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*सफलता की कहानी* *सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर* *परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत* जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है। गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे। इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।* इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।* संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।* गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। *गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।* धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

92 views | Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026

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नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा, 48 घंटे में अकार्यरत नल-जल योजनाओं को चालू करने का निर्देश*

आज दिनांक 13 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिले में संचालित नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिले में अधिष्ठापित कुल 12,127 चापाकलों की प्रखंडवार एवं पंचायतवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिले में पर्याप्त संख्या में चापाकल अधिष्ठापित होने के बावजूद *अधिक संख्या में अकार्यरत चापाकल(लगभग हजार की संख्या) तथा कई स्थानों पर पेयजल संबंधी समस्याएं पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।*

जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता, जहानाबाद को स्पष्ट एवं कड़ा निर्देश दिया कि सभी *अकार्यरत चापाकलों की तत्काल मरम्मति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को पेयजल संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही जिन चापाकलों की मरम्मति संभव नहीं है, उन्हें चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई तथा मरम्मति योग्य चापाकलों को विभागीय प्रावधानों के समयावधि के अनुसार 15 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया अन्यथा संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।*

उन्होंने कार्यपालक अभियंता को यह भी निर्देश दिया कि मरम्मति योग्य नहीं रहने वाले चापाकलों को विभागीय प्रक्रिया के तहत स्थल पर चिन्हित किया  जाए ताकि स्थानीय लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।

*जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि चापाकलों की मरम्मति, उखाड़ने एवं हटाने की कार्रवाई की दैनिक प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराया जाए*। बैठक में उपस्थित कनीय अभियंताओं को फटकार लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण कर पंचायतवार चापाकलों की मरम्मति एवं कार्रवाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले की 82 नल-जल योजनाएं अकार्यरत पाई गईं, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि *सभी अकार्यरत नल-जल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर चालू कराया जाए।*

साथ ही जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि नल-जल योजना के अंतर्गत अब तक छूटे हुए सभी घरों को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ा जाए, ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंच सके।

जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, जहानाबाद को बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 16 जून, 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में चापाकल एवं नल-जल योजनाओं की दैनिक प्रगति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन, जहानाबाद जिले के आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चापाकल अथवा नल-जल योजना अकार्यरत है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड कार्यालय, पंचायत प्रतिनिधियों अथवा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। *आमजनअपनी शिकायत अथवा सूचना जिला नियंत्रण कक्ष, जहानाबाद के दूरभाष संख्या- 06114-223013 पर भी दर्ज करा सकते हैं।*
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
#IPRDBihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा, 48 घंटे में अकार्यरत नल-जल योजनाओं को चालू करने का निर्देश* आज दिनांक 13 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिले में संचालित नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिले में अधिष्ठापित कुल 12,127 चापाकलों की प्रखंडवार एवं पंचायतवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिले में पर्याप्त संख्या में चापाकल अधिष्ठापित होने के बावजूद *अधिक संख्या में अकार्यरत चापाकल(लगभग हजार की संख्या) तथा कई स्थानों पर पेयजल संबंधी समस्याएं पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।* जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता, जहानाबाद को स्पष्ट एवं कड़ा निर्देश दिया कि सभी *अकार्यरत चापाकलों की तत्काल मरम्मति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को पेयजल संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही जिन चापाकलों की मरम्मति संभव नहीं है, उन्हें चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई तथा मरम्मति योग्य चापाकलों को विभागीय प्रावधानों के समयावधि के अनुसार 15 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया अन्यथा संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।* उन्होंने कार्यपालक अभियंता को यह भी निर्देश दिया कि मरम्मति योग्य नहीं रहने वाले चापाकलों को विभागीय प्रक्रिया के तहत स्थल पर चिन्हित किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके। *जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि चापाकलों की मरम्मति, उखाड़ने एवं हटाने की कार्रवाई की दैनिक प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराया जाए*। बैठक में उपस्थित कनीय अभियंताओं को फटकार लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण कर पंचायतवार चापाकलों की मरम्मति एवं कार्रवाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले की 82 नल-जल योजनाएं अकार्यरत पाई गईं, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि *सभी अकार्यरत नल-जल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर चालू कराया जाए।* साथ ही जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि नल-जल योजना के अंतर्गत अब तक छूटे हुए सभी घरों को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ा जाए, ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंच सके। जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, जहानाबाद को बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 16 जून, 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में चापाकल एवं नल-जल योजनाओं की दैनिक प्रगति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन, जहानाबाद जिले के आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चापाकल अथवा नल-जल योजना अकार्यरत है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड कार्यालय, पंचायत प्रतिनिधियों अथवा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। *आमजनअपनी शिकायत अथवा सूचना जिला नियंत्रण कक्ष, जहानाबाद के दूरभाष संख्या- 06114-223013 पर भी दर्ज करा सकते हैं।* #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026

नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा, 48 घंटे में अकार्यरत नल-जल योजनाओं को चालू करने का निर्देश*

आज दिनांक 13 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिले में संचालित नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिले में अधिष्ठापित कुल 12,127 चापाकलों की प्रखंडवार एवं पंचायतवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिले में पर्याप्त संख्या में चापाकल अधिष्ठापित होने के बावजूद *अधिक संख्या में अकार्यरत चापाकल(लगभग हजार की संख्या) तथा कई स्थानों पर पेयजल संबंधी समस्याएं पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।*

जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता, जहानाबाद को स्पष्ट एवं कड़ा निर्देश दिया कि सभी *अकार्यरत चापाकलों की तत्काल मरम्मति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को पेयजल संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही जिन चापाकलों की मरम्मति संभव नहीं है, उन्हें चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई तथा मरम्मति योग्य चापाकलों को विभागीय प्रावधानों के समयावधि के अनुसार 15 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया अन्यथा संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।*

उन्होंने कार्यपालक अभियंता को यह भी निर्देश दिया कि मरम्मति योग्य नहीं रहने वाले चापाकलों को विभागीय प्रक्रिया के तहत स्थल पर चिन्हित किया  जाए ताकि स्थानीय लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।

*जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि चापाकलों की मरम्मति, उखाड़ने एवं हटाने की कार्रवाई की दैनिक प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराया जाए*। बैठक में उपस्थित कनीय अभियंताओं को फटकार लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण कर पंचायतवार चापाकलों की मरम्मति एवं कार्रवाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले की 82 नल-जल योजनाएं अकार्यरत पाई गईं, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि *सभी अकार्यरत नल-जल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर चालू कराया जाए।*

साथ ही जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि नल-जल योजना के अंतर्गत अब तक छूटे हुए सभी घरों को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ा जाए, ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंच सके।

जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, जहानाबाद को बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 16 जून, 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में चापाकल एवं नल-जल योजनाओं की दैनिक प्रगति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन, जहानाबाद जिले के आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चापाकल अथवा नल-जल योजना अकार्यरत है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड कार्यालय, पंचायत प्रतिनिधियों अथवा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। *आमजनअपनी शिकायत अथवा सूचना जिला नियंत्रण कक्ष, जहानाबाद के दूरभाष संख्या- 06114-223013 पर भी दर्ज करा सकते हैं।*
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
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नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा, 48 घंटे में अकार्यरत नल-जल योजनाओं को चालू करने का निर्देश* आज दिनांक 13 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिले में संचालित नल-जल योजना एवं चापाकलों की स्थिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिले में अधिष्ठापित कुल 12,127 चापाकलों की प्रखंडवार एवं पंचायतवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिले में पर्याप्त संख्या में चापाकल अधिष्ठापित होने के बावजूद *अधिक संख्या में अकार्यरत चापाकल(लगभग हजार की संख्या) तथा कई स्थानों पर पेयजल संबंधी समस्याएं पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।* जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता, जहानाबाद को स्पष्ट एवं कड़ा निर्देश दिया कि सभी *अकार्यरत चापाकलों की तत्काल मरम्मति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को पेयजल संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही जिन चापाकलों की मरम्मति संभव नहीं है, उन्हें चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई तथा मरम्मति योग्य चापाकलों को विभागीय प्रावधानों के समयावधि के अनुसार 15 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया अन्यथा संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।* उन्होंने कार्यपालक अभियंता को यह भी निर्देश दिया कि मरम्मति योग्य नहीं रहने वाले चापाकलों को विभागीय प्रक्रिया के तहत स्थल पर चिन्हित किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके। *जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि चापाकलों की मरम्मति, उखाड़ने एवं हटाने की कार्रवाई की दैनिक प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराया जाए*। बैठक में उपस्थित कनीय अभियंताओं को फटकार लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण कर पंचायतवार चापाकलों की मरम्मति एवं कार्रवाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले की 82 नल-जल योजनाएं अकार्यरत पाई गईं, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि *सभी अकार्यरत नल-जल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर चालू कराया जाए।* साथ ही जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि नल-जल योजना के अंतर्गत अब तक छूटे हुए सभी घरों को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ा जाए, ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंच सके। जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, जहानाबाद को बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 16 जून, 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में चापाकल एवं नल-जल योजनाओं की दैनिक प्रगति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन, जहानाबाद जिले के आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चापाकल अथवा नल-जल योजना अकार्यरत है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड कार्यालय, पंचायत प्रतिनिधियों अथवा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। *आमजनअपनी शिकायत अथवा सूचना जिला नियंत्रण कक्ष, जहानाबाद के दूरभाष संख्या- 06114-223013 पर भी दर्ज करा सकते हैं।* #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026

*सफलता की कहानी*

*सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर*

*परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत*

जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है।

गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे।

इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।*

इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।*
संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।*

गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं।

*गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।*

धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं।

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
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*सफलता की कहानी* *सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर* *परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत* जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है। गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे। इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।* इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।* संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।* गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। *गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।* धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026

*विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण एवं श्रम भवन में कार्यशाला का आयोजन*

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के निर्देशानुसार दिनांक 12 जून, 2026 को जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं जन-जागरूकता हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में सर्वप्रथम प्रातः 07:00 बजे संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद से एक जागरूकता रैली का आयोजन श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रैली कारगिल चौक, अम्बेडकर चौक होते हुए अरवल मोड़ तक निकाली गई। रैली में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कार्यालय कर्मी, विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं श्रमिकों ने भाग लेकर बाल श्रम उन्मूलन का संदेश आमजन तक पहुंचाया।

इस अवसर पर संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद से बाल श्रम उन्मूलन संबंधी जन-जागरूकता फैलाने हेतु एक जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया जो जिले के शहरी क्षेत्रों एवं विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण कर बाल श्रम निषेध एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में ग्राम प्लेक्स सभागार, जहानाबाद में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकारों की रक्षा तथा बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु संकल्प लिया।

इसके उपरांत संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों से आए श्रमिकों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संस्थाओं के सदस्यों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में ग्राम स्वराज समिति, घोषी, सेंटर डायरेक्ट, तटवासी समाज न्यास सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु जिले में संचालित धावा दल की गतिविधियों, बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति, पुनर्वास तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला के अंत में श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का अपील किया गया।
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*विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण एवं श्रम भवन में कार्यशाला का आयोजन* विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के निर्देशानुसार दिनांक 12 जून, 2026 को जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं जन-जागरूकता हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सर्वप्रथम प्रातः 07:00 बजे संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद से एक जागरूकता रैली का आयोजन श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रैली कारगिल चौक, अम्बेडकर चौक होते हुए अरवल मोड़ तक निकाली गई। रैली में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कार्यालय कर्मी, विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं श्रमिकों ने भाग लेकर बाल श्रम उन्मूलन का संदेश आमजन तक पहुंचाया। इस अवसर पर संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद से बाल श्रम उन्मूलन संबंधी जन-जागरूकता फैलाने हेतु एक जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया जो जिले के शहरी क्षेत्रों एवं विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण कर बाल श्रम निषेध एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में ग्राम प्लेक्स सभागार, जहानाबाद में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकारों की रक्षा तथा बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु संकल्प लिया। इसके उपरांत संयुक्त श्रम भवन, जहानाबाद के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों से आए श्रमिकों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संस्थाओं के सदस्यों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में ग्राम स्वराज समिति, घोषी, सेंटर डायरेक्ट, तटवासी समाज न्यास सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु जिले में संचालित धावा दल की गतिविधियों, बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति, पुनर्वास तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला के अंत में श्रम अधीक्षक, जहानाबाद द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का अपील किया गया। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 12, 2026