₹5600 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, कानपुर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
72 बैंक खातों और 76 फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों के लेन-देन का आरोप, ₹65.26 लाख नकद बरामद
ऑनलाइन निवेश, डिजिटल अरेस्ट और सट्टेबाजी के नाम पर देशभर में ठगी का संदेह, जांच जारी
✒️ रिपोर्ट : संपादक महेंद्र सिंह हाडा कानपुर नगर
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों—शाहजेब वारिस (उर्फ शावेज़) और सलमान—को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में 72 बैंक खातों के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में लगभग ₹5600 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹65.26 लाख नकद, डिजिटल दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, शाहजेब को लुकआउट नोटिस के आधार पर हैदराबाद से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया, जबकि सलमान को कानपुर के चमनगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों ने कथित रूप से 76 फर्जी कंपनियां बनाकर और अनेक बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम को विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर ट्रांसफर किया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कथित तौर पर ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, बैंकिंग लेन-देन तथा अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस नेटवर्क से जुड़े कई मामलों की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और धन के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील
साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। किसी भी अनजान कॉल, लिंक, निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट या बैंक खाते से जुड़ी सूचना पर बिना पुष्टि विश्वास न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें। कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपेक्षा है कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर इसमें शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
✒️ रिपोर्ट : संपादक महेंद्र सिंह हाडा कानपुर नगर
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)
📅 दिनांक: 12 सितम्बर 2026
📆 दिन: शनिवार
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नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी और प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।