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1880 से लेकर 1930 के जमाने का अनोखा नैनीताल, Nainital at its Golden Days ✅ Many historians believe that 1880 से 1947 के बीच का समय नैनीताल के इतिहास का स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान नैनीताल केवल एक खूबसूरत पहाड़ी नगर नहीं रहा, बल्कि Education, Tourism, Trade, Administration और Social Life का एक प्रमुख केंद्र बन चुका था। भारत ही नहीं, विदेशों तक नैनीताल की पहचान बन गई थी और हर साल बड़ी संख्या में British Officials, Tourists और Prominent Families यहां आते थे। हालांकि, British Nainital आज के Nainital से बिल्कुल अलग था। उस समय पूरे शहर का संचालन British Administration और उनके बनाए नियमों के अनुसार होता था। शहर की योजना, Cleanliness, Traffic, Construction और Public Welfare पर विशेष ध्यान दिया जाता था। वहीं आज का नैनीताल भारतीय प्रशासन के अधीन है, जहां परिस्थितियां, चुनौतियां और प्रशासनिक प्राथमिकताएं समय के साथ बदल चुकी हैं। This is why a clear historical difference is visible between Nainital during the British period and the Nainital of today. Kindly Follow Nainital Mania Page for more Colonial Era Nainital History

Nainital, Nainital | Aug 12, 2026

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Nainital के आस पास की जगहों के नामो का मतबल जानिए | Bhowali | Ramnagar | Haldwani #bhowali #ghorakhal #chorgaliya

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Nainital, Nainital | Aug 16, 2026

आजादी मिलने के दिन हमने Kayamoodin Watch Maker वाली building को हमेशा के लिए खो दिया ✅

नैनीताल के Mallital बाजार में स्थित यह 3rd Floor वाली building कभी अंग्रेजों के दौर की सबसे खास और भव्य buildings में गिनी जाती थी। उस समय के हिसाब से यह नैनीताल की बड़ी buildings में से एक थी..इस building के Top Floor और 2nd Floor पर अंग्रेज रहा करते थे, जबकि Basement में Kayamoodin साहब की मशहूर watch maker की shop हुआ करती थी।

लेकिन आजादी का जश्न शुरू होने से पहले ही इस Heritage Building के साथ एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने नैनीताल के इतिहास में एक गहरी छाप छोड़ दी।

1946 को इसी Heritage Building में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने building को अपनी चपेट में ले लिया और नैनीताल ने अपनी एक ऐतिहासिक पहचान हमेशा के लिए खो दी।

हालांकि, इस building की याद आज भी नैनीताल में मौजूद है। आप इसे गोल घर के पास आज भी देख सकते हैं, लेकिन अब यह अपने पुराने रूप में नहीं, बल्कि एक नए रूप में नजर आती है।

एक ऐसी Heritage Building, जो कभी अंग्रेजों के दौर की शान हुआ करती थी, आज नैनीताल के बदलते इतिहास की एक खामोश गवाह बनकर खड़ी है...Sirajuddin ने इसे जलने के बाद दोबारा चार पांच महीने में तैयार करवाया था.

Follow Nainital Mania Page for Nainital History

आजादी मिलने के दिन हमने Kayamoodin Watch Maker वाली building को हमेशा के लिए खो दिया ✅ नैनीताल के Mallital बाजार में स्थित यह 3rd Floor वाली building कभी अंग्रेजों के दौर की सबसे खास और भव्य buildings में गिनी जाती थी। उस समय के हिसाब से यह नैनीताल की बड़ी buildings में से एक थी..इस building के Top Floor और 2nd Floor पर अंग्रेज रहा करते थे, जबकि Basement में Kayamoodin साहब की मशहूर watch maker की shop हुआ करती थी। लेकिन आजादी का जश्न शुरू होने से पहले ही इस Heritage Building के साथ एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने नैनीताल के इतिहास में एक गहरी छाप छोड़ दी। 1946 को इसी Heritage Building में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने building को अपनी चपेट में ले लिया और नैनीताल ने अपनी एक ऐतिहासिक पहचान हमेशा के लिए खो दी। हालांकि, इस building की याद आज भी नैनीताल में मौजूद है। आप इसे गोल घर के पास आज भी देख सकते हैं, लेकिन अब यह अपने पुराने रूप में नहीं, बल्कि एक नए रूप में नजर आती है। एक ऐसी Heritage Building, जो कभी अंग्रेजों के दौर की शान हुआ करती थी, आज नैनीताल के बदलते इतिहास की एक खामोश गवाह बनकर खड़ी है...Sirajuddin ने इसे जलने के बाद दोबारा चार पांच महीने में तैयार करवाया था. Follow Nainital Mania Page for Nainital History

Nainital, Nainital | Aug 16, 2026

1880 से लेकर 1930 के जमाने का अनोखा नैनीताल, Nainital at its Golden Days ✅ Many historians believe that 1880 से 1947 के बीच का समय नैनीताल के इतिहास का स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान नैनीताल केवल एक खूबसूरत पहाड़ी नगर नहीं रहा, बल्कि Education, Tourism, Trade, Administration और Social Life का एक प्रमुख केंद्र बन चुका था। भारत ही नहीं, विदेशों तक नैनीताल की पहचान बन गई थी और हर साल बड़ी संख्या में British Officials, Tourists और Prominent Families यहां आते थे। हालांकि, British Nainital आज के Nainital से बिल्कुल अलग था। उस समय पूरे शहर का संचालन British Administration और उनके बनाए नियमों के अनुसार होता था। शहर की योजना, Cleanliness, Traffic, Construction और Public Welfare पर विशेष ध्यान दिया जाता था। वहीं आज का नैनीताल भारतीय प्रशासन के अधीन है, जहां परिस्थितियां, चुनौतियां और प्रशासनिक प्राथमिकताएं समय के साथ बदल चुकी हैं। This is why a clear historical difference is visible between Nainital during the British period and the Nainital of today. Kindly Follow Nainital Mania Page for more Colonial Era Nainital History - Nainital News