हनुमानगढ़ दिनांक: 29 जून 2026
📢 एसपी हनुमानगढ़ के निर्देश पर हनुमानगढ़ जक्शन पुलिस द्वारा जंक्शन क्षेत्र में हॉस्टल्स और पीजी का औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों के साथ फायर सेफ्टी (फायर एनओसी) की जांच कर दिए कड़े निर्देश....
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सिंह मीना के निर्देशानुसार, जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में स्थित हॉस्टल्स और पेइंग गेस्ट (PG) में रहने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर आज हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस द्वारा एक विशेष औचक चेकिंग अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई श्री रामचंद्र कस्वा (पुलिस निरीक्षक व थानाधिकारी, पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन) के नेतृत्व में अंजाम दी गई। अभियान के दौरान थाना जंक्शन के श्री कृष्ण लाल (सहायक उप निरीक्षक) एवं पुलिस टीम ने कस्बा हनुमानगढ़ जंक्शन के विभिन्न कोचिंग व रिहायशी इलाकों में संचालित हो रहे हॉस्टल्स और पीजी का सघन निरीक्षण किया।
🔅 आगजनी व फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच:
इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने सुरक्षा के साथ-साथ सबसे महत्वपूर्ण बिंदु "आगजनी व अग्नि सुरक्षा (Fire Safety)" पर विशेष ध्यान दिया। टीम द्वारा बिल्डिंगों में निम्नलिखित व्यवस्थाएं चेक की गईं और संचालकों को सख्त हिदायत दी गई:
अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers): हॉस्टल और पीजी की प्रत्येक मंजिल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशामक सिलेंडर उपलब्ध हैं या नहीं, और क्या वे वर्किंग कंडीशन (Valid Date) में हैं, इसकी पूरी जांच की गई।
आपातकालीन निकास (Emergency Exit): किसी भी अप्रिय घटना या आग लगने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बिल्डिंग में उचित इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) की व्यवस्था को देखा गया तथा रास्तों को अवरोध-मुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
फायर एनओसी व स्टाफ ट्रेनिंग: संचालकों को नियमानुसार फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने तथा वहां कार्यरत स्टाफ को आग बुझाने वाले उपकरणों को चलाने की बेसिक ट्रेनिंग देने के लिए पाबंद किया गया ताकि आपातकाल में तुरंत काबू पाया जा सके।
*पूर्ण सत्यापन व रिकॉर्ड संधारण के भी दिए निर्देश:*
फायर सेफ्टी के साथ-साथ पुलिस टीम ने पूर्व की भांति सुरक्षा के अन्य मानकों पर भी जोर दिया:
अपराधों पर लगाम: अवांछनीय गतिविधियों में संलिप्तता पर होगी सख्त कार्रवाई:
दोषी व संचालक दोनों पर होगी कार्रवाई: यदि किसी भी हॉस्टल या पीजी में रहने वाला कोई व्यक्ति/छात्र परिसर में किसी भी प्रकार की अवांछनीय, अवैध या आपराधिक गतिविधि (जैसे नशाखोरी, अवैध हथियार या अन्य अपराध) में संलिप्त पाया जाता है, तो उस संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ हॉस्टल/पीजी संचालक के विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन: किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए हॉस्टल/पीजी में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति और छात्र-छात्रा और वहां काम करने वाले घरेलू स्टाफ/कर्मचारियों का पूरा विवरण और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाया जाए।
पुलिस को तुरंत दें सूचना: यदि किसी भी हॉस्टल या पीजी में कोई संदिग्ध व्यक्ति ठहरता है या किसी की गतिविधियां संदिग्ध/अवांछनीय प्रतीत होती हैं, तो इसकी जानकारी बिना किसी देरी के (अविलंब) स्थानीय पुलिस को दी जाए। जानकारी छुपाने वाले संचालकों को सह-आरोपी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी व रिकॉर्ड मेंटेनेंस: संस्थान के प्रवेश और निकास द्वारों सहित संवेदनशील पॉइंट पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे चालू हालत में रखने तथा आने-जाने वालों के लिए एंट्री रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान:
थानाधिकारी श्री रामचंद्र कस्वा ने बताया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें भयमुक्त माहौल प्रदान करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला पुलिस अधीक्षक महोदय के आदेशानुसार भविष्य में भी इस प्रकार का औचक चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि किसी भी संचालक द्वारा सुरक्षा मानकों या फायर सेफ्टी नियमों में लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।