सुल्तानगंज: खूनी हमले में सभापति की मौत, क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई
सुल्तानगंज की राजनीतिक और सामाजिक फिजाओं में शनिवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गई, जब नगर परिषद के लोकप्रिय सभापति ने पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले ग्यारह दिनों से वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। 28 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय में हुए खूनी हमले के बाद से उनका इलाज चल रहा था।