सांप के काटने पर घबराएं नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें: डॉ. प्रदीप सिंह
चंबा 24 सितम्बर
मेडिकल कॉलेज चंबा में इन दिनों सांप के काटने और कुत्ते के काटने से संबंधित मामले सामने आ रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय घायल व्यक्ति को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया जाए।
डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि भारत में सांपों की सभी प्रजातियां जहरीली नहीं होतीं और लोगों में अक्सर सांप के काटने को लेकर डर इतना अधिक होता है कि वे घबरा जाते हैं। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के मामले में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है। उचित चिकित्सा उपचार मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें और मरीज को जल्द से जल्द स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं। चंबा स्वास्थ्य विभाग भी सर्पदंश के मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता लेने पर लगातार जोर दे रहा है।
कुत्ते के काटने पर भी तत्काल उपचार जरूरी
मेडिकल कॉलेज में कुत्ते के काटने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में रेबीज से बचाव के लिए समय पर चिकित्सा सलाह और आवश्यक टीकाकरण महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार पशु के काटने के बाद स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क कर पोस्ट-एक्सपोजर उपचार की जानकारी लेना जरूरी है।
अस्पताल में मरीजों और मौतों का ब्यौरा भी साझा किया
डॉ. प्रदीप सिंह ने मीडिया के समक्ष मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों, विभिन्न बीमारियों से संबंधित मामलों तथा अस्पताल में हुई मृत्यु के आंकड़ों की जानकारी भी साझा की। इन आंकड़ों का विस्तृत विवरण डॉ. प्रदीप सिंह की बाइट में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ही प्रकाशित किया जाएगा, ताकि किसी भी संख्या को अनुमान के आधार पर प्रस्तुत न किया जाए।
उन्होंने कहा कि लोगों को बीमारी अथवा सर्पदंश के मामलों में डरने के बजाय समय पर चिकित्सा सुविधा लेनी चाहिए।
🎙️ बाइट — डॉ. प्रदीप सिंह
एमएस, मेडिकल कॉलेज चंबा
"सांप के काटने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण है कि मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि समय पर आवश्यक उपचार दिया जा सके।"
Chamba, Chamba | Sep 24, 2026