*सफलता की कहानी*
*सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर*
*परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत*
जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है।
गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे।
इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।*
इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।*
संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।*
गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं।
*गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।*
धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं।
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं।
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93 views | Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026