शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ
महापौर श्री चौहान ने बच्चों को पिलाई विटामिन-ए की खुराक
24 सितंबर तक चलेगा अभियान
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और रोगों से बचाव के उद्देश्य से जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांधी नगर में किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके पश्चात उन्होंने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन दीदियां एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पात्र बच्चों को निर्धारित समय पर विटामिन-ए की खुराक और आयरन सिरप अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में निर्धारित सत्रों के दौरान बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महापौर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ एवं समुचित विकास की जिम्मेदारी केवल अभिभावकों की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए पात्र बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की अपील की।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्धारित स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सत्रों के माध्यम से बच्चों तथा गर्भवती माताओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन की निर्धारित खुराक देने के साथ-साथ नियमित टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक टीके लगाए जाएंगे। जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,19,465 बच्चों को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं 9 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,12,828 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।