ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान में जुटे विपक्षी दिग्गज
- राहुल गांधी बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त पद से हटेंगे ज्ञानेश कुमार, जेल भी जाएंगे
- सोनिया, प्रियंका, अखिलेश, ममता और तेजस्वी समेत कई बड़े नेता हुए शामिल
नई दिल्ली।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर INDIA गठबंधन ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों के इस संयुक्त प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन एवं राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजद नेता एवं बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और मतदाताओं के अधिकार छीनने के आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन से पहले दोपहर करीब 12 बजे INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक 'चलो दिल्ली' मार्च निकाला। नेता खुली गाड़ियों और बसों में सवार होकर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पैदल मार्च में शामिल हुए। दोपहर तक रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में लोग जुट गए। करीब चार घंटे चले कार्यक्रम में विपक्ष के आठ नेताओं ने मंच से संबोधित किया और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने दी जेल भेजने की चेतावनी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटेंगे और जेल जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए मतदाताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट चोरी हुई है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल ने कहा कि यह किसी एक पार्टी या नेता का आंदोलन नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति संविधान से बड़ा नहीं हो सकता।
खड़गे बोले- ईडी और सीबीआई से नहीं डरेंगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग के माध्यम से वोटरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार चाहे ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करे, विपक्ष डरने वाला नहीं है।
अखिलेश और ममता ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने में असमर्थ होने के कारण चुनाव आयोग को हथियार बना रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी मतदाता सूची से नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया और 2027 में भाजपा की विदाई का दावा किया। वहीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया, मतदाताओं के अधिकार, युवाओं की नौकरियां और महिलाओं का सम्मान छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। राजद नेता तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे वोट के अधिकार की लड़ाई बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हर भारतीय को बिना किसी भेदभाव के मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
25 दिनों में सातवीं बार एकजुट हुआ विपक्ष
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल सातवीं बार एक मंच पर आए। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार विरोध प्रदर्शन किए गए थे। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी दलों की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया गया था। रविवार को रामलीला मैदान में हुई रैली के जरिए विपक्ष ने अपनी एकजुटता दिखाने के साथ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया। रैली के समापन पर नेताओं ने जय हिंद के नारे लगाए और सामूहिक तस्वीर भी खिंचवाई।
Sirsa, Sirsa | Nov 1, 2026