नापासर में वीरेंद्र बेनीवाल का शक्ति प्रदर्शन
चुनावी रणनीति पर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, एकजुट होकर मैदान में उतरने का आह्वान
नापासर। आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों को लेकर नापासर में कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। बुधवार को आसोपा धर्मशाला में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल के नेतृत्व में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ कार्यकर्ता जुटे।
कार्यक्रम में आगामी चुनावों की तैयारियों, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी को कांग्रेस के संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
पूर्व मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल ने कहा कि आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता बरती जाएगी तथा लंबे समय से संगठन के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत उसका जमीनी कार्यकर्ता है और आगामी चुनावों में कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने, स्थानीय समस्याओं एवं विकास के मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा कांग्रेस की विचारधारा और जनहित के मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पूर्व प्रधान लालचंद आसोपा ने कहा कि नापासर में कांग्रेस का संगठन मजबूत है और कार्यकर्ता आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनता के समर्थन के दम पर कांग्रेस आगामी चुनावों में मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी।
बैठक में संभावित उम्मीदवारों, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुनराम कुकणा, भंवरलाल पड़िहार, पूर्व सरपंच गोविंद मूंड सहित कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगामी चुनावों से पहले नापासर में आयोजित यह जनसंवाद कार्यक्रम कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।