आज एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं!
रामायण काल के कालनेमी और मारीच जैसे राक्षसों की याद दिलाने वाले कुछ लोग आज कलयुग में भी मौजूद हैं। आरोप है कि गुड़ा चंबल में ओमप्रकाश नामक व्यक्ति द्वारा गरीब कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
ये वही गरीब कर्मचारी हैं, जो निजी स्कूल में सेवा देकर अपने बच्चों का भविष्य संवारने और सम्मान के साथ जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। दिन-रात पसीना बहाने के बावजूद यदि उन्हें अपनी मेहनत का पैसा ही नहीं मिलेगा, तो वे अपने परिवार की जरूरतें कैसे पूरी करेंगे?
हैरानी की बात यह है कि सफाई कर्मचारियों की मेहनत की कमाई तक का भुगतान न होने के आरोप सामने आ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ धर्म और संस्कारों की बातें की जाती हैं।
याद रखना चाहिए कि दूसरों के हक का पैसा रोककर कोई भी व्यक्ति सुखी नहीं रह सकता। आज जिन गरीब परिवारों के बच्चे परेशान हैं, उनके दर्द को समझना �