रेवाड़ी पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी: साइबर थाना पुलिस ने रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों तथा रेलकर्मियों को दिए साइबर सुरक्षा के टिप्स
"सतर्कता और सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार"
पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के दिशा-निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने तथा आमजन और कामकाजी लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से रेवाड़ी पुलिस द्वारा निरंतर विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वीरवार को साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र सिंह की टीम ने रेवाड़ी रेलवे स्टेशन का दौरा किया और वहां मौजूद यात्रियों तथा रेलकर्मियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों व उनसे बचाव के उपायों बारे विस्तार से जागरूक किया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना से पीएसआई मनोज तथा एचसी हरिओम ने यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के आधुनिक व डिजिटल युग में साइबर अपराधी रोजाना ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। थोड़ी सी असावधानी, अनभिज्ञता या लालच के कारण लोग अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी और आसान माध्यम केवल सतर्कता और जागरूकता ही है।
पुलिस टीम ने यात्रियों को साइबर अपराध के प्रमुख तरीकों एवं सावधानियों से अवगत कराया:
ओटीपी व यूपीआई पिन (OTP & UPI PIN): अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता संख्या या एटीएम का सीवीवी (CVV) किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
डिजिटल अरेस्ट व फर्जी पुलिस कॉल: यदि कोई व्यक्ति फोन करके खुद को पुलिस, सीबीआई, कस्टम या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराए या 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी दे, तो घबराएं नहीं। तुरंत फोन काटें और स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
पार्ट-टाइम जॉब व इन्वेस्टमेंट फ्रॉड: टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर घर बैठे ज्यादा कमाई या शेयर बाजार में कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देने वाले विज्ञापनों व लिंक्स से दूर रहें।
फर्जी एपीके फाइल (APK Files) व संदिग्ध लिंक: किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज, एसएमएस या ईमेल पर दिए गए लिंक या एपीके फाइल (.apk) को डाउनलोड न करें। इनसे आपका फोन हैक हो सकता है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम: रेवाड़ी पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल दर्ज कराएं या भारत सरकार के वेब पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें। घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा नागरिक अपने नजदीकी थाना या रेवाड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकते हैं।
Rewari, Rewari | Oct 1, 2026