समझदार व्यक्ति इन दोनों पत्रों को ध्यानपूर्वक पढ़कर खुद ही विश्लेषण कर सकते हैं कि क्या सही है और क्या गलत! हर बात का फैसला तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी को बदनाम करने की मुहिम चलाकर।
बहुत हो गई मुझे फर्जी पत्रकार साबित करने की कोशिश! अब इन दोनों पत्रों को पढ़िए, तथ्यों को समझिए और खुद तय कीजिए कि सच्चाई क्या है। अब कोई नया मुद्दा खोजिए, क्योंकि बार-बार एक ही मुद्दे को उछालने से सच नहीं बदल जाता!