*अखंड मगध गौरव महोत्सव सह पितृपक्ष मेला सम्मान समारोह का भव्य आयोजन*
*विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार एवं कृषि मंत्री सह प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित हुआ कार्यक्रम, पितृपक्ष मेला की सफलता में योगदान देने वाले सफाईकर्मियों, स्वयंसेवकों, अधिकारियों एवं संस्थाओं को किया गया सम्मानित।*
गया, 05 नवंबर 2026, हरिदास सेमिनरी के प्रेक्षागृह में आज अखंड मगध गौरव महोत्सव सह पितृपक्ष मेला सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष, बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार एवं माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री, गया जिला श्री विजय कुमार सिन्हा ने की।
इस अवसर पर माननीय विधायक बाराचट्टी श्रीमती ज्योति मांझी, माननीय विधायक अतरी श्री रोमित कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती नैना कुमारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री शीतल यादव, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष, नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष, विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर, अपर समाहर्ता गया श्री परितोष कुमार, श्री कुमार पंकज, श्री शंभू लाल बिट्ठल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अखंड मगध गौरव महोत्सव गया जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने पितृपक्ष मेला-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष मेले का सफलतापूर्वक समापन सामूहिक प्रयास, समर्पण और जनसहभागिता का परिणाम है। इसमें गया के नागरिकों, प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी के अथक परिश्रम एवं सहयोग से देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं पिंडदानियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकीं। श्रद्धालु यहां से सुखद अनुभूति लेकर अपने घर लौटे हैं। देश-विदेश से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रियाएं एवं शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। यह गया जिला प्रशासन के साथ-साथ पूरे गया समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पितृपक्ष मेला को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
*मगध की ऐतिहासिक विरासत के साथ कृषि समृद्धि भी हमारी पहचान : प्रभारी मंत्री*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री गया जिला श्री विजय कुमार सिन्हा ने मगध की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि—
न झुका है मगध का मस्तक, न मिटा है इसका मान, इतिहास की हर धड़कन में बसता है मगध महान।
उन्होंने कहा कि अखंड मगध गौरव महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों को पहचानने, गौरवशाली इतिहास को स्मरण करने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है।
उन्होंने कहा कि मगध की धरती ने भारत को राजनीतिक एकता, आध्यात्मिक चेतना, ज्ञान, दर्शन, संस्कृति एवं सुशासन की अद्भुत परंपरा प्रदान की है। यह वह भूमि है जहां बिंबिसार और अजातशत्रु जैसे शासकों ने शासन की परंपराओं को विस्तार दिया तथा चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक के नेतृत्व में मौर्य साम्राज्य ने भारत की एकता एवं अखंडता का नया अध्याय लिखा। यह भगवान बुद्ध की तपस्या एवं ज्ञान, भगवान महावीर की अहिंसा एवं त्याग तथा नालंदा की ज्ञान परंपरा और बोधगया की आध्यात्मिक चेतना की पावन भूमि है।
मंत्री ने विशेष रूप से कहा कि मगध का गौरव केवल इसके राजवंशों, विश्वविद्यालयों एवं धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वास्तविक शक्ति यहां की मिट्टी, किसान और कृषि संस्कृति में भी निहित है। हमारे किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि सभ्यता एवं संस्कृति के वास्तविक संरक्षक हैं। आवश्यकता है कि मगध की ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ इसकी कृषि क्षमता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार की डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि यंत्रीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बागवानी तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय हो, युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ा जाए तथा किसान परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध बनें।
उन्होंने कहा कि जब खेत समृद्ध होगा, तभी किसान समृद्ध होगा और जब किसान समृद्ध होगा, तभी बिहार समृद्ध होगा। बिहार की समृद्धि से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।
उन्होंने अखंड मगध की अवधारणा को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि गया की आध्यात्मिकता, नालंदा की ज्ञान परंपरा, राजगीर की ऐतिहासिक विरासत, जहानाबाद की सांस्कृतिक पहचान, औरंगाबाद की ऐतिहासिक धरोहर तथा नवादा की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराएं मिलकर मगध क्षेत्र की समृद्ध विविधता को दर्शाती हैं।
मंत्री ने मगध की विरासत के संरक्षण, ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण, कृषि समृद्धि, सांस्कृतिक एकता एवं युवा सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों एवं पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण, लोकभाषा, लोकगीत, लोककला एवं लोकपरंपराओं को प्रोत्साहन तथा युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का सृजन हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अंत में उन्होंने महोत्सव के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मगध का गौरव, बिहार का गौरव है और बिहार का गौरव, भारत का गौरव है। हमें अपनी गौरवशाली विरासत को संरक्षित करते हुए मगध को आधुनिक, समृद्ध, शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं विकसित क्षेत्र बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
*पितृपक्ष मेला की सफलता सामूहिक सेवा, समर्पण एवं जनसहभागिता का परिणाम : विधानसभा अध्यक्ष*
इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष, बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने पितृपक्ष मेला-2026 को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सेवाभावी व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मगध की धरती भारत की सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान, दर्शन एवं आध्यात्मिक चेतना की गौरवशाली धरोहर है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह, महान गणितज्ञ आर्यभट, आचार्य चाणक्य, चंद्रगुप्त मौर्य एवं सम्राट अशोक जैसी महान विभूतियों ने बिहार की पहचान को विश्वभर में स्थापित किया है। नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर, पावन पटन देवी, मां मंगला गौरी एवं बोधगया हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के प्रमुख प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि गयाजी सनातन धर्म में पितरों के तर्पण एवं पिंडदान की पवित्र भूमि है। फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट, सीताकुंड, प्रेतशिला एवं रामशिला जैसे धार्मिक स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। वहीं बोधगया से भगवान बुद्ध ने संपूर्ण विश्व को शांति, करुणा, मैत्री एवं मध्यम मार्ग का संदेश दिया है।
डॉ. कुमार ने कहा कि 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पितृपक्ष मेला में देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से लाखों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित की। इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। आज का सम्मान समारोह उन सभी सेवाभावी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने मगध की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नालंदा, राजगीर, बोधगया, गया, वैशाली, पावापुरी एवं पटना को समग्र पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। इससे बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं, व्यापारियों, हस्तशिल्पियों एवं उद्यमियों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है। गयाजी एवं बोधगया के समग्र विकास के लिए बेहतर सड़क, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। फल्गु नदी की स्वच्छता, धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होनी चाहिए।
डॉ. प्रेम कुमार ने जिला प्रशासन से आगामी पितृपक्ष मेले की तैयारियों में इस वर्ष के अनुभवों एवं प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की अपेक्षा की। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी संस्थानों एवं व्यक्तियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका सेवाभाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को बनाया विशेष*
कार्यक्रम के दौरान कला भारती, गया कॉलेज, गया के छात्र-छात्राओं द्वारा लघु नाटक की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसके माध्यम से सांस्कृतिक एवं सामाजिक संदेश दिया गया।
इसके पश्चात पितृपक्ष मेला-2026 के सफल आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नगर निगम के सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया। सफाईकर्मियों ने पूरे मेला अवधि में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत की थी। उनके समर्पण एवं परिश्रम की सराहना करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया।
इसके बाद एनसीसी 27 बटालियन के कैडेटों को सम्मानित किया गया। साथ ही पितृपक्ष मेला के सफल संचालन में सहयोग देने वाले विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों एवं मेला के अलग-अलग कोषांगों में कार्य करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सभी सम्मानित कर्मियों एवं संस्थाओं के सेवा भाव, अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
*कार्यक्रम के अगले सत्र में 'मगध की भाषा एवं इसका स्वाद' विषय पर डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी ने अपना संबोधन दिया। वहीं 'मगध की शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति' विषय पर डॉ. रामकृष्ण मिश्रा ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने मगध की भाषाई, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता बताई।*
समग्र रूप से अखंड मगध गौरव महोत्सव सह पितृपक्ष मेला सम्मान समारोह मगध की ऐतिहासिक अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक एकजुटता को समर्पित रहा। कार्यक्रम ने एक ओर पितृपक्ष मेला की सफलता में योगदान देने वाले सेवाभावी लोगों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की, वहीं दूसरी ओर मगध की गौरवशाली परंपरा को संरक्षित करते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने का संदेश दिया।
Department of Agriculture, Government of Bihar VIJAY KUMAR SINHA CMO Bihar Samrat Choudhary DD News Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India Department of Tourism, Government of Bihar Dr. Prem Kumar All India Radio News Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar Nagar Nigam Gayaji
4 views | Gaya, Bihar | Nov 5, 2026