शहीद हवलदार दयाराम गुर्जर की अस्थियां सोरों हरिपदी में हुईं विसर्जित, 7 वर्षीय बेटे अमन ने किया पिंडदान
सोरों, कासगंज। जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात बीएसएफ के शहीद हवलदार दयाराम गुर्जर की अस्थियां गुरुवार को तीर्थनगरी सोरों शूकर क्षेत्र स्थित हरिपदी आदि गंगा में विधि-विधान के साथ विसर्जित की गईं। शहीद के 7 वर्षीय पुत्र अमन ने हरिपदी पर पिंडदान एवं अस्थि विसर्जन की धार्मिक रस्में पूरी कीं।
तीर्थ पुरोहित गोपाल जी भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पिंडदान एवं अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि “सोरों की पवित्र हरिपदी आदि गंगा में अस्थि विसर्जन और पिंडदान का विशेष धार्मिक महत्व है। शहीद दयाराम गुर्जर जैसे वीर सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल मिले, यही प्रार्थना है। सात वर्षीय बेटे अमन द्वारा पिता का पिंडदान करना बेहद भावुक कर देने वाला क्षण रहा।”
अस्थि विसर्जन के लिए शहीद के परिजनों में चाचा शिवराम, रामबरन, माता बबली और बुआ सुफेदी सहित अन्य परिजन सोरों पहुंचे। हरिपदी के तट पर धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार का माहौल बेहद गमगीन रहा। परिजनों और मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताया गया कि हवलदार दयाराम गुर्जर (36 वर्ष) जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में बीएसएफ में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान 3 अगस्त 2026 को वह शहीद हो गए थे। इसके बाद बीएसएफ जवानों ने उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सैन्य सम्मान से अंतिम विदाई दी थी।
सोरों की पवित्र हरिपदी आदि गंगा में अस्थि विसर्जन के साथ शहीद हवलदार दयाराम गुर्जर को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।
मां भारती के वीर सपूत को शत-शत नमन।