रुद्रप्रयाग: नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण पर युवा नेता मोहित डिमरी का बड़ा बयान, केस हरिद्वार ट्रांसफर करने पर उठाए सवाल
रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पिछले तीन दिन और तीन रातों से छत पर डटे निहंग सिखों का गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडल, प्रशासन और सिख समाज के बीच लगातार हुई बातचीत के बाद निहंग सिखों ने प्रशासन का सहयोग करते हुए छत से नीचे उतरने पर सहमति जताई। इसके बाद सभी को सकुशल उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर युवा नेता मोहित डिमरी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान होना सकारात्मक कदम है, लेकिन कर्णप्रयाग घटना से जुड़े मामले को हरिद्वार ट्रांसफर किए जाने को लेकर कई प्रश्न खड़े होते हैं।
मोहित डिमरी ने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया को हरिद्वार स्थानांतरित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि क्या स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर भरोसा नहीं था कि वे निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से मामले की कार्रवाई कर सकते थे? उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर जनता के बीच भी चर्चा और जिज्ञासा बनी हुई है।
गौरतलब है कि कर्णप्रयाग में हुए विवाद के दौरान निहंग सिखों पर स्थानीय लोगों पर तलवार से हमला करने का आरोप लगा था, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। नगरासू गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिखों की प्रमुख मांग इन्हीं चार गिरफ्तार साथियों की रिहाई बताई जा रही थी। उनका कहना था कि जब तक उनके साथियों को सम्मानपूर्वक रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे।
हालांकि, प्रशासन, सिख समाज के प्रतिनिधियों और पंजाब से आए दल के प्रयासों से स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला गया और किसी भी अप्रिय घटना के बिना गतिरोध समाप्त हो गया। #facebookreels #nagrasu #rudraprayag #BreakingNews #UttarakhandNews #reporter #viraltoday #viralvideochallenge #BJPGovernment