भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह की नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वार्ता सफल, 15 दिन में मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन
नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना एवं घेराव स्थगित, मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
नोएडा, 4 नवंबर 2026।
भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह द्वारा नोएडा विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना एवं घेराव की दी गई चेतावनी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में संगठन के पदाधिकारियों और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता सकारात्मक रहने के बाद संगठन ने फिलहाल प्रस्तावित धरना एवं घेराव को स्थगित कर दिया है।
पिछले दो दिनों से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी किसानों को समझाने और वार्ता के लिए तैयार करने में जुटे थे। डीसीपी सेंट्रल नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, एसीपी राजीव गुप्ता एवं थाना सेक्टर-142 के प्रभारी संजय कुमार सिंह के प्रयासों के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी से वार्ता हुई। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया था।
इन प्रमुख मांगों पर हुई चर्चा
भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह द्वारा नोएडा प्राधिकरण के समक्ष किसानों की निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं—
1. किसानों की आबादी संबंधी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण।
2. नोएडा के सभी किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा।
3. किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड उपलब्ध कराना।
4. नोएडा के भूमिहीन किसानों को 40 मीटर के भूखंड उपलब्ध कराना।
5. नोएडा के 81 गांवों में साफ-सफाई, आरसीसी सड़क, नाली, सीवर एवं बिजली सहित बुनियादी सुविधाओं का समाधान।
दो घंटे चली बैठक, 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
आज नोएडा विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय में एसीओ पुष्पराज सिंह की मध्यस्थता में ओएसडी क्रांति शेखर, एसीपी सेंट्रल जोन प्रवीण कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में किसानों की सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्राधिकरण के एसीओ एवं ओएसडी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी को आश्वस्त किया कि कुछ मांगों पर 15 दिन के भीतर ठोस कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी, जबकि अन्य मांगों को आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव के माध्यम से रखा जाएगा।
15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
वार्ता के बाद संगठन के संस्थापक बिजेंद्र रावल ने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर 15 दिन के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन एवं प्राधिकरण की होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी ने कहा कि वह हमेशा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं जिले की पुलिस कमिश्नर का सम्मान करते हैं। इसी सम्मान को ध्यान में रखते हुए संगठन सकारात्मक वार्ता के बाद धरना स्थगित कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगों पर 15 दिन के भीतर की गई कार्रवाई की जानकारी अधिकारियों द्वारा लिखित पत्र के माध्यम से दी जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष ने भी दी चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष जतन भाटी ने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही है और संगठन अधिकारियों के आश्वासन पर भरोसा कर रहा है। यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 15 दिन बाद पूरे उत्तर प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और आंदोलन की तारीख घोषित कर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
एनसीआर अध्यक्ष दीपक भाटी ने कहा कि संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी के नेतृत्व में एकजुट है। आगामी आदेश के अनुसार प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन कर किसानों की आवाज बुलंद की जाएगी।
गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अमित कसाना ने कहा कि संगठन 15 दिन तक इंतजार करेगा। इस दौरान जिले के गांव-गांव में बैठक एवं गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों की समस्याओं को एकत्रित किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
सैकड़ों किसान रहे मौजूद
प्रस्तावित धरना एवं घेराव के दौरान भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह के सैकड़ों किसान साथी एवं संगठन के पदाधिकारी नोएडा विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।
संगठन ने सभी किसान साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की एकता एवं अखंडता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सकारात्मक वार्ता के बाद आज के प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित किया गया है, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संगठन आगे बड़े आंदोलन की तैयारी करेगा।
भारतीय किसान यूनियन शहीदे आजम भगत सिंह ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांगों पर 15 दिन के भीतर ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन ही आगे की रणनीति तय करेगा।