"मॉब लिंचिंग, फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर राज के खिलाफ गया में गरजा भाकपा (माले), सरकार पर बोला तीखा हमला"
गया। भाकपा (माले) के राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत शनिवार को गया शहर में अंबेडकर पार्क से टावर चौक तक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला गया। रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस दमन तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमलों के विरोध में नारे लगाए गए। मार्च के समापन पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) की राज्य कमेटी सदस्य रीता बरनवाल ने आरोप लगाया कि बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं से भय का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के शासन को मजबूत करने के बजाय गरीबों और कमजोर वर्गों पर कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, जिन लोगों को आवास और सुरक्षा का भरोसा दिया गया था, उन्हें ही बेदखल करने की कोशिश की जा रही है और बुलडोजर कार्रवाई के जरिए डर का माहौल बनाया जा रहा है।
रीता बरनवाल ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य की स्थिति संभालने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमनकारी नीतियों को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने इन मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के नेता तारिक अनवर ने कहा कि पार्टी पूरे बिहार में मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस दमन और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमलों के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
तारिक अनवर ने कहा कि सरकार बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर के नाम पर निर्दोष लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में फर्जी एनकाउंटर के जरिए लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने की बजाय उसे सुना जाना चाहिए और सरकार को जनता के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टावर चौक पहुंची, जहां सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। भाकपा (माले) नेताओं ने मांग की कि मॉब लिंचिंग और कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर गरीबों के साथ हो रही कथित ज्यादतियों को रोका जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता के संवैधानिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा और पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। भाकपा (माले) नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन राज्यभर में जारी रहेगा और जनता से इसमें अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
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