मणिमहेश में डल तोड़ने की रस्म के साथ राधाष्टमी शाही स्नान शुरू
कार्तिक स्वामी से अनुमति के बाद शिव चेलों ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा, 19 सितंबर तक चलेगा पवित्र स्नान
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर, 18 सितंबर।
उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा 2026 के धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्रम में शुक्रवार को मणिमहेश डल झील में राधाष्टमी के पावन अवसर पर डल तोड़ने की विशेष पारंपरिक रस्म श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार कार्तिक स्वामी जी से अनुमति लेने के उपरांत शिव चेलों ने डल तोड़ने की रस्म निभाई। इसके बाद शुभ मुहूर्त में राधाष्टमी का पवित्र शाही स्नान आरंभ हुआ।
स्थानीय मान्यता के अनुसार राधाष्टमी के अवसर पर देवी-देवताओं के भी शिव कुंड में स्नान करने की आस्था है। इसी मान्यता के चलते कार्तिक स्वामी जी की छड़ी एवं उनके चेलों की अगवानी में डल तोड़ने की पारंपरिक रस्म निभाई जाती है। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और श्री मणिमहेश यात्रा की विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
डल तोड़ने की रस्म से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा नारियल अर्पित किया गया। इसके बाद कार्तिक स्वामी जी से अनुमति लेने की परंपरा पूरी करते हुए शिव चेलों ने डल तोड़ने की रस्म निभाई। इस धार्मिक परंपरा के पूर्ण होने के बाद राधाष्टमी के शाही स्नान का शुभारंभ हुआ।
स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार संचुई के शिव चेलों का संबंध त्रिलोचन महादेव की परंपरा से माना जाता है। डल तोड़ने की रस्म में शिव चेलों और कार्तिक स्वामी जी के चेलों की पारंपरिक भूमिका इस आयोजन को विशेष धार्मिक स्वरूप प्रदान करती है।
शिव नवाला का आयोजन
राधाष्टमी के इस पावन अवसर पर संचुई के शिव गुरु चेलों द्वारा श्री मणिमहेश में शिव नवाला का आयोजन भी किया जाएगा। स्थानीय परंपरा में शिव नवाला को भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, पूजा-अर्चना और सामूहिक आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के रूप में माना जाता है।
19 सितंबर तक जारी रहेगा स्नान
डल तोड़ने की पारंपरिक रस्म के बाद शुरू हुआ राधाष्टमी का पवित्र स्नान 19 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की
राधाष्टमी स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए भरमौर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और यात्रा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में सहयोग करने की अपील की
Dharwala, Chamba | Sep 18, 2026