सामाजिक कुरीतियों को छोड़कर सकारात्मक परंपराओं को अपनाने की एक प्रेरणादायक पहल ग्राम खामखेड़ा में देखने को मिली। यहां अमरसिंह सोलंकी ने अपनी स्वर्गीय धर्मपत्नी ग्यारसी बाई सोलंकी की स्मृति में 11वीं एवं पगड़ी कार्यक्रम को सादगी, सेवा और समाजहित से जोड़ते हुए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। पुत्र ने दान राशि भेट की