ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता केवल चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत नहीं बनाती, बल्कि आम लोगों के मन में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति भरोसा भी बढ़ाती है। जब प्राथमिक स्तर पर ही मानक आधारित जांच, उपचार, दवा और परामर्श उपलब्ध होने लगते हैं, तब लोगों की बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होती है और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ बनती हैं। इसी उद्देश्य को लेकर किशनगंज जिला स्वास्थ्य समिति राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक एनकवास के तहत ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को राष्ट्रीय प्रमाणीकरण दिलाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। आगामी 20 जून को प्रस्तावित राष्ट्रीय मूल्यांकन से पहले बुधवार को केंद्र पर Supporting Supervision Visit आयोजित कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय मूल्यांकन से पहले गुणवत्ता मानकों की हुई गहन पड़ताल
सपोर्टिंग सुपरविजन विजिट के दौरान डीक्यूएसी प्रभारी सुमन सिन्हा ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली सेवाओं, रिकॉर्ड प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, औषधि उपलब्धता, लैब सेवाओं, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, नागरिक सुविधाओं तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। इस अवसर पर सहयोगियों ने भी तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए आवश्यक सुझाव दिए ताकि राष्ट्रीय असेसरों के निरीक्षण के दौरान सभी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य स्तर पर 88 अंक हासिल करने के बाद अब राष्ट्रीय प्रमाणीकरण पर नजर
डीपिएम् डॉ मुनाजिम ने बताया कि भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने राज्य स्तरीय एनकवास मूल्यांकन में 88 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। अब पूरा स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सपोर्टिंग सुपरविजन विजिट का उद्देश्य केवल कमियों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें समय रहते दूर कर केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी तरह तैयार करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम के समर्पण और सामूहिक प्रयास से भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राष्ट्रीय मूल्यांकन में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा।
गुणवत्ता आधारित सेवाएं ही स्वास्थ्य व्यवस्था की असली पहचान
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय एनकवास मूल्यांकन केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की पूरी टीम राष्ट्रीय असेसरों के निरीक्षण को लेकर पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और प्रत्येक बिंदु पर मानकों के अनुरूप तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और सेवा भावना का प्रतिबिंब होगी।
जिला गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ रहा है
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए चयनित होना पूरे जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के निकट ही बेहतर और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि टीम भावना, अनुशासन और निरंतर प्रयास से राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
राष्ट्रीय प्रमाणीकरण से ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
राष्ट्रीय NQAS प्रमाणीकरण प्राप्त होने से भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ होगी। यहां आने वाले मरीजों को मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, आवश्यक दवाएं, प्रयोगशाला जांच, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं निर्धारित राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्थानीय समुदाय का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्वास और मजबूत होगा तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा। 20 जून को राष्ट्रीय असेसरों द्वारा प्रस्तावित निरीक्षण को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति पूरी तरह सक्रिय है और सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि भोगडाबर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राष्ट्रीय गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरते हुए किशनगंज को एक नई उपलब्धि दिला सके।