पत्नी को हुआ वर्टिगो, तो फिजियोथेरेपिस्ट पति ने कर डाली वर्टिगो पर पीएचडी
डॉ. भरत खत्री ने पीसी-बीपीपीवी पर किया शोध
बीकानेर। कभी-कभी किसी अपने की परेशानी जीवन की दिशा बदल देती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी बीकानेर के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भरत खत्री की है। पत्नी के वर्टिगो से जूझने और लंबे समय राहत नहीं मिलने के अनुभव ने उन्हें इस समस्या को गहराई से समझने और इसके उपचार के क्षेत्र में शोध करने के लिए प्रेरित किया। इसी व्यक्तिगत अनुभव से शुरू हुआ सफर अंततः वर्टिंगो, विशेष रूप से पीसी-बीपीपीवी पर पीएचडी पूरी करने तक पहुंचा। वटिंगो ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिस्तर से उठते या सोते समय चक्कर आने और अपने या आरंभ आसपास के वातावरण के घूमने जैसा महसूस होता है। डॉ. भरत खत्री ने अपने शोध गया। में पीसी-बीपीपीवी के मरीजों पर ध्यान केंद्रित किया। अध्ययन में पोस्टेरियर कैनाल क्ष श्री बीपीपीवी से निदान किए गए 105 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। शोध में इस संतुलन, चक्कर से होने वाली अक्षमता और जीवन की गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं बताते का आकलन किया गया। डॉ. खत्री के शोध का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें नादित केवल वर्टिंगो के तत्काल समाधान पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि मरीज के संतुलन, चक्कर से संबंधित अक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में होने वाले बदलावों को भी देखा गया। वर्टिंगो के कई मरीजों में चक्कर कम होने के बाद भी कुछ समय तक असंतुलन, गतिविधियों को लेकर डर या दैनिक कार्यों में परेशानी बनी रह सकती है। इसी कारण वेस्टिब्युलर रिहैबिलिटेशन को समझना और उसके संभावित योगदान का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना शोध का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। डॉ. भरत खत्री बताते हैं कि उनकी पत्नी को वर्टिगो की समस्या हुई और लंबे समय तक राहत नहीं मिलने के कारण उन्हें इस समस्या को लेकर व्यक्तिगत स्तर पर काफी कुछ समझने का अवसर एक मिला। एक फिजियोथेरेपिस्ट होने के नाते उन्होंने महसूस किया कि वर्टिंगो केवल चक्कर की समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकता है। यही अनुभव धीरे-धीरे उनके लिए शोध का विषय बन गया। उन्होंने वर्टिंगो के वैज्ञानिक पहलुओं, वेस्टिब्युलर रिहैबिलिटेशन औ मरीजों के कार्यात्मक परिणामों को समझने की दिशा में काम शुरू किया। व्यति अनुभव को वैज्ञानिक शोध में बदलते हुए उन्होंने अपनी पीएचडी पूरी की।