दधपा में दुर्गा पूजा को लेकर बैठक, श्री सती नाट्य कला मंच की नई कमिटी गठित
दुर्गा पूजा को लेकर औरंगाबाद जिले के देव थाना क्षेत्र के बसडीहा पंचायत अंतर्गत दधपा गांव में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई और पूजा आयोजन को बेहतर एवं भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए श्री सती नाट्य कला मंच की नई कमिटी का गठन किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से अभिषेक कुमार सिंह को अध्यक्ष ,गौरीशंकर सिंह उर्फ गुड्डू सिंह को उपाध्यक्ष योगेंद्र भारती को सचिव बैधनाथ सिंह उर्फ बैजू सिंह को उपसचिव तथा अजीत तिवारी को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस दौरान ग्रामीणों ने नई कमिटी के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं भव्य तरीके से संपन्न कराने में सहयोग का भरोसा दिलाया।
बताया गया कि दधपा गांव में पिछले लगभग 56 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष मंदिर परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के दौरान आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
दुर्गा पूजा के अवसर पर षष्ठी के दिन भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है। इस कलश यात्रा में दधपा के अलावा आनंदपुरा, बसडीहा, नयापुर, मालेनगर और बहुआरा सहित आसपास के गांवों की बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल होती हैं। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है।
वहीं सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन श्री सती नाट्य कला मंच की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
बैठक में जयराम सिंह, दूधेश्वर सिंह, सिद्धि सिंह, गुप्ता सिंह, मधुसूदन सिंह, महेंद्र सिंह, सुशील ठाकुर, ललन सिंह, विकास कुमार, सूचित कुमार, अखिलेश भारती, कामेश्वर तिवारी, मदन सिंह, अंकुश कुमार, भानु सिंह, बिक्की सिंह, हरेन्द्र सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि 56 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। नई कमिटी के गठन के बाद अब दुर्गा पूजा की तैयारियों को गति देने की कवायद शुरू कर दी गई है।