धरती माता को बचाना है तो अपनानी होगी प्राकृतिक खेती - सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी
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कृषक कल्याण वर्ष अंतर्गत प्राकृतिक खेती संवर्धन एवं खेत बचाओ अभियान पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत गुरूवार को पुरानी कृषि उपज मंडी, आगर में ‘प्राकृतिक खेती संवर्धन एवं खेत बचाओ अभियान‘ के तहत् एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी के मुख्य अतिथ्य एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई भैरूसिंह चौहान, विधायक श्री मधु गेहलोत एवं जिलाध्यक्ष श्री ओम मालवीय के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में कृषकों, जनप्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री सोलंकी ने कहा कि वर्तमान समय में धरती माता और मानव स्वास्थ्य दोनों को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार कम हो रही है तथा पर्यावरण पर भी इसके दुष्प्रभाव दिखाई दे रहे हैं। यदि हम आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना चाहते हैं तो हमें प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध होना होगा।
सांसद श्री सोलंकी ने कहा कि प्रकृति से प्रेम केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने व्यवहार और जीवनशैली में भी उतारना होगा। उन्होंने किसानों एवं आमजन से आह्वान किया कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत मानसून अवधि में कम से कम पांच पौधे लगाएं तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम है। पेड़-पौधे धरती के संतुलन को बनाए रखने के साथ मानव जीवन को भी सुरक्षित करते हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चौहान ने कृषकों से फसल विविधीकरण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिले के किसान केवल सोयाबीन पर निर्भर न रहें, बल्कि मक्का एवं ज्वार जैसी फसलों का भी उत्पादन करें। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि आएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री गेहलोत ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और स्वस्थ भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशक धीमे जहर की तरह कार्य कर रहे हैं, जो मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य को लगातार प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान करते हुए कहा कि यही वह मार्ग है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।
विधायक श्री गेहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा और स्वस्थ नागरिकों का आधार स्वस्थ कृषि व्यवस्था है।
जिलाध्यक्ष श्री मालवीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाकर ही हम स्वयं को और समाज को स्वस्थ रख सकते हैं। खेती में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न रसायन मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करने के साथ मानव शरीर में अनेक प्रकार की बीमारियों का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती माँ, पर्यावरण और देश के नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
कार्यशाला को श्री शंकरलाल पाटीदार, सांसद प्रतिनिधि श्री दिनेश परमार, भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष श्री रामनारायण तेजरा, भारतीय किसान संघ प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री डुंगर सिंह सिसोदिया द्वारा भी सम्बोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कृषकों अपनाने का आव्हान् किया।
कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ए.के. दीक्षित द्वारा किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से मृदा में जैविक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे भूमि की उर्वरता एवं उत्पादकता दीर्घकाल तक बनी रहती है। उन्होंने आगामी खरीफ मौसम को दृष्टिगत रखते हुए किसानों को फसल चयन, बीज उपचार, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण की प्राकृतिक तकनीकों की जानकारी दी तथा जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने किसानों से खरीफ फसलों में प्राकृतिक खेती को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का आह्वान किया ।
प्रभारी उप संचालक कृषि डॉ. किरण ठाकुर द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती संवर्धन एवं खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों से आगामी खरीफ मौसम में प्राकृतिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष ध्यान देने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया ।
कार्यक्रम में श्रीमती आभा चौपडा, श्री हरिनारायण यादव, श्री बाबूलाल यादव, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, श्री प्रेमनारायण यादव, श्री भरत प्रजापति, श्रीमती रेखा यादव, श्री अंतरसिंह, श्री सुरेश सिंह, श्री प्रहलाद सिंह, श्री अजय जैन, श्री राजेश आर्य, श्री मेहरवान सिंह सिसोदिया, किसान संघ जिला मंत्री श्री राघुसिंह, श्री कैलाश गवली, श्री महेश चौहान, श्री महेश मित्तल (सहकोषाध्य क्ष)कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष श्री तेजू सिंह अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री जीवन राठौर एवं राहुल बामनिया द्वारा किया गया और आभार श्री मेहरवान सिंह यादव ने माना।
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