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शहीद मेजर आशीष पटेल स्मारक तक सड़क निर्माण की उठी मांग वीर सपूत के सम्मान में ग्रामीणों ने मांगी पक्की सड़क और भव्य गेट स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों में नाराजगी शहीद स्मारक तक पहुंचना मुश्किल, प्रशासन से कार्रवाई की मांग इटहा कला के ग्रामीणों ने उठाई शहीद सम्मान की आवाज#ShaheedAshishPatel #MajorAshishPatel #Rewa #Naigarhi #ItahaKala #ShaheedSamman #RoadConstruction #RewaNews #MPNews #BreakingNews #IndianArmy #Martyr #LatestNews #HindiNews #NewsUpdate

Madhya Pradesh, India | Jun 23, 2026

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*समय का चक्कर देखिए- मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौ^त - 3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना*

महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौ^त हो गई। तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं। मंगलवार आश्रम स्टाफ ने उनकी मौ^त की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी। मगर, तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया।

यही नहीं, 5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा। मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना। आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी। बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखाता, तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा...!

जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया- “20 तारीख से पहले देखते है!

हद तो तब हो गई चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी- “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है, 10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस पर बेटी ने कहा- “सारा काम अच्छे से हो गया ना, मुझे सारी वीडियो भेज देना।

महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था। जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता, निशा और प्रिया। शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया, उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया

आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, जैसे ही शिवचरण की मृ^त्यु की पुष्टि हुई, उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया। संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी। मगर, फोन के उस पार से जो जवाब मिला, उसने इंसानियत को सन्न कर दिया। तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई।

बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है। उसने कॉल पर कहा- “बहुत दूर हूं, आना संभव नहीं”। यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा- “मैं नहीं पहुंच सकती”। मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया। बोलीं- “हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते, आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए।”

जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की, तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी। प्रिया ने कहा, "आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे। 2 साल पहले मां भी चली गई थीं। पापा का बिजनेस डूब गया था, हम बहुत गरीब हो गए थे!

सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा- "अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे, तो अब आकर क्या करेंगे!

*समय का चक्कर देखिए- मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौ^त - 3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना* महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौ^त हो गई। तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं। मंगलवार आश्रम स्टाफ ने उनकी मौ^त की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी। मगर, तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया। यही नहीं, 5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा। मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना। आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी। बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखाता, तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा...! जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया- “20 तारीख से पहले देखते है! हद तो तब हो गई चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी- “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है, 10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस पर बेटी ने कहा- “सारा काम अच्छे से हो गया ना, मुझे सारी वीडियो भेज देना। महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था। जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता, निशा और प्रिया। शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया, उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, जैसे ही शिवचरण की मृ^त्यु की पुष्टि हुई, उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया। संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी। मगर, फोन के उस पार से जो जवाब मिला, उसने इंसानियत को सन्न कर दिया। तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई। बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है। उसने कॉल पर कहा- “बहुत दूर हूं, आना संभव नहीं”। यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा- “मैं नहीं पहुंच सकती”। मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया। बोलीं- “हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते, आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए।” जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की, तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी। प्रिया ने कहा, "आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे। 2 साल पहले मां भी चली गई थीं। पापा का बिजनेस डूब गया था, हम बहुत गरीब हो गए थे! सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा- "अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे, तो अब आकर क्या करेंगे!

Sohagpur, Shahdol | Aug 6, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय, भोपाल में आयोजित 'किताब से कल तक' कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद 

#Bhopal

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय, भोपाल में आयोजित 'किताब से कल तक' कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद #Bhopal

Shahdol, Madhya Pradesh | Aug 5, 2026

शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही पिलाएं- सिविल सर्जन
....
विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गतआयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
....
जिले में 1 अगस्त से 7 अगस्त 2026 तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा उनके परिवारजनों को स्तनपान के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में जिला चिकित्सालय शहडोल में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है। उन्होंने कहा कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाया जाना चाहिए। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शिशु को विभिन्न संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

उन्होंने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी, शहद, घुट्टी अथवा अन्य किसी प्रकार के खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद स्तनपान के साथ उपयुक्त पूरक आहार प्रारंभ किया जाना चाहिए तथा स्तनपान को दो वर्ष या उससे अधिक समय तक जारी रखा जा सकता है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान सभी लोग स्तनपान के महत्व को समझें और यह सुनिश्चित करने में सहयोग करें कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध मिले तथा जीवन के प्रारंभिक छह माह तक उसे केवल मां का दूध ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिशु और स्वस्थ समाज के निर्माण में स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता, रंगोली सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी, डॉ. उमेश नामदेव, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, एएनएमटीसी के संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं, एलायंस क्लब के सदस्य, शिवानी पैरामेडिकल के छात्र-छात्राएं तथा एएनसी एवं पीएनसी माताएं उपस्थित रहीं।

#shahdol #शहडोल

शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही पिलाएं- सिविल सर्जन .... विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गतआयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम .... जिले में 1 अगस्त से 7 अगस्त 2026 तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा उनके परिवारजनों को स्तनपान के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय शहडोल में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है। उन्होंने कहा कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाया जाना चाहिए। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शिशु को विभिन्न संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी, शहद, घुट्टी अथवा अन्य किसी प्रकार के खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद स्तनपान के साथ उपयुक्त पूरक आहार प्रारंभ किया जाना चाहिए तथा स्तनपान को दो वर्ष या उससे अधिक समय तक जारी रखा जा सकता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान सभी लोग स्तनपान के महत्व को समझें और यह सुनिश्चित करने में सहयोग करें कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध मिले तथा जीवन के प्रारंभिक छह माह तक उसे केवल मां का दूध ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिशु और स्वस्थ समाज के निर्माण में स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता, रंगोली सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी, डॉ. उमेश नामदेव, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, एएनएमटीसी के संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं, एलायंस क्लब के सदस्य, शिवानी पैरामेडिकल के छात्र-छात्राएं तथा एएनसी एवं पीएनसी माताएं उपस्थित रहीं। #shahdol #शहडोल

Shahdol, Madhya Pradesh | Aug 4, 2026