देशभर में दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब 12% से अधिक अल्कोहल वाली मिक्सचर दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना न खरीदी जा सकेंगी और न ही बेची जा सकेंगी। सरकार ने इन दवाओं को 'शेड्यूल H1' के दायरे में शामिल कर दिया है। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर्स को हर बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अलग रजिस्टर में दर्ज कर कम से कम तीन साल तक सुरक्षित रखना होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से कफ सिरप और अन्य अल्कोहलयुक्त दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी, बिक्री की निगरानी मजबूत होगी और मरीजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।