भारत में सरकारी नौकरी में आम तौर पर ज्यादा शैक्षणिक योग्यता को बेहतर माना जाता है, लेकिन क्या किसी पद के लिए तय अधिकतम शैक्षणिक योग्यता से ज्यादा पढ़ा-लिखा होना भी उम्मीदवार को अपात्र बना सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल पर महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट की है।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने General Manager (HR) & Anr. v. K. Poovarasan में एक स्नातक युवा की नौकरी खत्म करने पर सहमति दे दी, वह भी इसलिए कि जो ऑफिस अटेंडेंट की जॉब थी, उसकी योग्यता महज 8 वीं पास थी। इस मामले के तथ्य और शीर्ष अदालत के अवलोकन के बारे में जानना जरूरी है..
दरअसल मामला तमिलनाडु का है जहां एक संस्थान में एक अस्थायी ऑफिस अटेंडर की नियुक्ति निकाली गई। नियोक्ता ने रोजगार कार्यालय को भेजी मांग में साफ किया था कि उम्मीदवार ने कम से कम 8वीं कक्षा पास की हो लेकिन वह 12वीं/Intermediate या उससे अधिक योग्यता प्राप्त न कर चुका हो।
ऐसे में आवेदन करते वक्त स्नातक पास युवक ने नौकरी न मिलने की
Korba, Korba | Aug 24, 2026