सात निश्चय योजना में धांधली की खुली पोल ! बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस पंचायत में पीसीसी सड़क बनी 'मौत का कुआं
संवाददाता मुकेश कुमार बरौनी प्रखंड
जीरोमाइल/बरौनी (बेगूसराय): बरौनी प्रखंड अंतर्गत पिपरा देवास पंचायत से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महात्वाकांक्षी 'सात निश्चय योजना' के तहत बनी सड़क घटिया निर्माण और उपेक्षा की भेंट चढ़ चुकी है।जीरोमाइल पावर ग्रिड के समीप लगभग दो वर्ष पूर्व निर्मित पीसीसी (PCC) ढलाई सड़क समय से पहले ही जर्जर होकर टूटने लगी है। सड़क टूटने के साथ-साथ सबसे बड़ा खतरा इसके किनारों पर मंडरा रहा है।किनारों से खिसक नेट्टी, गड्ढे में गिर रहे राहगीरसड़क के दोनों ओर से मिट्टी का कटाव और खिसकाव तेजी से हो रहा है, जिससे सड़क के किनारे जानलेवा गड्ढे बन गए हैं।
रोजाना हादसेः आए दिन अनियंत्रित होकर मोटरसाइकिल और साइकिल सवार इन गड्डों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बड़ा खतरा: सड़क की ढलाई नीचे से खोखली हो रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा वाहन धंस सकता है और बड़ी अनहोनी घट सकती है।
"सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। ढलाई तो टूट ही रही है, साइड से मिट्टी खिसकने के कारण रात के अंधेरे में चलना किसी खतरे से - स्थानीय पिपरा देवस के ग्रामीण
पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन साधे मौन ग्रामीणों का आरोप है कि इस खतरनाक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद न तो पंचायत सचिव और न ही मुखिया जी का ध्यान इस ओरजा रहा है। जनता की सुरक्षा को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की यह बेपरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
तत्काल मरम्मतः सड़क के किनारों पर अविलंब मिट्टी भराई (सोलिंग/सोल्डर) का कार्य कराया जाए।
जांच की मांगः मात्र दो साल में सड़क टूटने और गुणवत्ताविहीन निर्माण की उच्चस्तरीय जांच हो।
! सुरक्षा के उपाय: जब तक मरम्मत न हो, तब तक दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी का संकेत लगाया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क और इसके किनारों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे जिला प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे