छबील सेवा भारतीय संस्कृति की सेवा, समर्पण और परोपकार की उत्कृष्ट मिसाल-घनश्याम सर्राफ
निर्जला एकादशी पर शीतल पेय का दान भारतीय संस्कृति में महादान-डॉ पवन बुवानी वाला
धार्मिक आस्था का पर्व है निर्जला एकादशी-विजय किशन अग्रवाल
मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा-डॉ. संजय गोयल
निर्जला एकादशी पर वैश्य महाविद्यालय परिवार द्वारा लगाई मीठे दूध के शरबत की छबील राहगीरो ने भी खूब चखा प्रसाद।
भिवानी 25 जून 2026
गत वर्षो से निरन्तर सेवा में तत्पर वैश्य महाविद्यालय परिवार ने इस बार भी निर्जला एकादशी के पुण्य अवसर पर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर मीठे दूध व गुलाबयुक्त शरबत की छबील लगाकर आमजन की सेवा की। सुबह से ही राहगीरो की प्यास बुझाने के लिए लगाई गई छबील एक तरफ तो लोगो के कलेजे को ठंडक पहुंचा रही थी दूसरी तरफ स्वच्छता का संदेश भी दे रही थी।
छबील का शुभारंभ वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव पूर्व मंत्री एवं भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ,उपाध्यक्ष डॉ पवन बुवानी वाला,वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल, प्राचार्य डॉ संजय गोयल एवं कार्यालय अधीक्षक कमल भारद्वाज द्वारा किया गया।अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ.संजय गोयल ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई मानवता की सेवा वास्तव में सबसे बड़ी व सच्ची सेवा है उन्होंने कहा कि
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से साल भर की एकदशी का पुण्य प्राप्त हो जाता है। इस दिन कुछ विशेष चीजें दान करने से दुर्भाग्य दूर हो जाते है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव पूर्व मंत्री एवं भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ ने अपने संबोधन में कहा कि निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वैश्य महाविद्यालय परिवार द्वारा आयोजित मीठे दूध एवं शरबत की छबील सेवा भारतीय संस्कृति की सेवा, समर्पण और परोपकार की उत्कृष्ट मिसाल है। भीषण गर्मी में राहगीरों को शीतल पेय उपलब्ध कराना मानवता की सच्ची सेवा है।
वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ पवन बुवानी वाला ने अपने संबोधन में कहा कि निर्जला एकादशी के अवसर पर मीठे दूध एवं शरबत की छबील न केवल धार्मिक परंपराओं के निर्वहन का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी परिचायक है। जल एवं शीतल पेय का दान भारतीय संस्कृति में महादान माना गया है। ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।
वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के
ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि
निर्जला एकादशी केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि जनसेवा का भी संदेश देती है।
छबील सेवा में ठंडा व मीठे दूध व शरबत लेकर हर आते-जाते की तरफ सम्मान से दोड़ते हुए महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने आमजन की जमकर शाबाशी बटोरी। राहगीरों ने भी छबील का खूब आंनद उठाया।
हर बार की तरह इस बार भी छबील पर खासतौर पर हमने स्वच्छता अभियान को नजर में रखते हुए साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। इस अवसर पर
वैश्य महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।