद सिद्धार्थनगर के 194 पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन VC के माध्यम से* प्रतिभाग किया। इस प्रकार कुल 744 पुलिसकर्मी प्रशिक्षित हुए।
पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के दोनों प्रशिक्षकों * देव रंजन वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण और डॉ0 रेखा वाजपेयी, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षण* द्वारा अत्यंत रोचक तरीके से सहज और सरल भाषा में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
*प्रशिक्षण की मुख्य बातें:*
वर्तमान की कांवड़ ड्यूटी जैसी विविध प्रकार की महत्वपूर्ण ड्यूटियों में लगे पुलिसबल को जनसामान्य के साथ प्रभावी संवाद एवं शिष्ट व्यवहार के संबंध में प्रशिक्षित करना इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रहा, जो बहुत प्रभावशाली रहा।
सामाजिक कौशल का विकास करने के लिए मुस्कुराहट और बॉडी लैंग्वेज का क्या महत्व होता है, इसको बहुत रोचक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। *"आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत"* अर्थात "दूसरों के साथ वैसा व्यवहार न करें, जो आपको अपने लिए नहीं पसंद है", संवेदनशील व्यवहार करने के लिए आधारभूत सिद्धांत के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विभिन्न रीति-रिवाजों और परंपराओं के प्रति आदरपूर्ण व्यवहार पुलिसिंग हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसके लिए स्वयं Culture Shaming न करने और किसी को न करने देने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
बताया गया कि वर्दी पहनकर अहंकारपूर्ण व्यवहार नहीं करना चाहिए। जब आप ड्यूटी पर नहीं होते हैं और एक आम व्यक्ति का जीवन जी रहे होते हैं, तब आप अपने साथ जैसा व्यवहार पुलिस से चाहते हैं, वैसा ही व्यवहार अपनी ड्यूटी करते समय आपको आम जनता से करना होगा। प्रतिदिन कम से कम एक सरकारी कार्य आप सेवाभाव से करना आरम्भ करें।
जापानी पद्धति *काइज़ेन और हठयोग दर्शन* का प्रयोग करके स्वयं को मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने की व्यवहारिक विधियाँ बताई गईं।
इस अवसर पर *पुलिस अधीक्षक बस्ती श्री यशवीर सिंह* ने मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इस प्रशिक्षण को आधुनिक पुलिसिंग की बहुत बड़ी आवश्यकता के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार जनता की सेवा में कार्यरत रहती है, किंतु फिर भी दुर्व्यवहार की शिकायतों से पुलिस की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। बस्ती जनपद में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसबल ने उच्चकोटि के व्यवहार और आचरण का प्रदर्शन करके यह स्पष्ट प्रमाण दिया कि व्यवहार कौशल और संवाद कौशल बेसिक पुलिसिंग के महत्वपूर्ण स्तम्भ हैं।
समापन उद्बोधन में *पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी* ने प्रशिक्षण निदेशालय की टीम को इतना उपयोगी और रुचिपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के अतिशय प्रभाव के चलते जिस प्रकार से पुलिसबल का ध्यान जीवन के आवश्यक पहलुओं से हट रहा है, उस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को इस बात की समझ होना आवश्यक है कि आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करते समय व्यवहार और पीड़ितों व जन सामान्य के साथ व्यवहार में बहुत अंतर होता है। आज का प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों को व्यवहार के इस अंतर को बहुत बारीकी से समझाने में सफल रहा है।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Aug 21, 2026